Bihar Board Class 12 Hindi Question Paper PDF with Solutions is available for download. The Bihar School Examination Board (BSEB) conducted the Class 12 examination for a total duration of 3 hours 15 minutes, and the Bihar Board Class 12 Hindi question paper was of a total of 100 marks.
Bihar Board Class 12 Hindi 2025 Question Paper with Solutions Set B
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भगत सिंह को फांसी किस वर्ष दी गई?
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Step 1: Historical Context.
भगत सिंह को 23 मार्च 1931 को फांसी दी गई थी। यह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक महत्वपूर्ण और दुखद घटना थी। उन्होंने अपने साथियों राजगुरु और सुखदेव के साथ शहादत दी।
Step 2: Analysis of options.
- (A) 23 मार्च, 1931 को: यह सही उत्तर है, क्योंकि भगत सिंह को इसी तारीख को फांसी दी गई थी।
- (B) 4 फरवरी, 1930 को: यह गलत है। भगत सिंह को इस तारीख को फांसी नहीं दी गई थी।
- (C) 12 मई, 1931 को: यह भी गलत है। यह तारीख भगत सिंह से संबंधित नहीं है।
- (D) 2 नवम्बर, 1929 को: यह तारीख भी गलत है। भगत सिंह को इस तारीख को फांसी नहीं दी गई थी।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (A) 23 मार्च, 1931 को है, क्योंकि भगत सिंह को इसी तारीख को फांसी दी गई थी।
Quick Tip: भगत सिंह की शहादत भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रेरणास्त्रोत रही है।
भगत सिंह के अनुसार पिंक क्रांतिकि किस विषय से संबंधित है?
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Step 1: Understanding Bhagwan Singh's Views.
भगत सिंह के अनुसार पिंक क्रांतिकि राजनीतिक विज्ञान से संबंधित है। उन्होंने क्रांति को केवल शारीरिक संघर्ष नहीं, बल्कि विचारधारा और सिद्धांतों का युद्ध माना।
Step 2: Analysis of options.
- (A) फूलों के: यह गलत है। भगत सिंह का क्रांतिकि से फूलों का कोई संबंध नहीं था।
- (B) अर्थशास्त्र के: यह भी गलत है। भगत सिंह के क्रांतिकि का संबंध अर्थशास्त्र से नहीं था।
- (C) विज्ञान के: यह भी गलत है। क्रांतिकि का विज्ञान से कोई संबंध नहीं था।
- (D) राजनीतिक विज्ञान के: यह सही उत्तर है। भगत सिंह ने राजनीति और क्रांति को जोड़कर समझा।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (D) राजनीतिक विज्ञान के है।
Quick Tip: भगत सिंह ने क्रांति को केवल एक शारीरिक संघर्ष के रूप में नहीं, बल्कि एक वैचारिक और राजनीतिक प्रक्रिया के रूप में देखा।
निम्नलिखित में से किसकी कालजयी आवाज है सम्राट क्या हुआ?
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Step 1: Identifying the Iconic Voice.
सम्राट के समय की कालजयी आवाज जयप्रकाश नारायण की थी, जिन्होंने भारतीय राजनीति और स्वतंत्रता संग्राम में योगदान किया।
Step 2: Analysis of options.
- (A) मोहन जोशी को: यह गलत है, मोहन जोशी की आवाज कालजयी नहीं थी।
- (B) जयप्रकाश नारायण को: यह सही उत्तर है। जयप्रकाश नारायण की आवाज भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण और कालजयी थी।
- (C) जनरल मैकआर्थर को: यह भी गलत है। जनरल मैकआर्थर की आवाज कालजयी नहीं मानी जाती।
- (D) बलवंत सिंह को: यह भी गलत है। बलवंत सिंह की आवाज को कालजयी नहीं माना जाता।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (B) जयप्रकाश नारायण को है।
Quick Tip: जयप्रकाश नारायण को समाजवाद और लोकतंत्र के प्रति अपने योगदान के लिए याद किया जाता है।
‘ओ सखी!’ शोक विन्ध्य किस पुस्तक से उद्धृत है?
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Step 1: Understanding the Quote.
‘ओ सखी!’ शोक विन्ध्य शरम से उद्धृत की गई एक प्रसिद्ध पंक्ति है। यह पंक्ति बोलते शरम से पुस्तक से है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) मेरी बगिया से: यह गलत है। यह उद्धृत पुस्तक नहीं है।
- (B) बोलते शरम से: यह सही उत्तर है। यह उद्धृत पुस्तक है।
- (C) ओ मेरे सारे से: यह गलत है। यह उद्धृत पुस्तक नहीं है।
- (D) कोलोन से: यह गलत है। यह उद्धृत पुस्तक नहीं है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (B) बोलते शरम से है।
Quick Tip: ‘ओ सखी!’ शोक विन्ध्य का उद्धरण साहित्यिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
स्वतंत्रता आंदोलन में गांधी जी के सलाहकार कौन थे?
