The NEET 2026 Question Paper in Hindi is available here. NTA conducted the NEET 2026 exam on May 3 in a single shift from 2 PM to 5 PM. The NEET question paper consists of 180 questions for 720 marks to be attempted in 3 hours.
- NEET Question Paper 2026 will be divided into 3 sections- Physics (45 questions), Chemistry (45 questions), and Biology (90 questions).
- Each correct answer carries 4 marks, and an incorrect answer has a negative marking of 1.
Candidates can download the NEET 2026 Question Paper in Hindi with Answer Key and Solution PDF from the links provided below
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NEET 2026 Question Paper in Hindi with Solution PDF
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एक 100 फेरों वाली पास-पास सटी हुई, वृत्ताकार कुंडली त्रिज्या 5 cm और केन्द्र पर चुम्बकीय क्षेत्र 3.14 × 10⁻³ T है। कुंडली से प्रवाहित होने वाली धारा और कुंडली के चुम्बकीय आघूर्ण का परिमाण क्रमशः हैं:
(\(\mu_0 = 4\pi \times 10^{-7}\) T m/A लीजिए)
सूची I को सूची II के साथ सुमेलित कीजिए :
सूची I & सूची II
A. & \(E=h\nu\) & I. & दे ब्रॉग्ली तरंगदैर्ध्य
B. & विवर्तन और व्यतिकरण & II. & प्रकाश की कणीय प्रकृति
C. & \(\lambda=h/p\) & III. & प्रकाश की तरंग प्रकृति
D. & कॉम्पटन प्रभाव & IV. & फोटॉन की ऊर्जा
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
नीचे दिखाए गए परिपथ में विद्युत धारा I है: (सभी डायोड आदर्श और समान हैं)
प्रकाश की चाल निर्वात में इकाई मानने पर, यदि प्रकाश, सूर्य से पृथ्वी तक पहुँचने में 6 मिनट 40 सेकंड लेता है, तो सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी नई इकाई में है:
निम्नलिखित आरेख, ऊर्ध्वाधर ऊपर फेंकी गई एक गेंद का ऊपर जाते हुए और वापस नीचे गिरते हुए वेग (v) का समय (t) के साथ परिवर्तन को दर्शाते हैं। निम्नलिखित में से कौन-सा/से आरेख सही है/हैं?
एक वर्नियर कैलिपर्स में 20 VSD, 16 MSD (प्रति विभाजन की लंबाई 1 mm है) के संपाती हैं। वर्नियर कैलिपर्स का अल्पतमांक है:
एक प्रत्यावर्ती धारा (ac) परिपथ में, एक 1 kΩ का प्रतिरोध, एक 0.1 µF का संधारित्र और एक 1 mH का प्रेरक श्रेणीक्रम में जुड़े हैं। परिपथ की अनुनादी आवृत्ति लगभग है:
नीचे दिया गया चित्र, एक लम्बा, सीधा ठोस तार, जिसके वृत्ताकार अनुप्रस्थ-काट की त्रिज्या 'a' है और जो एक स्थायी धारा I वहन कर रहा है, को दर्शाता है। धारा I, अनुप्रस्थ-काट के आर-पार एकसमान रूप से वितरित है। वह आरेख, जो चुम्बकीय क्षेत्र (B) के, चालक के अक्ष से दूरी (r) पर परिवर्तन को सही निरूपित करता है, वह है:
एक एकसमान धात्विक तार, जिसका प्रतिरोध 4Ω है, को एक वर्गाकार लूप (ABCD) (चित्र देखें) के रूप में मोड़ा गया। एक 2Ω का प्रतिरोध बिंदुओं B और D के बीच जोड़ा गया और एक 2 V की बैटरी को बिंदुओं A और C के आरपार जोड़ा गया जैसा कि चित्र में दिखाया गया है। अब धारा (I) का मान है:
एक अज्ञात नाभिक का, नाभिकीय घनत्व 2.29 × 10¹⁷ kg/m³ और द्रव्यमान 19.926 × 10⁻²⁷ kg है। उसकी द्रव्यमान संख्या A लगभग है:
(R₀ = 1.2 × 10⁻¹⁵ m, 4π/3 ≈ 4.19 लीजिए)
(Note: The OCR is slightly garbled, but the context is clear. Using 4π/3 ≈ 4.19 which is a more standard approximation than 12.56)
एक तार का आयताकार पाश (लूप) जिसकी भुजाएँ 8 cm और 3 cm हैं और उस पर एक छोटा सा 'कट' है, वह एक एकसमान चुंबकीय क्षेत्र जिसका परिमाण 0.3 T है तथा पाश के तल के लंबवत दिष्ट है, के क्षेत्र से बाहर की ओर गति कर रहा है। यदि पाश का वेग 2 cm s⁻¹ है, तो 'कट' के आर-पार पाश की छोटी भुजा के लंबवत दिशा में उत्पन्न वि.वा. बल (emf) होगा:
एक 100 Ω प्रतिरोध का गैल्वेनोमीटर, 1 mA विद्युत धारा के लिए पूर्ण पैमाना (स्केल) विक्षेपण देता है। इसे एक 0 - 10 A परास के ऐमीटर में परिवर्तित किया जाता है। आवश्यक शंट (पार्श्व पथ) का मान है:
यंग के द्विझिरी प्रयोग में, \(\lambda\) तरंगदैर्ध्य का एकवर्णी प्रकाश प्रयोग करने पर, परदे पर एक बिंदु पर, जहाँ पथ-अंतर (पथांतर) \(\lambda\) है, प्रकाश की तीव्रता K इकाई है। तो किसी दूसरे बिंदु पर जहाँ पथांतर \(\lambda/3\) है, प्रकाश की तीव्रता होगी:
