The Central Board of Secondary Education (CBSE) successfully conducted the Class 12 Hindi Elective Exam 2026 on March 16, 2026. The CBSE Class 12 Hindi Elective Question Paper with Solution PDF is now available for download.

The CBSE Class 12 Hindi Elective paper covered important topics from Hindi literature, poetry, prose, grammar, and comprehension. Students were expected to demonstrate strong understanding of literary texts, critical analysis of poems and prose, and proper usage of Hindi grammar. The exam included objective questions, short answer questions, and long descriptive questions designed to assess students’ language proficiency and analytical skills.

CBSE Class 12 2026 Hindi Elective Question Paper with Solution PDF

CBSE Class 12 Hindi Elective Question Paper 2026 Download PDF Check Solution

Question 1:

देवसेना की हार और निराशा के मुख्य कारण क्या थे?

Correct Answer:
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Concept:
साहित्य में किसी पात्र की हार और निराशा अक्सर उसकी व्यक्तिगत परिस्थितियों, भावनात्मक संघर्षों और सामाजिक स्थितियों से जुड़ी होती है। देवसेना के जीवन में भी अनेक ऐसी परिस्थितियाँ उत्पन्न हुईं जिनके कारण उसे गहरी निराशा और मानसिक पीड़ा का सामना करना पड़ा।

Step 1: {\color{redप्रेम में असफलता

देवसेना का प्रेम सफल नहीं हो सका। उसके मन की भावनाएँ और अपेक्षाएँ पूरी नहीं हुईं, जिसके कारण उसे गहरा मानसिक आघात पहुँचा और उसके जीवन में निराशा उत्पन्न हुई।

Step 2: {\color{redपरिस्थितियों का प्रतिकूल होना

देवसेना के जीवन की परिस्थितियाँ उसके अनुकूल नहीं थीं। समाज और परिवार की स्थितियों के कारण वह अपने मन के अनुसार जीवन नहीं जी सकी।

Step 3: {\color{redआंतरिक मानसिक संघर्ष

अपने सपनों और वास्तविकता के बीच के अंतर के कारण देवसेना के मन में गहरा द्वंद्व उत्पन्न हुआ। यह मानसिक संघर्ष उसकी निराशा का एक प्रमुख कारण बना।

निष्कर्ष:

इस प्रकार प्रेम में असफलता, प्रतिकूल परिस्थितियाँ और आंतरिक मानसिक संघर्ष देवसेना की हार और निराशा के मुख्य कारण थे। Quick Tip: किसी पात्र की हार या निराशा से जुड़े प्रश्नों में \textbf{परिस्थितियाँ, भावनात्मक संघर्ष और सामाजिक कारण} स्पष्ट रूप से लिखने चाहिए।


Question 2:

निराला ने अपनी पुत्री के विवाह को 'विलक्षण' (अनोखा) क्यों कहा है?

Correct Answer:
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Concept:
साहित्य में किसी घटना को 'विलक्षण' या 'अनोखा' तब कहा जाता है जब वह सामान्य सामाजिक परंपराओं और रीति-रिवाजों से अलग हो। सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' के जीवन में उनकी पुत्री का विवाह भी ऐसी ही विशेष परिस्थितियों में हुआ था, इसलिए उन्होंने उसे 'विलक्षण' कहा।

Step 1: {\color{redसरल और सादगीपूर्ण विवाह

निराला ने अपनी पुत्री का विवाह अत्यन्त सादगी से किया। इसमें अनावश्यक आडंबर, खर्च या दिखावा नहीं था, जो उस समय के सामाजिक रीति-रिवाजों से भिन्न था।

Step 2: {\color{redदहेज प्रथा का विरोध

निराला सामाजिक कुरीतियों के विरोधी थे। उन्होंने दहेज जैसी प्रथा को स्वीकार नहीं किया और बिना दहेज के अपनी पुत्री का विवाह किया। यह उस समय की परंपरा से हटकर एक साहसिक कदम था।

Step 3: {\color{redसामाजिक रूढ़ियों से अलग दृष्टिकोण

उस समय विवाह में अनेक रूढ़ियाँ और औपचारिकताएँ प्रचलित थीं। निराला ने इन रूढ़ियों को महत्व नहीं दिया और अपने आदर्शों के अनुसार विवाह संपन्न कराया।

Step 4: {\color{redनिराला की प्रगतिशील सोच

निराला एक प्रगतिशील और समाज सुधारक विचारों वाले साहित्यकार थे। उनकी इसी सोच के कारण उनकी पुत्री का विवाह परंपरागत ढाँचे से अलग और अनोखा बन गया।

निष्कर्ष:

इस प्रकार सादगी, दहेज प्रथा का विरोध और सामाजिक रूढ़ियों से अलग दृष्टिकोण के कारण निराला ने अपनी पुत्री के विवाह को 'विलक्षण' अर्थात् अनोखा कहा है। Quick Tip: हिंदी साहित्य के प्रश्नों में यदि किसी घटना को \textbf{‘विलक्षण’ या ‘अनोखा’} कहा गया हो, तो उसके पीछे के \textbf{सामाजिक, व्यक्तिगत और वैचारिक कारणों} को स्पष्ट रूप से लिखना चाहिए।


Question 3:

राम के प्रति भरत के अनन्य प्रेम की किन्हीं दो विशेषताओं का वर्णन कीजिए।

Correct Answer:
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Concept:
भारतीय साहित्य में राम और भरत के संबंध को आदर्श भाईचारे का प्रतीक माना जाता है। भरत का राम के प्रति प्रेम निःस्वार्थ, समर्पित और अत्यंत गहरा है। उनका प्रेम केवल भावनात्मक नहीं बल्कि त्याग और धर्मपरायणता से भी परिपूर्ण है।

Step 1: {\color{redनिःस्वार्थ प्रेम और त्याग

भरत का राम के प्रति प्रेम पूर्णतः निःस्वार्थ था। जब उन्हें अयोध्या का राज्य मिला, तब उन्होंने उसे स्वीकार नहीं किया क्योंकि वह राम का अधिकार था। उन्होंने राज्य का लोभ त्यागकर अपने बड़े भाई के प्रति सच्चे प्रेम और सम्मान का परिचय दिया।

Step 2: {\color{redराम की आज्ञा और मर्यादा का पालन

भरत ने राम की मर्यादा और उनके निर्णय का सदैव सम्मान किया। उन्होंने राम को अयोध्या लौटने के लिए विनती की, परंतु जब राम ने वनवास पूर्ण करने का निश्चय किया, तब भरत ने उनकी खड़ाऊँ सिंहासन पर स्थापित कर स्वयं उनके प्रतिनिधि के रूप में राज्य का संचालन किया।

निष्कर्ष:

इस प्रकार भरत का राम के प्रति प्रेम निःस्वार्थ त्याग और मर्यादा एवं सम्मान जैसी विशेषताओं से परिपूर्ण था, जो आदर्श भाईचारे का श्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत करता है। Quick Tip: रामायण से संबंधित प्रश्नों में पात्रों के गुणों को बताते समय \textbf{त्याग, प्रेम, मर्यादा और धर्मपालन} जैसे प्रमुख मूल्यों को अवश्य उल्लेख करना चाहिए।


Question 4:

'बनारस' कविता में शहर की प्राचीनता और आधुनिकता का मिश्रण किस प्रकार दिखाया गया है?

Correct Answer:
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Concept:
किसी शहर की विशेषता उसके इतिहास, संस्कृति और वर्तमान जीवन के मेल से बनती है। 'बनारस' कविता में कवि ने इस शहर की प्राचीन धार्मिक परंपराओं और आधुनिक जीवन शैली दोनों को साथ-साथ प्रस्तुत किया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि बनारस एक ऐसा नगर है जहाँ अतीत और वर्तमान का सुंदर संगम दिखाई देता है।

Step 1: {\color{redप्राचीन धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएँ

कविता में बनारस की प्राचीनता को उसके मंदिरों, घाटों, गंगा नदी, आरती और सदियों पुरानी धार्मिक मान्यताओं के माध्यम से दर्शाया गया है। यहाँ की गलियाँ, तीर्थयात्रियों की भीड़ और पूजा-पाठ की परंपरा शहर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को प्रकट करती है।

Step 2: {\color{redआधुनिक जीवन के संकेत

कवि ने शहर के बदलते रूप को भी दिखाया है। बनारस में आधुनिक जीवन शैली, नई गतिविधियाँ, लोगों की भागदौड़ और समकालीन सामाजिक जीवन भी दिखाई देता है। इससे स्पष्ट होता है कि यह शहर समय के साथ बदलते हुए भी अपनी पहचान बनाए रखता है।

Step 3: {\color{redअतीत और वर्तमान का संगम

कविता में यह बताया गया है कि बनारस में प्राचीनता और आधुनिकता एक साथ विद्यमान हैं। एक ओर सदियों पुरानी धार्मिक परंपराएँ हैं, तो दूसरी ओर आधुनिक जीवन की गति भी दिखाई देती है। यही विशेषता इस शहर को अनोखा बनाती है।

निष्कर्ष:

इस प्रकार 'बनारस' कविता में शहर की प्राचीन धार्मिक परंपराएँ और आधुनिक जीवन शैली दोनों का सुंदर मिश्रण दिखाया गया है, जिससे बनारस की विशिष्ट पहचान स्पष्ट होती है। Quick Tip: साहित्यिक प्रश्नों में यदि किसी स्थान या शहर का वर्णन पूछा जाए, तो उसके \textbf{इतिहास, संस्कृति और वर्तमान जीवन} तीनों पहलुओं को शामिल करके उत्तर लिखना चाहिए।


Question 5:

बड़ी बहुरिया का संदेश ले जाते समय हरगोबिन के मन में क्या द्वंद्व चल रहा था?