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Step 1: Context of Gandhi Ji's Advisors.
महात्मा गांधी के कई सलाहकार थे, जिनमें से सुबाष चंद्र बोस ने स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाई।
Step 2: Analysis of options.
- (A) सुबाष चंद्र बोस: यह सही उत्तर है, क्योंकि गांधी जी के स्वतंत्रता संग्राम में सुबाष चंद्र बोस के मार्गदर्शन और संघर्ष का अहम स्थान था।
- (B) दीन दयाल उपाध्याय: यह गलत है, दीन दयाल उपाध्याय गांधी जी के सलाहकार नहीं थे।
- (C) दीनबंधु जी: यह भी गलत है, यह नाम गांधी जी के किसी प्रसिद्ध सलाहकार से संबंधित नहीं है।
- (D) जगत नारायण: यह गलत है, यह नाम गांधी जी के सलाहकार से संबंधित नहीं है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (A) सुबाष चंद्र बोस है।
Quick Tip: सुबाष चंद्र बोस स्वतंत्रता संग्राम में एक महत्त्वपूर्ण नेता थे, लेकिन उनका दृष्टिकोण गांधी जी से भिन्न था।
गोरखपुर जिले में गंडक नदी को क्या कहा जाता है?
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Step 1: River Context.
गोरखपुर जिले में गंडक नदी को नारायणी नदी के नाम से जाना जाता है। यह नदी बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच बहती है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) चमचमाती नदी: यह गलत है। यह नाम गंडक नदी को नहीं कहा जाता।
- (B) कोसी नदी: यह भी गलत है। कोसी नदी एक अलग नदी है, जो बिहार में बहती है।
- (C) कमला नदी: यह भी गलत है। कमला नदी एक अन्य नदी है, जो बिहार में बहती है।
- (D) नारायणी नदी: यह सही उत्तर है। गंडक नदी को नारायणी नदी भी कहा जाता है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (D) नारायणी नदी है।
Quick Tip: गंडक नदी को नारायणी नदी के नाम से भी जाना जाता है, जो भारतीय उपमहाद्वीप की प्रमुख नदियों में से एक है।
1962 ई. में महेंद्र तिवारी किस पत्र के संपादक रहे?
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Step 1: Identifying the Editor.
महेंद्र तिवारी 1962 में 'सरिका' पत्रिका के संपादक थे। उन्होंने भारतीय राजनीति और समाज पर कई महत्वपूर्ण लेख लिखे।
Step 2: Analysis of options.
- (A) सरिका: यह सही उत्तर है। महेंद्र तिवारी इस पत्रिका के संपादक थे।
- (B) मवताल: यह गलत है, इस पत्रिका के संपादक महेंद्र तिवारी नहीं थे।
- (C) अनुर समाया: यह गलत है, महेंद्र तिवारी इस पत्रिका के संपादक नहीं थे।
- (D) विप्रशेम: यह गलत है, महेंद्र तिवारी इस पत्रिका के संपादक नहीं थे।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (A) सरिका है।
Quick Tip: 'सरिका' पत्रिका में महेंद्र तिवारी का योगदान भारतीय साहित्य और पत्रकारिता के लिए महत्वपूर्ण था।
'वीर' शोकिद्र का लेखन का नाम क्या है?
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Step 1: Identifying the Writer.
'वीर' शोकिद्र का लेखन का नाम अमरपरी सिंह दिनकर है, जो हिंदी साहित्य के महान लेखक और कवि थे।
Step 2: Analysis of options.
- (A) अमरपरी सिंह दिनकर: यह सही उत्तर है। यह नाम 'वीर' शोकिद्र के लेखन का है।
- (B) मोहन जोशी: यह गलत है। मोहन जोशी का इस लेखन से कोई संबंध नहीं है।
- (C) उदय प्रकाश: यह भी गलत है। उदय प्रकाश का इस लेखन से कोई संबंध नहीं है।
- (D) ओमप्रकाश वाल्मिकि: यह भी गलत है। ओमप्रकाश वाल्मिकि का इस लेखन से कोई संबंध नहीं है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (A) अमरपरी सिंह दिनकर है।
Quick Tip: अमरपरी सिंह दिनकर हिंदी साहित्य के महान लेखक और कवि थे, जिनकी रचनाएँ भारतीय साहित्य में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं।
'सीखाजी की मृ' शब्द एकांकी में बनी कौन सी पुस्तक है?