एक 5 kg द्रव्यमान के पिण्ड पर, जब दो परस्पर लंबवत बल 8 N और 6 N आरोपित किए जाते हैं, तो उत्पन्न त्वरण के परिमाण और दिशा क्रमशः होंगे:
पाँच संधारित्र जिनकी धारिताएँ \(C_1=C_2=C_3=C_4=10 \, \mu F\) और \(C_5=2.5 \, \mu F\) हैं, को 50 V की बैटरी के साथ जोड़ा गया है जैसा कि चित्र में दिखाया गया है। तुल्य धारिता और प्रत्येक संधारित्र पर आवेश का मान क्रमशः हैं:
एक मीटर ब्रिज (सेतु) प्रयोग में (चित्र देखें), सेल E और गैल्वेनोमीटर G के स्थान बदल दिए जाते हैं। हमें गैल्वेनोमीटर में अवलोकित होगा:
एक क्रेन, जो 1000 kg के द्रव्यमान को 20 m की ऊँचाई तक 10 s में उठाती है, की शक्ति है। (\(g=9.8 \, m/s^2\))
सूची I को सूची II के साथ सुमेलित कीजिए:
सूची I & सूची II
A. & यंग गुणांक & I. & \(-\frac{\Delta V/V}{\Delta P}\)
B. & संपीड्यता & II. & \(\frac{F/A}{\Delta L/L}\)
C. & आयतन गुणांक & III. & \(-\frac{\Delta d/d}{\Delta L/L}\)
D. & प्वासों अनुपात & IV. & \(-\frac{\Delta V/V}{F/A}\)
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
एक अवतल लेंस में, बिंब से निकलने वाले प्रकाश की एक किरण, जो लेंस के मुख्य अक्ष के समानांतर है, वह अपवर्तन के पश्चात :
'L' लम्बाई एवं 'm' रेखीय द्रव्यमान घनत्व वाले पतले तार को मोड़कर एक वृत्ताकार वलय (पेरा) बनाया जाता है, जिसे 'C' केन्द्र पर x-y तल में चित्रानुसार रखा जाता है। अक्ष yy' के परितः वलय का जड़त्व आघूर्ण होगा :
5.580 kg द्रव्यमान के धात्विक घन की प्रत्येक भुजा 9.0 cm मापी गई है। सार्थक अंकों को ध्यान में रखते हुए, घन के पदार्थ का घनत्व सबसे अच्छी तरह से x x \(10^3\) kg m\(^{-3}\) में अभिव्यक्त किया जा सकता है, जहाँ X का मान है:
एक प्रगामी गुणावृत्ति (हार्मोनिक) तरंग के लिए \(y(x, t) = 2.0 \cos 2\pi(10t - 0.0080x + 0.35)\) है, जहाँ x और y, cm में हैं और t सेकण्ड में है। दोलन करती हुई इस तरंग के दो बिंदु, जो कि एक-दूसरे से 0.5 m की दूरी पर हैं, के बीच का कलांतर है:
एकवर्णी प्रकाश की एक किरण, एक समबाहु प्रिज्म (ABC) से गुज़र रही है, जैसा कि चित्र में दर्शाया गया है। अपवर्तित किरण (QR) आधार (BC) के समांतर है और आपतन कोण (i) 50° है। तो विचलन कोण (\(\delta\)) है :
नीचे दिखाए गए परिपथ में डायोड D के सिरों पर प्रकट वोल्टता का रूप कैसा होगा :
एक सरल लोलक के लिए, जिसका आवर्त-काल T है, गतिज ऊर्जा (K.E.) का समय (t) के साथ विचरण किसके द्वारा निरूपित किया जाता है?
एक प्रतिरोधक को, 12 V वि.वा. बल (emf) और 2 \(\Omega\) के आंतरिक प्रतिरोध वाली एक बैटरी से जोड़ा गया है। यदि परिपथ में विद्युत धारा 0.6 A है, तो बैटरी की टर्मिनल वोल्टता है:
एक 'm' द्रव्यमान को, पृथ्वी की सतह से, पृथ्वी की त्रिज्या 'R' के बराबर ऊँचाई तक उठाने में किया गया कार्य होगा :
एक वैद्युत तापक (हीटर) एक निकाय को 100 W की दर से ऊष्मा प्रदान करता है। यदि निकाय 75 J/s की दर से कार्य करता है, तो वह दर जिससे आंतरिक ऊर्जा बढ़ती है, वह होगी :
एक कक्ष तापक (रूम हीटर) को 400 W, 220 V निर्धारित किया गया। यदि संभरण वोल्टता 200 V तक गिर जाती है, तो उपभोग की गई शक्ति (लगभग) है :
जब एक रेखनी (रूलर) ऊर्ध्वाधर गिरती है, तो 5 विभिन्न व्यक्ति उसे विभिन्न प्रतिक्रिया-कालों के साथ पकड़ते हैं। (g = 9.8 m s\(^{-2}\))
A. A व्यक्ति का प्रतिक्रिया-काल 0.20 s है।
B. B व्यक्ति का प्रतिक्रिया-काल 0.22 s है।
C. C व्यक्ति का प्रतिक्रिया-काल 0.18 s है।
D. D व्यक्ति का प्रतिक्रिया-काल 0.19 s है।
E. E व्यक्ति का प्रतिक्रिया-काल 0.21 s है।
प्रत्येक व्यक्ति के लिए, रेखनी द्वारा तय की गई दूरी का, सही क्रम क्या है ?
200 pF की समान धारिता वाले दो अनावेशित संधारित्र हैं। इनमें से एक को 100 V के स्रोत से आवेशित करके हटा दिया जाता है, फिर इसे अनावेशित संधारित्र से जोड़ा जाता है। इस प्रक्रम में ह्रास हुई स्थिरवैद्युत ऊर्जा की मात्रा है:
कक्षा XI की एक छात्रा सविधा ने, सरल लोलक की प्रभावी लंबाई L को निर्धारित करने का प्रयोग करते हुए, 30 दोलनों को पूर्ण करने का समय 60 s मापा, तो उस सरल लोलक की निकाली गई लम्बाई होगी: (\(\pi^2 = 9.8\) और g = 9.8 m/s\(^2\) लीजिए)
एक प्रत्यावर्ती धारा का शिखर मान 5A और आवृत्ति 60 Hz है। धारा को शून्य से प्रारंभ करने के पश्चात शिखर मान पहुँचने में कितना समय लगेगा?