Correct Answer:
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Concept:
कहानी में पात्रों के मन में उत्पन्न द्वंद्व उनकी भावनाओं, कर्तव्य और परिस्थितियों के बीच के संघर्ष को दर्शाता है। हरगोबिन के मन में भी बड़ी बहुरिया का संदेश ले जाते समय ऐसा ही मानसिक संघर्ष उत्पन्न होता है, जो उसकी संवेदनशीलता और निष्ठा को प्रकट करता है।

Step 1: {\color{redकर्तव्य और संवेदना के बीच संघर्ष

हरगोबिन बड़ी बहुरिया का संदेश उनके मायके पहुँचाने के लिए निकलता है। वह अपने कर्तव्य को निभाना चाहता है, लेकिन रास्ते में उसे बड़ी बहुरिया की दुखद स्थिति याद आती है, जिससे उसका मन व्यथित हो जाता है।

Step 2: {\color{redसंदेश पहुँचाने की चिंता

उसके मन में यह विचार भी चलता है कि यदि वह यह संदेश मायके वालों को पहुँचा देगा, तो उन्हें बड़ी बहुरिया की कठिन परिस्थितियों का पता चल जाएगा और वे बहुत दुखी होंगे।

Step 3: {\color{redसत्य बताने या न बताने की दुविधा

हरगोबिन के मन में यह द्वंद्व चलता रहता है कि क्या उसे संदेश ज्यों-का-त्यों पहुँचा देना चाहिए या बड़ी बहुरिया की पीड़ा को छिपा लेना चाहिए। वह समझ नहीं पाता कि सही क्या है।

निष्कर्ष:

इस प्रकार बड़ी बहुरिया का संदेश ले जाते समय हरगोबिन के मन में कर्तव्य निभाने और दूसरों को दुख से बचाने के बीच गहरा मानसिक द्वंद्व चल रहा था। Quick Tip: कहानी आधारित प्रश्नों में पात्र के \textbf{मानसिक द्वंद्व} को समझाने के लिए उसकी \textbf{भावनाएँ, कर्तव्य और परिस्थितियों के बीच के संघर्ष} को स्पष्ट रूप से लिखना चाहिए।


Question 6:

पारो और संभव की पहली मुलाकात का वर्णन लेखक ने किस प्रकार किया है?

Correct Answer:
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Concept:
कहानी में पात्रों की पहली मुलाकात अक्सर उनके संबंधों की शुरुआत और भावनात्मक वातावरण को दर्शाती है। लेखक इस मुलाकात को इस प्रकार प्रस्तुत करता है कि पाठक पात्रों के स्वभाव, उनकी स्थिति और उनके बीच बनने वाले संबंध को आसानी से समझ सके।

Step 1: {\color{redअचानक हुई मुलाकात

लेखक ने पारो और संभव की पहली मुलाकात को एक स्वाभाविक और अचानक घटित घटना के रूप में प्रस्तुत किया है। दोनों का सामना एक सामान्य परिस्थिति में होता है, जिससे कहानी की शुरुआत में ही रोचकता उत्पन्न हो जाती है।

Step 2: {\color{redसंकोच और जिज्ञासा का वातावरण

पहली मुलाकात के समय दोनों पात्रों के बीच हल्का संकोच और एक-दूसरे के प्रति जिज्ञासा दिखाई देती है। लेखक ने उनके भावों और हाव-भाव का वर्णन करके इस स्थिति को प्रभावशाली बनाया है।

Step 3: {\color{redसरल और भावनात्मक चित्रण

लेखक ने इस मुलाकात का चित्रण बहुत सरल और भावनात्मक शैली में किया है। इससे पाठकों को ऐसा लगता है जैसे वे स्वयं उस दृश्य को देख रहे हों।

निष्कर्ष:

इस प्रकार लेखक ने पारो और संभव की पहली मुलाकात को स्वाभाविक, संकोचपूर्ण और भावनात्मक वातावरण में प्रस्तुत किया है, जिससे कहानी की शुरुआत प्रभावशाली और रोचक बन जाती है। Quick Tip: कहानी में किसी पात्र की पहली मुलाकात का वर्णन करते समय \textbf{परिस्थिति, पात्रों की भावनाएँ और वातावरण} तीनों का उल्लेख करना चाहिए।


Question 7:

'कुटज' को 'अपराजेय जिजीविषा' (जीने की इच्छा) का प्रतीक क्यों माना गया है?