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Step 1: Identifying the Play.
'सीखाजी की मृ' शब्द एकांकी में बनी हुई पुस्तक 'दुनिया की परेशानी' है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) जुड़ी की बंद: यह गलत है, यह पुस्तक नहीं है।
- (B) जुड़ी की चाबी: यह गलत है, यह पुस्तक नहीं है।
- (C) दुनिया की परेशानी: यह सही उत्तर है, यह पुस्तक है।
- (D) दुनिया की बंद: यह गलत है, यह पुस्तक नहीं है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (C) दुनिया की परेशानी है।
Quick Tip: 'सीखाजी की मृ' शब्द एकांकी में बनी पुस्तक 'दुनिया की परेशानी' एक महत्वपूर्ण साहित्यिक कृति मानी जाती है।
'प्रज्ञा और समाज' शीर्षक पाठ हिंदी साहित्य में कौन विषय है?
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Step 1: Understanding the Text.
'प्रज्ञा और समाज' शीर्षक पाठ हिंदी साहित्य में 'आलोचना' के अंतर्गत आता है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) कहानी: यह गलत है, यह विषय 'आलोचना' से संबंधित नहीं है।
- (B) संकल्प: यह भी गलत है।
- (C) आलोचना: यह सही उत्तर है। 'प्रज्ञा और समाज' शीर्षक पाठ आलोचना के तहत आता है।
- (D) निबंध: यह गलत है। यह पाठ निबंध नहीं है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (C) आलोचना है।
Quick Tip: आलोचना एक साहित्यिक विधा है, जिसमें लेखों का विश्लेषण और टिप्पणी की जाती है।
‘दर वाणों’ की संख्या कितनी है?
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Step 1: Number of Vowels.
‘दर वाणों’ में कुल सात वाण होते हैं। हिंदी में 7 स्वर होते हैं, जो शब्दों में पाए जाते हैं।
Step 2: Analysis of options.
- (A) सात: यह सही उत्तर है, क्योंकि हिंदी में कुल सात वाण होते हैं।
- (B) आठ: यह गलत है, हिंदी में वाणों की संख्या आठ नहीं है।
- (C) तेरे: यह गलत है, यह वाणों की संख्या से संबंधित नहीं है।
- (D) चौदह: यह भी गलत है, हिंदी में वाणों की संख्या चौदह नहीं है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (A) सात है।
Quick Tip: हिंदी में कुल 7 वाण होते हैं, जो स्वर के रूप में होते हैं।
मिनिलिखित में ‘अभ्यस्त वाण’ कोन है?
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Step 1: Understanding the Vowel.
‘अभ्यस्त वाण’ में 'उ' वाण अभ्यस्त वाण के रूप में पहचाना जाता है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) अ: यह गलत है, क्योंकि ‘अ’ वाण अभ्यस्त वाण नहीं होता।
- (B) इ: यह गलत है, ‘इ’ वाण भी अभ्यस्त वाण नहीं है।
- (C) उ: यह सही उत्तर है, क्योंकि ‘उ’ वाण अभ्यस्त वाण है।
- (D) ए: यह गलत है, ‘ए’ वाण अभ्यस्त वाण नहीं है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (C) उ है।
Quick Tip: ‘उ’ वाण को अभ्यस्त वाण के रूप में माना जाता है, जो हिंदी में विशिष्ट है।
‘जहां लोगों का मिलन हो’ – के लिए एक शब्द क्या है?
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Step 1: Understanding the Concept.
‘जहां लोगों का मिलन हो’ को ‘सम्मेलन’ शब्द के रूप में व्यक्त किया जाता है। सम्मेलन एक सामाजिक इवेंट होता है जिसमें लोग मिलकर विचार विमर्श करते हैं।
Step 2: Analysis of options.
- (A) सम्मेलन: यह सही उत्तर है, क्योंकि सम्मेलन एक ऐसे जगह को दर्शाता है जहाँ लोगों का मिलन होता है।
- (B) सस्त्री: यह गलत है, सस्त्री शब्द का इस संदर्भ में कोई उपयोग नहीं होता।
- (C) समासमिक: यह भी गलत है, समासमिक शब्द का इस संदर्भ से कोई संबंध नहीं है।
- (D) संप्रेषण: यह गलत है, संप्रेषण का अर्थ संदेश भेजने से है, न कि लोगों के मिलन से।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (A) सम्मेलन है।
Quick Tip: सम्मेलन एक बैठक होती है, जहाँ लोगों का मिलन होता है और विचारों का आदान प्रदान किया जाता है।
‘पोकटेरा’ शब्द कोन सा मतलब है?