व्यतिकरण और विवर्तन में, प्रकाश की ऊर्जा का पुनर्वितरण होता है। यह अदीप्त फ्रिंज उत्पन्न करते समय यदि एक क्षेत्र में घटती है, तो दीप्त फ्रिंज उत्पन्न करते समय दूसरे क्षेत्र में बढ़ती है।
A. क्योंकि ऊर्जा में कोई लाभ अथवा हानि नहीं होती है, इसलिए ये परिघटनाएँ ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत के अनुकूल हैं।
B. व्यतिकरण और विवर्तन विशेषताएँ हैं, जो केवल प्रकाश तरंगें दर्शाती हैं।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
एक 15 kg द्रव्यमान के डिब्बे को एक स्थिर ट्रॉली की सतह पर रखा गया है। डिब्बे और ट्रॉली के बीच, स्थैतिक घर्षण गुणांक 0.12 है। ट्रॉली के ऊपर डिब्बे को स्थिर अवस्था में रखते हुए m s\(^{-2}\) में जिस अधिकतम त्वरण के साथ ट्रॉली को क्षैतिज दिशा में गतिशील किया जा सकता है, वह है : (g = 10 m/s\(^2\))
एक सरल लोलक के गोलक की गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा का योग 0.02 जूल है। साम्य (संतुलन) स्थिति पर, सरल लोलक के गोलक की चाल लगभग है: (मान लीजिए गोलक का द्रव्यमान = 20 g)
चार कथन दिए गए हैं (A द्रव्यमान संख्या है) :
A. एक नाभिक का आयतन A\(^{1/3}\) के समानुपाती होता है।
B. एक नाभिक का आयतन A के समानुपाती होता है ।
C. एक परमाणु के द्रव्यमान और उसके नाभिक के द्रव्यमान में अंतर द्रव्यमान क्षति कहलाता है।
D. नाभिक के द्रव्यमान और उसके घटकों के कुल द्रव्यमान में अंतर द्रव्यमान क्षति कहलाता है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।
एक गतिपालक चक्र (फ्लाई व्हील) की कोणीय चाल 10 s में 600 rpm से 1200 rpm तक बढ़ाई जाती है। इस समय के दौरान, गतिपालक चक्र द्वारा पूर्ण (पूरे) किए गए परिक्रमणों की संख्या है:
एक पनडुब्बी इस तरह बनाई गई है कि वह 100 atm निरपेक्ष (परम) दाब को सहन कर सके। वह पानी की सतह के कितनी गहराई तक जा सकती है? (मान लीजिए पानी का घनत्व = 1000 kg/m\(^3\), 1 atm = 1 \( \times \) 10\(^5\) Pa और गुरुत्वीय त्वरण g = 10 m/s\(^2\))
सूची I को सूची II के साथ सुमेलित कीजिए :
\begin{tabular}{ll}
\textbfसूची I} & \textbfसूची II}
\textbf{(विद्युत-चुंबकीय तरंगें)} & \textbf{(उत्पादन)}
A. सूक्ष्म-तरंगें & I. परमाणुओं में इलेक्ट्रॉन जब उच्चतर ऊर्जा स्तर से
& निम्नतर ऊर्जा स्तर पर संक्रमण करते हैं, तो प्रकाश
& उत्सर्जित करते हैं
B. दृश्य प्रकाश & II. नाभिकों का रेडियोऐक्टिव क्षय
C. गामा किरणें & III. परमाणुओं और अणुओं के कंपन
D. अवरक्त किरणें & IV. क्लाइस्ट्रॉन वाल्व या मेग्नेट्रॉन वाल्व
}
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :
निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?
A. एक चालक के भीतर स्थिरवैद्युत क्षेत्र शून्य होता है।
B. आवेशित चालक के पृष्ठ पर विद्युत क्षेत्र उसके पृष्ठीय आवेश घनत्व पर निर्भर नहीं करता।
C. एक आवेशित चालक के भीतर, स्थिर स्थिति में कोई आधिक्य आवेश नहीं हो सकता।
D. आवेशित चालक के पृष्ठ पर, प्रत्येक बिंदु पर, स्थिरवैद्युत क्षेत्र पृष्ठ के लंबवत होना चाहिए।
E. आवेशित चालक के भीतर, प्रत्येक स्थान पर स्थिरवैद्युत विभव शून्य होता है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
6.6 eV कार्य फलन वाले एक धातु के लिए, निम्नलिखित में से कौन-सी तरंगदैर्ध्यों की आपतित विकिरणें, प्रकाश-विद्युत प्रभाव नहीं दर्शाएँगी ? (प्लांक नियतांक 6.6 \( \times \) 10\(^{-34}\) J s लीजिए)
हाइड्रोजन परमाणु की प्रथम उत्तेजित अवस्था में, उसके इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा -3.4 eV है। इस स्थिति में, हाइड्रोजन नाभिक से इलेक्ट्रॉन की त्रिज्य दूरी लगभग है : (1 eV = 1.6 \( \times \) 10\(^{-19}\) J, e = 1.6 \( \times \) 10\(^{-19}\) C और \( \frac{1}{4\pi\epsilon_0} \) = 9 \( \times \) 10\(^9\) N m\(^2\)/C\(^2\) लीजिए)
नीचे दो कथन दिए गए हैं:
A. जब एक p-n संधि डायोड के सिरों के बीच, अग्रदिशिक बायस वोल्टता एक निश्चित मान की देहली वोल्टता से अधिक बढ़ती है, तो डायोड की धारा में सार्थक वृद्धि होती है।
B. इस धारा को प्रतीप संतृप्त धारा कहते हैं।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
एक फ्लास्क में, आर्गन और क्लोरीन, 2 : 1 द्रव्यमान के अनुपात में हैं। मिश्रण का तापमान 27\(^{\circ}\)C है। दोनों गैसों के अणुओं की वर्ग माध्य मूल चालों का अनुपात \( \frac{v_{rms}(आर्गन)}{v_{rms}(क्लोरीन)} \) है: (आर्गन का परमाणु द्रव्यमान = 40.0 u और क्लोरीन का आण्विक द्रव्यमान = 70.0 u है)
सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए :
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
अभिक्रियाओं के निम्नलिखित क्रम में बना मुख्य उत्पाद Z है :
\( C_6H_6 \xrightarrow[UV प्रकाश]{Cl_2} X \xrightarrow{NH_3} Y \xrightarrow[(i) NaNO_2, HCl]{(ii) H_2O} Z \)
किसी गुणात्मक विश्लेषण में, \( Bi^{3+} \) की पहचान \( BiO(OH)(s) \) के अवक्षेप के दिखाई देने से की जाती है। 298 K पर, जब निम्नलिखित साम्यावस्था उपस्थित होती है, तब pH परिकलित कीजिए:
\( BiO(OH)(s) \rightleftharpoons BiO^+ (aq) + OH^- (aq) \), \( K_{sp} = 4 \times 10^{-10} \)
(दिया गया है: log 2 = 0.3010)
जब \( CO_2 \) गैस के 1 dm\(^3\) को तप्त कोक पर गुजारा जाता है, तब अभिक्रिया पूर्ण होने पर STP पर गैसीय मिश्रण का आयतन 1.4 dm\(^3\) हो जाता है। STP पर गैसीय मिश्रण का संघटन है :
सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए :
\begin{tabular}{lclc}
\multicolumn{2}{c}{\textbfसूची I}} & \multicolumn{2}{c}{\textbfसूची II}}
\multicolumn{2}{c}{\textbf{(क्वांटम संख्याएँ)}} & \multicolumn{2}{c}{\textbf{(कक्षक)}}
& 'n' & 'l' &
A. & 2 & 1 & I. 3d
B. & 4 & 0 & II. 2p
C. & 5 & 3 & III. 4s
D. & 3 & 2 & IV. 5f
}
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :
निम्नलिखित अभिक्रियाओं में कार्बनिक उत्पादों X और Y में उपस्थित क्लोरीन परमाणुओं की संख्याएँ क्रमशः हैं:
निम्नलिखित अभिक्रिया क्रम में, X और Z क्रमशः हैं:
\( CH_3CH_2CH_2-OH + PCl_5 \rightarrow CH_3CH_2CH_2Cl + X + HCl \)
\( \downarrow ऐल्कोहॉली KOH, \Delta \)
\( Z \xleftarrow[(CH_3CO)_2O_2]{HBr} Y \)
सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए :
\begin{tabular}{ll}
\textbfसूची I} & \textbfसूची II}
\textbf{(संक्रमण धातु/यौगिक/संकुल)} & \textbf{(उत्प्रेरकी कार्य)}
A. \( V_2O_5 \) & I. \( N_2/H_2 \) मिश्रण से अमोनिया का विरचन
B. Fe & II. ऐल्काइनों का बहुलकन
C. \( PdCl_2 \) & III. \( SO_2 \) से \( H_2SO_4 \) का विरचन
D. Ni संकुल & IV. एथाइन का एथेनैल में ऑक्सीकरण
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
निम्नलिखित विकल्पों में से \( CIF_3 \) के बारे में सही कथन पहचानिए :
नीचे दिए गए अर्ध सेल का वि.वा. बल (emf) परिकलित कीजिए:
\( Pt(s) | H_2 (g, 2 atm) | HCl (aq, 0.02 M) \)
\( (E_{H^+/H_2}^{\circ} = 0 \, V) \)
(दिया गया है: \( \frac{2.303 RT}{F} = 0.059 \), log 2 = 0.3010)
सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए:
\begin{tabular}{ll}
\textbfसूची I} & \textbfसूची II}
\textbf{(अभिक्रिया की कोटि)} & \textbf{(वेग स्थिरांक के मात्रक)}
A. शून्य कोटि & I. \( mol^{-1} \, L \, s^{-1} \)
B. प्रथम कोटि & II. \( mol^{-2} \, L^2 \, s^{-1} \)
C. द्वितीय कोटि & III. \( s^{-1} \)
D. तृतीय कोटि & IV. \( mol \, L^{-1} \, s^{-1} \)
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
\( Ti^{3+} \) (3d\(^1\)) का परिकलित 'प्रचक्रण-मात्र' चुंबकीय आघूर्ण है :
निम्नलिखित अभिक्रिया क्रम में दो उत्पाद X और Y बनते हैं:
\( बेंजीन + CH_3Cl \xrightarrow{निर्जल AlCl_3} W \xrightarrow[गर्म करने पर]{तनु HNO_3 + तनु H_2SO_4} X + Y \)
उत्पादों X और Y को पृथक करने के लिए उपयोगी उचित विधि है :
एक बल्ब 150 watt निर्धारित है और यह 8% ऊर्जा प्रकाश में परिवर्तित करता है। यदि एक फ़ोटॉन की ऊर्जा \( 4.42 \times 10^{-19} \) J हो, तो बल्ब से प्रति सेकंड कितने फ़ोटॉन उत्सर्जित होते हैं?
एक परखनली जिसमें लवण रखा है, कुछ बूँदें तनु \( H_2SO_4 \) की मिलाई गईं, जिससे रंगहीन वाष्प प्राप्त हुए जिनकी सिरके जैसी गंध थी। वाष्पों ने नीले लिटमस पत्र को लाल कर दिया। निम्नलिखित में से सही ऋणायन की पहचान कीजिए :
उन अभिकर्मकों का चयन कीजिए जो नाइट्राइलों को प्राथमिक ऐमीनों में अपचित करते हैं।
A. (i) LiAlH\(_4\); (ii) H\(_2\)O
B. Sn + HCl
C. H\(_2\)/Ni
D. Na(Hg)/C\(_2\)H\(_5\)OH
E. Br\(_2\)/जलीय NaOH
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
निम्नलिखित में से ग़लत कथन पहचानिए :
हालाँकि लैंथेनॉयडों में +3 ऑक्सीकरण अवस्था सबसे अधिक सामान्य रूप से पाई जाती है, फिर भी सीरियम +4 ऑक्सीकरण अवस्था प्रदर्शित करता है क्योंकि :
लैसें परीक्षण के दौरान, किसी कार्बनिक यौगिक में उपस्थित तत्त्व परिवर्तित होते हैं :
5.4 g यूरिया में उपस्थित हाइड्रोजन परमाणुओं की संख्या है:
(दिया गया है: यूरिया का मोलर द्रव्यमान: 60 g mol\(^{-1}\), N\(_A\): 6.022 \(\times\) 10\(^{23}\) कण प्रति मोल)
निम्नलिखित में से अणुओं का वह युग्म जो मध्यावयवी हैं, है :
निम्नलिखित में से ग़लत कथन पहचानिए :
फ़ीनॉलफ्थैलीन को सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन और मानक ऑक्सैलिक अम्ल विलयन के बीच अनुमापन के लिए सूचक के रूप में उपयोग किया जाता है। इस अनुमापन के दौरान, वह रंग परिवर्तन जो तुल्य बिंदु के पास क्षारीय pH पर प्रेक्षित होता है, है:
सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए :
\begin{tabular{ll
सूची I & सूची II
A. C\(_2\)H\(_4\) & I. 3\(\sigma\) आबंध, 2 \(\pi\) आबंध
B. C\(_2\)H\(_2\) & II. 3\(\sigma\) आबंध, एक एकाकी युग्म
C. CH\(_4\) & III. 4\(\sigma\) आबंध
D. NH\(_3\) & IV. 5\(\sigma\) आबंध, 1 \(\pi\) आबंध
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
किसी निश्चित ताप, T (K) पर, प्रक्रिया के दौरान, निकाय द्वारा 500 J अवशोषित किए गए और निकाय द्वारा 200 J कार्य किया गया। तब, निकाय का आंतरिक ऊर्जा परिवर्तन है :
मेथेन, निकेल उत्प्रेरक की उपस्थिति में 1273 K पर, भाप के साथ अभिक्रिया करके बनाती है:
यौगिक P (C\(_8\)H\(_8\)O) 2,4-डीएनपी अभिकर्मक के साथ एक लाल नारंगी अवक्षेप देता है और यह फेलिंग अभिकर्मक (विलयन) को अपचित नहीं करता है। क्रोमिक अम्ल के साथ उग्र (प्रबल) ऑक्सीकरण से P एक ऐरोमैटिक उत्पाद Q देता है जो जलीय NaHCO\(_3\) के साथ उपचारित करने पर तीव्र बुदबुदाहट देता है। यौगिक P और Q क्रमशः हैं:
कॉपर सल्फेट के एक विलयन को 1.5 ऐम्पियर की विद्युत धारा के साथ 10 मिनट के लिए विद्युत-अपघटित किया जाता है। कैथोड पर निक्षेपित कॉपर का द्रव्यमान है:
(दिया गया है : कॉपर (Cu) का मोलर द्रव्यमान = 63 g mol\(^{-1}\); 1F = 96487 C mol\(^{-1}\))
बैलीन रंजक परीक्षण से जिस प्रकार्यात्मक समूह की पहचान की जा सकती है, वह है :
DNA/RNA की द्वितीयक संरचना के संबंध में सही कथन है:
सही कथनों को पहचानिए:
A. 2.5 g एथेनॉइक अम्ल (मोलर द्रव्यमान 60 g mol\(^{-1}\)) की 75 g बेन्जीन विलयन में मोललता 0.556 m है।
B. 298 K पर 5 g NaOH (मोलर द्रव्यमान : 40 g mol\(^{-1}\)) वाले 450 mL विलयन की मोलरता 0.278 M है।
C. जलीय स्पीशीज ठंडे जल में अधिक आरामदायक रूप से रहती है।
D. गैसों की विलेयता दाब में कमी के साथ बढ़ती है।
E. A और B के किसी द्वि-अंगी मिश्रण में, A और B के मोलों की संख्याएँ क्रमशः n\(_A\) और n\(_B\) हैं। B का मोल-अंश, x\(_B\) = \(\frac{n_A}{n_A + n_B}\) होगा।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
क्लोरोफॉर्म और ऐसीटोन का मिश्रण एक विलयन बनाता है जो राउल्ट नियम से ऋणात्मक विचलन प्रदर्शित करता है जिसका कारण है:
298 K पर, एक बफर विलयन में X\(^-\) और HX की समान सांद्रताएँ उपस्थित हैं और X\(^-\) के लिए K\(_b\) = 10\(^{-10}\) है। इस बफर विलयन का pH क्या है?