Correct Answer:
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Concept:
साहित्य में प्रकृति के विभिन्न तत्वों का उपयोग प्रतीक के रूप में किया जाता है। किसी पौधे या वृक्ष को जीवन-संघर्ष और दृढ़ता के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। 'कुटज' भी ऐसा ही पौधा है, जिसे कठिन परिस्थितियों में भी जीवित रहने की क्षमता के कारण अपराजेय जिजीविषा का प्रतीक माना गया है।

Step 1: {\color{redकठिन परिस्थितियों में भी उगने की क्षमता

कुटज का पौधा अक्सर पथरीली भूमि, सूखी जगहों और कठिन प्राकृतिक परिस्थितियों में भी उग जाता है। जहाँ अन्य पौधों का जीवित रहना कठिन होता है, वहाँ भी यह अपनी जीवन शक्ति बनाए रखता है।

Step 2: {\color{redजीवन शक्ति और दृढ़ता का प्रतीक

कठिन परिस्थितियों के बावजूद कुटज का हरा-भरा बने रहना उसकी अद्भुत जीवन शक्ति को दर्शाता है। यह मनुष्य को संघर्ष करते हुए भी जीवन के प्रति आशा और साहस बनाए रखने की प्रेरणा देता है।

Step 3: {\color{redप्रेरणादायक संदेश

कुटज यह संदेश देता है कि जीवन में चाहे कितनी भी कठिनाइयाँ क्यों न हों, मनुष्य को हार नहीं माननी चाहिए। संघर्ष करते हुए आगे बढ़ना ही सच्ची जिजीविषा है।

निष्कर्ष:

इस प्रकार कुटज कठिन परिस्थितियों में भी जीवित रहने की अपनी क्षमता और अटूट जीवन शक्ति के कारण 'अपराजेय जिजीविषा' का प्रतीक माना गया है। Quick Tip: प्रतीकात्मक प्रश्नों में किसी वस्तु या प्राकृतिक तत्व को समझाते समय उसकी \textbf{विशेषताओं और उससे मिलने वाली जीवन-प्रेरणा} को स्पष्ट रूप से लिखना चाहिए।


Question 8:

लेखक ने कोइया (जलपुष्प) और सांपों के प्रति अपने बचपन के अनुभवों को कैसे साझा किया है?

Correct Answer:
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Concept:
संस्मरणात्मक लेखन में लेखक अपने बचपन की स्मृतियों और अनुभवों को सरल, रोचक और भावनात्मक शैली में प्रस्तुत करता है। ऐसे वर्णनों के माध्यम से पाठक लेखक के बचपन की परिस्थितियों, भावनाओं और प्रकृति से उसके संबंध को समझ पाता है।

Step 1: {\color{redप्रकृति के प्रति आकर्षण

लेखक अपने बचपन में तालाबों और जलाशयों के पास उगने वाले कोइया (जलपुष्प) के प्रति अपने आकर्षण का वर्णन करता है। वह बताता है कि इन फूलों को देखकर उसे बहुत आनंद और उत्साह होता था।

Step 2: {\color{redसांपों के प्रति जिज्ञासा और भय

लेखक अपने बचपन के अनुभवों में यह भी बताता है कि तालाबों और आसपास के स्थानों पर सांप दिखाई देते थे। उन्हें देखकर उसके मन में एक साथ जिज्ञासा और भय दोनों उत्पन्न होते थे।

Step 3: {\color{redरोचक और जीवंत वर्णन

लेखक ने अपने इन अनुभवों को अत्यंत रोचक और जीवंत शैली में प्रस्तुत किया है। इससे पाठकों को ऐसा अनुभव होता है मानो वे भी लेखक के साथ उन घटनाओं को देख और महसूस कर रहे हों।

निष्कर्ष:

इस प्रकार लेखक ने कोइया (जलपुष्प) और सांपों से जुड़े अपने बचपन के अनुभवों को सरल, रोचक और भावनात्मक शैली में साझा किया है, जिससे उसके बचपन की स्मृतियाँ जीवंत हो उठती हैं। Quick Tip: संस्मरण आधारित प्रश्नों में उत्तर लिखते समय \textbf{बचपन की घटनाएँ, भावनाएँ और वातावरण} का उल्लेख अवश्य करना चाहिए।

 

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