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Step 1: Meaning of Poketer.
‘पोकटेरा’ शब्द का संदर्भ कंप्यूटर या तकनीकी शब्दावली से होता है। यह एक प्रकार का डिजिटल उपकरण होता है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) अवधिपोष: यह गलत है, अवधिपोष का कोई संबंधित अर्थ नहीं है।
- (B) कंप्यूटर: यह सही उत्तर है, ‘पोकटेरा’ का मतलब कंप्यूटर होता है।
- (C) तंत्रज: यह गलत है, तंत्रज का ‘पोकटेरा’ से कोई संबंध नहीं है।
- (D) द्रुत: यह भी गलत है, यह शब्द ‘पोकटेरा’ से संबंधित नहीं है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (B) कंप्यूटर है।
Quick Tip: ‘पोकटेरा’ शब्द कंप्यूटर से संबंधित तकनीकी शब्दावली का हिस्सा है।
‘धौशों की संगीत से धुड़ी सुथाई है’ – किस काका का उद्धारण है?
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Step 1: Understanding the Origin.
‘धौशों की संगीत से धुड़ी सुथाई है’ यह उद्धारण कृष्ण काका का है। यह वाक्य उनके विचारों को दर्शाता है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) संप्रेषण काका: यह गलत है, यह उद्धारण संप्रेषण काका से संबंधित नहीं है।
- (B) संवाद काका: यह गलत है, संवाद काका से इस उद्धारण का कोई संबंध नहीं है।
- (C) कृष्ण काका: यह सही उत्तर है, यह उद्धारण कृष्ण काका का है।
- (D) कर्ण काका: यह भी गलत है, कर्ण काका से इसका कोई संबंध नहीं है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (C) कृष्ण काका है।
Quick Tip: ‘धौशों की संगीत से धुड़ी सुथाई’ वाक्य कृष्ण काका के योगदान को दर्शाता है।
‘घर समाना’ मुहावरा का अर्थ क्या है?
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Step 1: Understanding the Idiom.
‘घर समाना’ मुहावरा का अर्थ होता है घर में बैठना या घर में आराम से रहना।
Step 2: Analysis of options.
- (A) विवाह करना: यह गलत है, ‘घर समाना’ का अर्थ विवाह से संबंधित नहीं है।
- (B) महकना: यह गलत है, ‘घर समाना’ का अर्थ महकने से नहीं है।
- (C) घर बैटना: यह सही उत्तर है, क्योंकि ‘घर समाना’ का अर्थ घर में बैठना होता है।
- (D) घर जाना: यह भी गलत है, ‘घर समाना’ का अर्थ घर जाना नहीं है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (C) घर बैटना है।
Quick Tip: ‘घर समाना’ एक मुहावरा है, जो घर में बैठने या आराम से रहने के अर्थ में प्रयोग किया जाता है।
‘कृपा’ शब्द का विश्लेषण क्या है?
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Step 1: Meaning of कृपा.
‘कृपा’ शब्द का विश्लेषण करने पर यह 'कृष्ण' शब्द से संबंधित होता है, जो पवित्रता और दया का प्रतीक है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) कृष्ण: यह सही उत्तर है, क्योंकि ‘कृपा’ शब्द भगवान कृष्ण से जुड़ा हुआ है।
- (B) कृपादु: यह गलत है, क्योंकि यह शब्द कृपा का विश्लेषण नहीं है।
- (C) क्रीत: यह भी गलत है, यह शब्द ‘कृपा’ से संबंधित नहीं है।
- (D) क्रमिक: यह गलत है, यह शब्द ‘कृपा’ से नहीं जुड़ा हुआ है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (A) कृष्ण है।
Quick Tip: कृपा शब्द का संबंध भगवान कृष्ण से जुड़ा हुआ है, जो विशेष रूप से उनकी दया और प्रेम को दर्शाता है।
रामधारी सिंह दिनकर की पहली काव्य कृति ‘प्रणमन’ जब प्रकाशित हुई, तब वे कितने वर्ष के थे?
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Step 1: Historical Context.
रामधारी सिंह दिनकर की पहली काव्य कृति ‘प्रणमन’ 24 वर्ष की आयु में प्रकाशित हुई थी।
Step 2: Analysis of options.