निम्नलिखित में से ग़लत कथन पहचानिए।
Na, Be, P, Mg और Si के धात्विक लक्षण का सही बढ़ता क्रम है:
निम्नलिखित यौगिक का सही आई.यू.पी.ए.सी. नाम है:
CH\(_3\)-CH\(_2\)-CH(CH\(_2\)CH\(_3\))-CH\(_2\)-CH(CH\(_3\))-CH\(_2\)-CH\(_3\)
सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए :
\begin{tabular{ll
सूची I (संकुल/आयन) & सूची II (आकृति/ज्यामिति)
A. [Pt(Cl)\(_2\)(NH\(_3\))\(_2\)] & I. अष्टफलकीय
B. [Co(NH\(_3\))\(_6\)]Cl\(_3\) & II. त्रिकोणीय द्विपिरॅमिडी
C. [NiCl\(_4\)]\(^{2-}\) & III. वर्ग समतली
D. [Fe(CO)\(_5\)] & IV. चतुष्फलकीय
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
किसी निश्चित अभिक्रिया R \(\rightarrow\) उत्पाद के लिए, सांद्रता [R] और समय के बीच आलेख की नीचे दिखाए अनुसार ऋणात्मक ढाल होती है। अभिक्रिया की कोटि है:
निम्नलिखित में से कौन-सा उभयदंती लिगन्ड है?
निम्नलिखित अभिक्रिया पर विचार कीजिए:
2A(g) + B(g) \(\rightarrow\) 2D(g)
298 K पर \(\Delta\)U\(^\circ\) = -10.0 kJ mol\(^{-1}\) और \(\Delta\)S\(^\circ\) = -44.0 J K\(^{-1}\) mol\(^{-1}\)
298 K पर, अभिक्रिया के \(\Delta\)G\(^\circ\) और अभिक्रिया की स्वतः प्रवर्तिता के लिए सही विकल्प पहचानिए।
(दिया गया है : R = 8.314 J mol\(^{-1}\) K\(^{-1}\))
क्रमशः 1, 2 और 3 अंकित ऑक्सीजन परमाणुओं पर सही फॉर्मल (नियमनिष्ठ) आवेश हैं:
नीचे कुछ अभिक्रियाएँ दी गई हैं। उस अभिक्रिया को पहचानिए जिसके लिए K\(_p\) \(\neq\) K\(_c\) होता है।
किसी निश्चित ताप, T (K) पर हो रही किसी एक प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए वेग स्थिरांक का व्यंजक नीचे दिया गया है।
ln k = 14.34 - \(\frac{1.25 \times 10^4}{T}\)
अभिक्रिया के लिए, kcal mol\(^{-1}\) में सक्रियण ऊर्जा होती है:
(दिया गया है: k, s\(^{-1}\) में, R = 1.987 cal mol\(^{-1}\) K\(^{-1}\))
निम्नलिखित दो अभिक्रियाएँ एक ही दुर्गंधयुक्त उत्पाद Z देती हैं।
Reaction 1: C\(_2\)H\(_5\)Cl \(\xrightarrow{X}\) Z
Reaction 2: C\(_2\)H\(_5\)NH\(_2\) \(\xrightarrow{Br_2, NaOH}\) Y \(\xrightarrow{CHCl_3/एथेनॉली KOH, \Delta}\) Z
X और Z, क्रमशः हैं:
सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए :
\begin{tabular{ll
सूची I (संकुल) & सूची II (समावयवता का प्रकार)
A. [Pt(NH\(_3\))\(_2\)Cl\(_2\)] & I. प्रकाशीय
B. [Co(en)\(_3\)]\(^{3+}\) & II. विलायकयोजन
C. [Co(NH\(_3\))\(_5\)(NO\(_2\))]Cl\(_2\) & III. ज्यामितीय
D. [Cr(H\(_2\)O)\(_6\)]Cl\(_3\) & IV. बंधनी
\end{tabular
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
जैव-विविधता की क्षति के "द एविल क्वार्टेट" (चार मुख्य कारण) निम्नलिखित में से कौन-से हैं?
निम्नलिखित में से किस स्थल पर सक्रिय राइबोसोमीय आरएनए का संश्लेषण होता है ?
सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए :
\begin{tabular{ll
सूची I (कोशिका चक्र की प्रावस्था) & सूची II (प्रक्रिया)
A. G₁ प्रावस्था & I. वास्तविक कोशीय विभाजन होता है
B. S प्रावस्था & II. कोशिका उपापचयी रूप से सक्रिय होती है और लगातार वृद्धि करती है परंतु अपने डीएनए का प्रतिकृति नहीं करती
C. G₂ प्रावस्था & III. डीएनए का संश्लेषण होता है और प्रत्येक कोशिका में डीएनए की मात्रा दोगुनी हो जाती है
D. M प्रावस्था & IV. प्रोटीन का संश्लेषण होता है जबकि कोशिका वृद्धि होती रहती है
\end{tabular
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए :
\begin{tabular{ll
सूची I & सूची II
A. उत्पादकता & I. सकल प्राथमिक उत्पादकता में से श्वसन के दौरान क्षति घटाना
B. नेट प्राथमिक उत्पादकता & II. उपभोक्ताओं द्वारा नई कार्बनिक सामग्री के निर्माण की दर
C. सकल प्राथमिक उत्पादकता & III. जैव-मात्रा उत्पादन की दर
D. द्वितीयक उत्पादकता & IV. प्रकाश-संश्लेषण के दौरान कार्बनिक सामग्री के उत्पादन की दर
\end{tabular
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?