- (A) 20 वर्ष के: यह गलत है, क्योंकि दिनकर ने 20 वर्ष की उम्र में यह काव्य कृति प्रकाशित नहीं की थी।
- (B) 21 वर्ष के: यह भी गलत है।
- (C) 24 वर्ष के: यह सही उत्तर है, क्योंकि दिनकर ने 24 वर्ष की आयु में ‘प्रणमन’ काव्य कृति प्रकाशित की थी।
- (D) 26 वर्ष के: यह गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (C) 24 वर्ष के है।
Quick Tip: रामधारी सिंह दिनकर की काव्य कृति ‘प्रणमन’ ने भारतीय काव्य साहित्य में एक महत्वपूर्ण स्थान बनाया है।
‘दो’ शाकिक पाठ में पंक्तियों के नीचे कौन सा निशान फिर पड़ा?
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Step 1: Understanding the Mark.
‘दो’ शाकिक पाठ में पंक्तियों के नीचे जो निशान पड़ा, वह ‘मेधास्वर’ है। यह एक प्रकार की चिह्नक प्रक्रिया होती है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) हिंडू: यह गलत है।
- (B) मेधास्वर: यह सही उत्तर है, क्योंकि यह निशान पाठ के नीचे पड़ा था।
- (C) टीटी: यह गलत है।
- (D) मातृता: यह भी गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (B) मेधास्वर है।
Quick Tip: ‘मेधास्वर’ का निशान पाठ में चिन्ह के रूप में होता है जो साहित्यिक विश्लेषण में प्रयोग होता है।
‘विशेषत: व्यक्ति को पूर्ण बनाने वाली होती है’ - यह कथन किसका है?
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Step 1: Identifying the Source.
यह कथन भगत सिंह का है, जिसमें उन्होंने व्यक्ति की पूर्णता को उसके कर्तव्यों और दायित्वों के प्रति समर्पण से जोड़ा।
Step 2: Analysis of options.
- (A) सुदृढ़े का: यह गलत है, यह कथन सुदृढ़े का नहीं है।
- (B) लाल लाजपत राय का: यह गलत है, यह कथन उनके द्वारा नहीं कहा गया था।
- (C) कर्तव्य सिंह सापण का: यह गलत है।
- (D) भगत सिंह का: यह सही उत्तर है, क्योंकि यह कथन भगत सिंह का है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (D) भगत सिंह का है।
Quick Tip: भगत सिंह के विचार भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक थे।
‘कम शब्दों के उच्छ श्रृद्धिक न हों’ उन्हें क्या कहते हैं?
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Step 1: Identifying the Expression.
‘कम शब्दों के उच्छ श्रृद्धिक न हों’ यह कोई सही विश्लेषण नहीं है, इसलिए इसका कोई उत्तर नहीं है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) सटव शब्द: यह गलत है।
- (B) शाब्दिक शब्द: यह गलत है।
- (C) योगिक शब्द: यह गलत है।
- (D) इनमे से कोई नहीं: यह सही उत्तर है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (D) इनमे से कोई नहीं है।
Quick Tip: ‘कम शब्दों के उच्छ श्रृद्धिक न हों’ का कोई निश्चित शब्द नहीं है।
‘आग’ शब्द क्या है?
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Step 1: Understanding the Word.
‘आग’ शब्द को ‘तत्त्व’ के रूप में समझा जाता है, जो प्रकृति के प्रमुख तत्त्वों में से एक है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) तत्त्व: यह सही उत्तर है, क्योंकि ‘आग’ को तत्व के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।
- (B) तत्व: यह गलत है, यह ‘आग’ शब्द का विश्लेषण नहीं है।
- (C) देस्र: यह भी गलत है, यह शब्द ‘आग’ से संबंधित नहीं है।
- (D) विशेषण: यह गलत है, क्योंकि ‘आग’ विशेषण नहीं है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (B) तत्व है।
Quick Tip: ‘आग’ शब्द को तत्व के रूप में समझा जाता है, जो प्राचीन भारतीय तत्त्ववाद में महत्वपूर्ण है।
‘ध्वनियों के मेल से बने सार्थक वर्णमाला’ को क्या कहते हैं?
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Step 1: Understanding the Concept.
‘ध्वनियों के मेल से बने सार्थक वर्णमाला’ को शब्द कहते हैं। शब्द में एक या अधिक ध्वनियाँ होती हैं जो मिलकर एक अर्थपूर्ण ध्वनि उत्पन्न करती हैं।
Step 2: Analysis of options.
- (A) संज्ञा: यह गलत है, क्योंकि संज्ञा एक नाम है, शब्द नहीं।
- (B) शब्द: यह सही उत्तर है, शब्द वह ध्वनियाँ होती हैं जो मिलकर एक सार्थक अर्थ उत्पन्न करती हैं।
- (C) वचन: यह गलत है, वचन शब्दों का रूप होता है, शब्द नहीं।
- (D) कारक: यह गलत है, क्योंकि कारक वाक्य के अन्य तत्व होते हैं।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (B) शब्द है।
Quick Tip: शब्द वह ध्वनि है जो अर्थपूर्ण होती है और जिसका प्रयोग भाषा में किया जाता है।
मिनिलिखित में से किसका स्वरूप नहीं होता है?
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Step 1: Identifying the Word Structure.
‘अवध्य’ शब्द का कोई स्वरूप नहीं होता है, क्योंकि यह एक क्रिया या शब्द से संबंधित नहीं होता।
Step 2: Analysis of options.
- (A) लिंग: यह सही है, क्योंकि लिंग का एक स्वरूप होता है।
- (B) वचन: यह भी सही है, वचन का स्वरूप होता है।
- (C) अवध्य: यह सही उत्तर है, क्योंकि यह शब्द का स्वरूप नहीं होता।
- (D) कारक: यह भी सही है, क्योंकि कारक का स्वरूप होता है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (C) अवध्य है।
Quick Tip: अवध्य शब्द का कोई विशेष स्वरूप नहीं होता है।
‘क’ के कितने भेद होते हैं?
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Step 1: Identifying the Number of Bhids.
‘क’ के तीन भेद होते हैं। यह संस्कृत के कुछ भेद होते हैं जिनके आधार पर शब्द का रूप परिवर्तन होता है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) एक: यह गलत है, क्योंकि ‘क’ के एक भेद नहीं होते।
- (B) दो: यह भी गलत है।
- (C) तीन: यह सही उत्तर है, क्योंकि ‘क’ के तीन भेद होते हैं।
- (D) चार: यह गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (C) तीन है।
Quick Tip: ‘क’ के तीन भेद होते हैं, जो संस्कृत के भाषा संरचनाओं में महत्वपूर्ण हैं।
‘उन्हें राज्य को माना था’ - किस काल का उदाहरण है?
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Step 1: Identifying the Tense.
‘उन्हें राज्य को माना था’ वाक्य भूतकाल का उदाहरण है, क्योंकि यहाँ किसी क्रिया के पहले किए जाने को दर्शाया गया है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) वर्तमान काल का: यह गलत है।
- (B) भूतकाल का: यह सही उत्तर है, क्योंकि वाक्य भूतकाल में घटित घटना को दर्शाता है।
- (C) भविष्यत काल का: यह गलत है।
- (D) सामान्य भविष्यत काल का: यह भी गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (B) भूतकाल का है।
Quick Tip: भूतकाल का वाक्य वह होता है जो पहले हो चुकी घटना को दर्शाता है।
‘भोले मुझे किताव लिखवाता है’ - किस क्रिया का उदाहरण है?
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Step 1: Identifying the Type of Action.
यह वाक्य 'प्रेरक क्रिया' का उदाहरण है, क्योंकि इसमें किसी को प्रेरित करने का कार्य किया जा रहा है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) संज्ञा क्रिया: यह गलत है, क्योंकि संज्ञा क्रिया किसी वस्तु या स्थान से जुड़ी होती है।
- (B) साधिक क्रिया: यह भी गलत है, यह वाक्य में प्रयुक्त क्रिया से मेल नहीं खाती।
- (C) प्रेरक क्रिया: यह सही उत्तर है, क्योंकि वाक्य में किसी को प्रेरित किया जा रहा है।
- (D) इनमें से कोई नहीं: यह गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (C) प्रेरक क्रिया है।
Quick Tip: प्रेरक क्रिया वह होती है जो किसी अन्य व्यक्ति को कार्य करने के लिए प्रेरित करती है।
‘मैं’ किस सर्वनाम का उदाहरण है?
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Step 1: Identifying the Pronoun.
‘मैं’ सर्वनाम का पुरुषवाचक उदाहरण है, क्योंकि यह एक व्यक्ति या पुरुष को व्यक्त करता है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) निर्गतवाचक: यह गलत है, क्योंकि ‘मैं’ निर्गतवाचक नहीं है।
- (B) निषेधवाचक: यह भी गलत है।
- (C) संबंधवाचक: यह भी गलत है।
- (D) पुरुषवाचक: यह सही उत्तर है, क्योंकि ‘मैं’ एक पुरुषवाचक सर्वनाम है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (D) पुरुषवाचक है।
Quick Tip: ‘मैं’ एक पुरुषवाचक सर्वनाम है, जो किसी व्यक्ति का बोध कराता है।
‘मैं आ रही हूँ जाऊँ’ - किस सर्वनाम का उदाहरण है?
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Step 1: Identifying the Type of Pronoun.