A. अमेज़न वर्षावन को सोयाबीन की खेती के लिए काटा जाना और साफ किया जाना आवासीय क्षति का एक उदाहरण है।
B. स्टेलर समुद्री गाय और पैसेंजर कबूतर मानव द्वारा अतिदोहन के कारण विलुप्त हो गए।
C. पूर्वी अफ्रीका की विक्टोरिया झील में नील पर्च लाना, सिच्लिड मछली की उस झील में आबादी बढ़ाने में सहायक हुआ।
D. जल हायसिंथ বাতাসে की जाति है।
E. जब एक जाति विलुप्त हो जाती है, तो उस पर निर्भर पादप और जन्तु की जातियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
जैव-अणुओं के विषय में सही कथनों की पहचान कीजिए।
A. लिपिड सामान्यतः जल में घुलनशील होते हैं।
B. प्रोटीन पॉलिपेप्टाइड होते हैं।
C. पॉलिसैकैराइड, शर्करा की लम्बी श्रृंखलाएँ होती हैं।
D. ऐडेनीन और ग्वानीन प्रतिस्थापित पिरिमीडीन होते हैं।
E. लगभग सभी एंजाइम प्रोटीन होते हैं।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
कैल्विन पथ द्वारा ग्लूकोज के एक अणु के निर्माण के लिए कितने एटीपी और एनएडीपीएच अणुओं की आवश्यकता होती है?
प्रतिबंधन एण्डोन्यूक्लिएज के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?
A. इन्हें आण्विक कैंची कहा जाता है।
B. ये एंजाइम, ई. कोलाई में बैक्टीरियोफेज की वृद्धि को रोकने के लिए उत्तरदायी होते हैं।
C. ये डीएनए को पैलिंड्रोमिक स्थल के केवल केन्द्र पर काटते हैं।
D. ये न्यूक्लियोटाइडों को डीएनए खंडों के केवल सिरे से निकालते हैं।
E. ये विशिष्ट पैलिंड्रोमिक क्षार-युग्मक अनुक्रम की पहचान करते हैं।
नीचे दिए गए विकल्पों से उत्तर का चयन कीजिए:
सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए:
\begin{tabular{ll
सूची I & सूची II
A. अपघटन & I. गहरे रंग के क्रिस्टल-रहित कोलॉइडल पदार्थ का निर्माण
B. अपरद & II. मृदा में सूक्ष्मजीवों की क्रिया द्वारा अकार्बनिक पोषकों का मुक्त होना
C. खनिजीकरण & III. जटिल कार्बनिक सामग्री को अकार्बनिक पदार्थ में खंडित करना
D. ह्यूमिफिकेशन & IV. पादपों और जन्तुओं के मृत अवशेष, मलादि सहित
\end{tabular
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
निम्नलिखित में से किसमें बीजांड, अंडाशय भित्ति द्वारा आवरणयुक्त नहीं होते और अनावृत रहते हैं?
सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए:
\begin{tabular{ll
सूची I (बीजांडन्यास) & सूची II (उदाहरण)
A. सीमान्त & I. सरसों
B. स्तंभीय & II. मटर
C. भित्तीय & III. गेंदा
D. आधारी & IV. नींबू
\end{tabular
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
आवृतबीजी पादपों (एंजियोस्पर्म) में मूल रोम, जड़ के निम्नलिखित किस क्षेत्र से निकलते हैं?
पादप कोशिकाओं की दीर्धीकरण प्रावस्था में निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता नहीं होती है ?
अनुलेखन (ट्रांसक्रिप्शन) इकाई के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?
A. डीएनए में अनुलेखन इकाई के मुख्यतया तीन भाग : उन्नायक, संरचनात्मक जीन और समापक होते हैं।
B. कहा जाता है कि उन्नायक, संरचनात्मक जीन के 5'-सिरे की ओर स्थित होता है।
C. उन्नायक एक डीएनए अनुक्रम है जो आरएनए पॉलिमरेज के लिए बंधन स्थल प्रदान करता है।
D. उन्नायक टेम्पलेट और कूटलेखन रज्जुक को परिभाषित करता है।
E. समापक, कूटलेखन रज्जुक के 3'-सिरे की ओर स्थित होता है और यह अनुलेखन प्रक्रिया के समापन को परिभाषित करता है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :
किस स्तर की प्रोटीन संरचना में ऐल्फा-हेलिक्स पाया जाता है?
ऐमीनो अम्लों के विषय में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?
A. ये प्रतिस्थापित मीथेन हैं।
B. सेरीन एक सुगन्धित (ऐरोमैटिक) ऐमीनो अम्ल है।
C. वैलीन एक उदासीन ऐमीनो अम्ल है।
D. लाइसीन एक अम्लीय ऐमीनो अम्ल है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
घासों में आवर्ध त्वक्कोशिकाओं का मुख्य कार्य है:
प्रकाश-संश्लेषण के विषय में निम्नलिखित कथनों में से ग़लत कथन चुनिए :
A. जल विघटन सम्मिश्र PS I से संबंधित है।
B. C\(_4\) पादप मुख्य जैव-संश्लेषण पथ के रूप में CO\(_2\) स्थिरीकरण (यौगिकीकरण) के C\(_3\) पथ का उपयोग करते हैं।
C. C\(_4\) पादपों में, प्रकाश-श्वसन नहीं होता।
D. C\(_3\) पादप 'क्रांज़' शारीर प्रदर्शित करते हैं।
E. हरितलवक में एटीपी संश्लेषण रसोपरासरण प्रक्रम द्वारा होता है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से उत्तर का चयन कीजिए:
सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए :
\begin{tabular{ll
सूची I & सूची II
A. कंजंक्टिव ऊतक & I. द्वार कोशिकाओं के समीप की विशिष्ट कोशिकाएँ
B. कैस्पेरी पट्टी & II. स्टार्च प्रचुर अंतस्त्वचीय कोशिकाएँ
C. सहायक कोशिकाएँ & III. जाइलम और फ़्लोएम के बीच का ऊतक
D. स्टार्च आच्छद & IV. सुबेरिन निक्षेपण युक्त अंतस्त्वचीय कोशिकाएँ
\end{tabular
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :
सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए:
\begin{tabular{ll
सूची I & सूची II
A. आनुवंशिकतः रूपांतरित जीव & I. एग्रोबैक्टीरियम ट्यूमीफेसिएंस
B. तापस्थायी डीएनए पॉलिमरेज & II. Bt कपास
C. Ti प्लैज्मिड & III. थर्मस एक्वेटिकस
D. pBR322 & IV. इश्चेरिचिया कोलाई
\end{tabular
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
निम्नलिखित में से कौन-सी परिघटना, पर्यावरण के प्रभाव के कारण विषमपर्णी विकास का एक उदाहरण है?
असीमाक्षी पुष्पक्रम में,
निम्नलिखित में से कौन-सा विकार हीमोग्लोबिन अणु की बीटा ग्लोबिन श्रृंखला की छठी स्थिति में ग्लूटेमिक अम्ल (Glu) का वैलीन (Val) द्वारा प्रतिस्थापन से उत्पन्न होता है ?
सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए :
\begin{tabular{ll
सूची I & सूची II
A. अपूर्ण प्रभाविता & I. मानव त्वचा का रंग
B. सह-प्रभाविता & II. एंटीराइनम स्पीशीज़ में पुष्प रंग की वंशागति
C. बहुप्रभाविता & III. मानव में फीनाइलकीटोनूरिया रोग
D. बहुजीनी वंशागति & IV. ABO रक्त समूह
\end{tabular
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
निम्नलिखित को लघुबीजाणुजनन से संबंधित उनके विकास के सही क्रम में व्यवस्थित कीजिए:
A. लघुबीजाणु चतुष्क
B. बीजाणुजन ऊतक
C. परागकण
D. पराग मातृ कोशिका
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
डीएनए अंगुलिछापी के निम्नलिखित चरणों को सही क्रम में व्यवस्थित कीजिए।
A. डीएनए का विलगन और प्रतिबंधन एण्डोन्यूक्लिएज द्वारा उसका पाचन।
B. चिह्नित वीएनटीआर प्रोब का उपयोग करते हुए संकरण।
C. पृथक्कृत डीएनए खंडों का संश्लेषित झिल्ली पर स्थानांतरण।
D. स्वविकिरणी चित्रण द्वारा संकरित डीएनए खंडों का पता लगाना।
E. इलेक्ट्रोफोरेसिस द्वारा डीएनए के खंडों का पृथक्करण।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
आर्थिक रूप से महत्त्वपूर्ण उत्पादों के लिए आण्विक, आनुवंशिक तथा जाति-स्तर की विविधता पर खोज करना क्या कहलाता है?
मधुमक्खी में लिंग-निर्धारण के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?
A. एक शुक्राणु एवं अंड के युम्मन से उत्पन्न संतति एक मादा (रानी या श्रमिक) में विकसित होती है।
B. अनिषेचित अंड, अनिषेकजनन द्वारा पुंमधुप में विकसित होते हैं।
C. नर में गुणसूत्रों की संख्या मादा की अपेक्षा आधी होती है।
D. नर अर्धसूत्री विभाजन द्वारा शुक्राणु उत्पादित करते हैं।
E. मधुमक्खी में अगुणित-द्विगुणित लिंग-निर्धारण प्रणाली होती है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
पॉलिमरेज श्रृंखला अभिक्रिया के प्रत्येक चक्र के चरणों के सही अनुक्रम को पहचानिए :
डीएनए पृथक्करण, विलगन और दर्शन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?
A. डीएनए को आण्विक कैंची द्वारा काटा जाता है।
B. जेल वैद्युत संचलन (इलेक्ट्रोफोरेसिस) करने पर डीएनए के खंड ऐगारोज जेल में उनके आमाप के अनुसार पृथक् होते हैं।
C. पृथक्कृत डीएनए के खंडों को बिना अभिरंजित किए UV प्रकाश में देखा जा सकता है।
D. पृथक्कृत डीएनए खंडों को जब एथिडियम ब्रोमाइड से अभिरंजित किया जाता है, तो उन्हें दृश्य प्रकाश में देखा जा सकता है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :
आर.एच. व्हिटेकर (1969) द्वारा प्रस्तावित पाँच जगत वर्गीकरण के लिए प्रयुक्त मुख्य मानदंड कौन-से थे ?
A. कोशिका संरचना
B. शारीरिक संरचना
C. कशाभों की उपस्थिति
D. प्रजनन
E. जातिवृत्तीय संबंध
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
निम्नलिखित में से कौन-सी कोशिका एक त्रिगुणित कोशिका है?
डीएनए कुंडली के संवेष्टन (पैकेजिंग) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?
A. हिस्टोन व्यवस्थित होकर आठ अणुओं की एक इकाई बनाते हैं जिसे हिस्टोन अष्टक कहते हैं।
B. हिस्टोन ऋणात्मक आवेशित क्षारीय प्रोटीन होते हैं।
C. हिस्टोन में क्षारीय एमीनो अम्ल अवशिष्ट - लाइसीन व आर्जिनीन प्रचुर मात्रा में मिलते हैं।
D. धनात्मक आवेशित डीएनए हिस्टोन अष्टक के चारों ओर लिपटकर न्यूक्लियोसोम बनाता है।
E. उच्च स्तर पर क्रोमैटिन के पैकेजिंग हेतु अतिरिक्त प्रोटीनों की आवश्यकता होती है जिन्हें सामूहिक रूप से गैर-हिस्टोन गुणसूत्रीय प्रोटीन कहा जाता है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
निम्नलिखित में से कौन-सी स्वस्थाने संरक्षण विधि है ?
लैक प्रचालेक में, y जीन किसका कूटलेखन करती है ?
\small\textit{Note: The original question misses the 'y' from 'y जीन'. Based on the context and options, it is asking about the 'y' gene.
सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए :
\begin{tabular{ll
सूची I (वृद्धि नियंत्रक) & सूची II (कार्य/प्रभाव)
A. 2,4-D & I. आसव उद्योग
B. GA₃ & II. रंध्रों के बन्द होने का उद्दीपन
C. काइनेटिन & III. शाकनाशी
D. ABA & IV. पोषकों का संचरण
\end{tabular
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :
कायिक संकरण के निम्नलिखित चरणों को सही अनुक्रम में व्यवस्थित कीजिए।
A. कोशिका भित्ति का पाचन।
B. नग्न प्रोटोप्लास्ट का विलगन।
C. संकर प्रोटोप्लास्ट प्राप्त करने के लिए प्रोटोप्लास्ट का संलयन।
D. पादपों की दो भिन्न किस्मों से एकल कोशिकाओं का पृथक्करण।
E. नया पौधा बनाने के लिए संकरित प्रोटोप्लास्ट को उगाना।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
2(C\(_51\)H\(_98\)O\(_6\)) + 145O\(_2\) \(\rightarrow\) 102CO\(_2\) + 98H\(_2\)O + ऊर्जा
उपर्युक्त समीकरण के अनुसार श्वसन के लिए उपयोग किए गए एक जैव-अणु का साँस गुणांक क्या होगा ?
जब से पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति तथा विविधरूपण हुआ है पृथ्वी पर पाँच बार जातियों का व्यापक विलोपन हुआ है। अब जो छठा विलोपन प्रगति पर है वह पहली विलोपन घटनाओं से किस प्रकार भिन्न है?
सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए:
\begin{tabular{ll
सूची I & सूची II
A. ट्रिप्सिन & I. अंतरकोशिकीय भरण पदार्थ
B. मॉर्फीन & II. लेक्टिन
C. कॉन्कैनैवेलीन ए & III. एन्जाइम
D. कोलेजन & IV. ऐल्केलॉइड
\end{tabular
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन द्विपदनाम सार्वजनिक नियमों के विषय में सही नहीं है?
केल्विन चक्र में कार्बोक्सिलीकरण के लिए आवश्यक एंजाइम कौन-सा है?
निम्नलिखित में से कौन-सा पुष्पी सूत्र सोलैनेसी कुल के लिए सही पुष्पी सूत्र है ?
निम्नलिखित में से किस प्रकार के परागण में वर्तिकाग्र में भिन्न प्रकार की आनुवंशिकता वाले परागकणों का आगमन होता है?
सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए :
\begin{tabular{ll
सूची I (प्रक्रिया) & सूची II (स्थान)
A. ग्लाइकोलिसिस & I. माइटोकॉन्ड्रिया की आंतरिक झिल्ली
B. ETS & II. माइटोकॉन्ड्रिया आधात्री
C. प्रोटॉनों का जमा होना & III. कोशिकाद्रव्य
D. क्रेब्स चक्र & IV. अंतर-झिल्ली अवकाश
\end{tabular
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
ई. कोलाई के क्लोनिंग संवाहक pBR322 में BamHI स्थल पर बाहरी डीएनए का सन्निवेश कराने पर यह किस प्रतिजैविक के प्रति प्रतिरोध क्षमता खो देता है?
बीटा ग्लोबिन जीन का छठा उत्परिवर्ती कोडॉन, जो हीमोग्लोबिन के बहुलकीकरण और RBC आकार में परिवर्तन का कारण बनता है, यह है।
GIFT के संबंध में, बंध्यता को दूर करने के लिए सही कथन का चयन कीजिए।
निम्नलिखित में से कौन-सा 'लैंगिक कपट' (सेक्सुअल डिसीट) का सटीक उदाहरण है?
मानव का विकास मस्तिष्क और भाषा कौशल के प्रगामी विकास के समानांतर प्रतीत होता है। इसके अनुसार व्यक्तिगत प्रजातियों के विकास का क्रम उनके प्रकटन के अनुसार है:
सगर्भता के विभिन्न महीनों में भ्रूणीय परिवर्धन से संबंधित सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए:
\begin{tabular{ll
सूची I & सूची II
A. भ्रूण गति करना प्रारंभ करता है और सिर पर बाल उग आते हैं & I. सगर्भता के 24वें सप्ताह में
B. भ्रूण के पाद और अंगुलियाँ विकसित होते हैं & II. सगर्भता के 5वें महीने में (20 सप्ताह)
C. भ्रूण में बाह्य जनन अंग विकसित हो जाते हैं & III. सगर्भता के दूसरे महीने (8 सप्ताह) के अंत में
D. भ्रूण में पूरे शरीर पर कोमल बाल निकल आते हैं, आँखों की पलकें अलग-अलग हो जाती हैं और बरौनियाँ बन जाती हैं & IV. सगर्भता के 12वें सप्ताह में (3 महीने)
\end{tabular
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
अनुसंधानकर्ताओं के एक समूह ने कुछ मछली की तरह के जन्तुओं का पता लगाया और जाँच करने पर उनमें निम्नलिखित लक्षणों को देखा :
A. अंतः कंकाल उपास्थि का बना था।
B. बाह्यपरजीवी; क्योंकि उन्हें मछलियों की त्वचा पर चूषक वृत्ताकार मुख द्वारा चिपका हुआ पाया गया।
C. युग्मित पंख तथा शल्क अनुपस्थित थे, लेकिन 7 जोड़े क्लोम (गिल) चिह्न उपस्थित थे।
इन लक्षणों के साथ निम्नलिखित में से किस प्रजाति के जन्तुओं को सबसे उपयुक्त समझा गया ?
शुक्राणुजन कोशिका विभाजन के कई क्रमों के बाद शुक्राणु उत्पन्न करते हैं। निम्नलिखित में से सही कथनों का चयन कीजिए:
A. शुक्राणुजन (स्पर्मेटोगोनिया) सदैव अर्धसूत्री विभाजन से गुज़रते हैं।
B. प्राथमिक शुक्राणुकोशिकाओं से द्वितीयक शुक्राणुकोशिकाओं के बनने के लिए समसूत्री विभाजन होता है।
C. द्वितीयक शुक्राणुकोशिकाएँ, दूसरे अर्धसूत्री विभाजन द्वारा अगुणित शुक्राणुप्रसू उत्पन्न करती हैं।
D. शुक्राणुप्रसू से समसूत्री विभाजन द्वारा शुक्राणु बनते हैं।
E. शुक्राणुप्रसू, शुक्राणुजनन के द्वारा, शुक्राणुओं में रूपांतरित होते हैं।
नीचे दिए गए विकल्पों से सही उत्तर का चयन कीजिए :
जब माता और पिता दोनों रक्त समूह क्रमशः 'A' और 'B' के लिए विषमयुग्मजी हैं, तो संतान के रक्त समूह 'O' होने की प्रायिकता क्या होगी ?
रेनिन-एंजियोटेंसिन क्रियाविधि में होने वाली निम्नलिखित घटनाओं को सही क्रम में व्यवस्थित कीजिए:
A. रक्त दाब और गुच्छीय निस्यंदन दर में वृद्धि।
B. ऐल्डोस्टेरोन के कारण नलिका के दूरस्थ भाग में Na\(^+\) तथा जल का पुनरावशोषण।
C. गुच्छीय निस्यंदन दर में गिरावट।
D. एंजियोटेंसिन II द्वारा वाहिका संकीर्णन और ऐल्डोस्टेरोन का मोचन।
E. रेनिन द्वारा एंजियोटेंसिनोजन का एंजियोटेंसिन I में और बाद में एंजियोटेंसिन II में बदलना।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए :
\begin{tabular{ll
सूची I (श्वसन संबंधी आयतन) & सूची II (क्षमता ml में)
A. ERV (निःश्वसन सुरक्षित आयतन) & I. 2500 - 3000 ml
B. RV (अवशिष्ट आयतन) & II. 500 ml
C. IRV (अंतःश्वसन सुरक्षित आयतन) & III. 1000 - 1100 ml
D. TV (ज्वारीय आयतन) & IV. 1100 – 1200 ml
\end{tabular
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए:
\begin{tabular{ll
सूची I & सूची II
A. प्रोजेस्टासर्ट & I. महिलाओं द्वारा प्रयोग किया जाने वाला रबर से बना अवरोधक
B. मल्टीलोड 375 & II. मुँह द्वारा लिया जाने वाला गर्भनिरोधक
C. डायाफ्राम & III. हॉर्मोन मोचक IUD
D. सहेली & IV. कॉपर मोचक IUD
\end{tabular
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक दोनों कोशिकाओं में पाए जाने वाले झिल्ली से नहीं घिरे कोशिकांग हैं।
पारिस्थितिक पिरामिड विभिन्न पोषण स्तरों पर जीवों के बीच संबंध अभिव्यक्त करते हैं और ये सामान्यतः इसमें उल्टे होते हैं:
नहीं उड़ने वाले पक्षी, जिनमें अग्रपाद रूपांतरित होकर तैरने के लिए उपयुक्त पैडल की तरह की संरचनाएँ होती हैं, उन्हें जाना जाता है:
NEET 2026 Subject-Wise Weightage
| Subject | Number of Questions | Marks |
|---|---|---|
| Physics | 45 | 180 |
| Chemistry | 45 | 180 |
| Biology | 90 | 360 |
| Total | 180 | 720 |









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