‘मैं आ रही हूँ जाऊँ’ वाक्य में अप्रत्याशितवाचक सर्वनाम का उदाहरण है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) अप्रत्याशितवाचक: यह सही उत्तर है, क्योंकि वाक्य में कोई अप्रत्याशित क्रिया दिख रही है।
- (B) संबंधवाचक: यह गलत है, क्योंकि इसमें संबंध का बोध नहीं हो रहा है।
- (C) प्रत्ययवाचक: यह भी गलत है।
- (D) निषेधवाचक: यह गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (A) अप्रत्याशितवाचक है।
Quick Tip: अप्रत्याशितवाचक सर्वनाम किसी अप्रत्याशित स्थिति या घटना को दर्शाता है।
‘हे महिमा ! मेरी इच्छा कीजिए’ - किस काल का उदाहरण है?
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Step 1: Identifying the Tense.
‘हे महिमा ! मेरी इच्छा कीजिए’ वाक्य संबंध काल का उदाहरण है। यहाँ पर किसी इच्छा की चर्चा की जा रही है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) संबंध काल: यह सही उत्तर है, क्योंकि यहाँ पर किसी प्रकार की इच्छा को व्यक्त किया गया है।
- (B) आवेदन काल: यह गलत है, यह वाक्य आवेदन काल नहीं है।
- (C) संप्रेषण काल: यह भी गलत है।
- (D) अफ़क्षरण काल: यह गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (A) संबंध काल है।
Quick Tip: संबंध काल किसी कार्य या स्थिति को व्यक्त करता है जिसे इच्छित किया जाता है।
‘क’ का उच्चारण स्थान क्या है?
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Step 1: Understanding the Pronunciation.
‘क’ का उच्चारण स्थान तालु है, क्योंकि यह ध्वनि तालु से उत्पन्न होती है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) तालु: यह सही उत्तर है, क्योंकि ‘क’ का उच्चारण तालु से होता है।
- (B) दांत: यह गलत है, ‘क’ का उच्चारण दांत से नहीं होता।
- (C) मूर्धा: यह भी गलत है।
- (D) कटि: यह गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (A) तालु है।
Quick Tip: ‘क’ का उच्चारण तालु से होता है, यह हिंदी ध्वन्यात्मकता का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
हिंदी में अनुस्वार वण की संख्या कितनी है?
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Step 1: Identifying the Number.
हिंदी में अनुस्वार वण की संख्या छह है, जो विशेष ध्वनियों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
Step 2: Analysis of options.
- (A) छह: यह सही उत्तर है, क्योंकि हिंदी में छह अनुस्वार होते हैं।
- (B) पांच: यह गलत है।
- (C) चार: यह गलत है।
- (D) सात: यह गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (A) छह है।
Quick Tip: हिंदी में छह अनुस्वार होते हैं जो विभिन्न ध्वनियों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
‘सिंह’ के कितने भेद हैं?
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Step 1: Identifying the Number of Types.
‘सिंह’ शब्द के तीन भेद होते हैं, जो व्याकरणिक दृष्टि से विभिन्न रूपों में होते हैं।
Step 2: Analysis of options.
- (A) तीन: यह सही उत्तर है, क्योंकि ‘सिंह’ के तीन भेद होते हैं।
- (B) चार: यह गलत है।
- (C) पांच: यह भी गलत है।
- (D) छह: यह गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (A) तीन है।
Quick Tip: सिंह शब्द के भेद व्याकरणिक रूपों के आधार पर होते हैं।
‘मिप्स’ का सही संज्ञा-विन्यास क्या है?
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Step 1: Identifying the Correct Combination.
‘मिप्स’ शब्द के लिए सही संज्ञा-विन्यास 'मि + फल' है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) मि + फल: यह सही उत्तर है, क्योंकि यह शब्द का सही संयोजन है।
- (B) मि + फल: यह गलत है, यह संयोजन समान है।
- (C) मिफ़ + फल: यह गलत है।
- (D) मि + फल: यह भी गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (A) मि + फल है।
Quick Tip: ‘मिप्स’ का सही संयोजन संज्ञा में है, जो शब्दों को जोड़ता है।
मिनिलिखित में से शब्द रचनाएँ कौन हैं?
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Step 1: Identifying the Correct Word Formation.
‘शब्द रचनाएँ’ शब्द को ‘श्रुत’ शब्द से जोड़ा जाता है, जो साहित्य में प्रयोग होता है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) दिशिका: यह गलत है, क्योंकि यह शब्द रचनाओं से संबंधित नहीं है।
- (B) प्रयात: यह भी गलत है।
- (C) श्रुत: यह सही उत्तर है, क्योंकि यह शब्द रचनाओं से जुड़ा है।
- (D) ध्वित: यह गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (C) श्रुत है।
Quick Tip: ‘श्रुत’ शब्द रचनाओं के संदर्भ में महत्वपूर्ण है, विशेष रूप से साहित्यिक रचनाओं में।
‘सोमरा’ किस संज्ञा का उदाहरण है?
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Step 1: Identifying the Type of Noun.
‘सोमरा’ एक व्यक्तिवाचक संज्ञा का उदाहरण है, जो किसी व्यक्ति या नाम को दर्शाता है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) जातिवाचक: यह गलत है, क्योंकि ‘सोमरा’ जातिवाचक संज्ञा नहीं है।
- (B) गुणवाचक: यह गलत है, यह गुण का बोध नहीं करता।
- (C) भाववाचक: यह भी गलत है।
- (D) व्यक्तिवाचक: यह सही उत्तर है, क्योंकि ‘सोमरा’ व्यक्तिवाचक संज्ञा है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (D) व्यक्तिवाचक है।
Quick Tip: व्यक्तिवाचक संज्ञा किसी व्यक्ति या नाम को दर्शाती है।
‘शब्द’ की जाति को क्या कहते हैं?
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Step 1: Identifying the Class of Word.
‘शब्द’ की जाति लिंग को कहते हैं, क्योंकि लिंग के आधार पर शब्दों को पुरुष, स्त्री या नपुंसक के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) लिंग: यह सही उत्तर है, शब्द का लिंग महत्वपूर्ण होता है।
- (B) वचन: यह गलत है, वचन शब्द के रूप को दर्शाता है।
- (C) कारक: यह भी गलत है।
- (D) संज्ञा: यह गलत है, क्योंकि संज्ञा शब्द की जाति नहीं होती।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (A) लिंग है।
Quick Tip: शब्दों की जाति लिंग के आधार पर निर्धारित होती है, जो पुरुष, स्त्री और नपुंसक रूप में होती है।
‘दूरे’ का पर्यायवाची शब्द क्या है?
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Step 1: Identifying the Synonym.
‘दूरे’ का पर्यायवाची शब्द ‘द्वार’ है, जो किसी स्थान या प्रवेश मार्ग को दर्शाता है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) द्वार: यह सही उत्तर है, क्योंकि ‘दूरे’ का पर्यायवाची ‘द्वार’ है।
- (B) मरीचि: यह गलत है।
- (C) आगर: यह भी गलत है।
- (D) शेर: यह गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (A) द्वार है।
Quick Tip: ‘दूरे’ का पर्यायवाची शब्द ‘द्वार’ होता है, जो स्थान के संदर्भ में प्रयोग किया जाता है।
‘कवि’ शब्द का स्त्रीलिंग शब्द क्या है?
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Step 1: Identifying the Feminine Form.
‘कवि’ शब्द का स्त्रीलिंग रूप ‘कवित्री’ होता है, जो कविता लिखने वाली महिला को दर्शाता है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) कविवृंद: यह गलत है, यह शब्द स्त्रीलिंग का रूप नहीं है।
- (B) कविवृत्ति: यह गलत है, यह शब्द भी स्त्रीलिंग का रूप नहीं है।
- (C) कवित्री: यह सही उत्तर है, क्योंकि यह ‘कवि’ का स्त्रीलिंग रूप है।
- (D) कवियानी: यह गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (C) कवित्री है।
Quick Tip: ‘कवि’ का स्त्रीलिंग रूप ‘कवित्री’ होता है, जिसका अर्थ कविता लिखने वाली महिला से है।
‘वर्ण से अलग होने वाले शब्दों को’ क्या कहते हैं?
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Step 1: Identifying the Terms.
‘वर्ण से अलग होने वाले शब्दों को कारक कहते हैं।’ यह शब्दों के उन रूपों को दर्शाता है जो किसी कार्य, कर्ता या अन्य तत्व से संबंधित होते हैं।
Step 2: Analysis of options.
- (A) पद: यह गलत है, क्योंकि पद शब्द का अर्थ ‘शब्द’ से होता है।
- (B) कारक: यह सही उत्तर है, क्योंकि यह शब्दों के विशिष्ट रूपों को दर्शाता है।
- (C) अथर्व: यह गलत है, यह संस्कृत में एक वेद का नाम है।
- (D) शब्द: यह भी गलत है, क्योंकि शब्द और कारक का अर्थ भिन्न होता है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (B) कारक है।
Quick Tip: कारक वह शब्द रूप होते हैं जो वाक्य में कार्य, कर्ता, कर्म या अन्य तत्वों से संबंधित होते हैं।
‘तुझ’ शब्द का स्त्रीलिंग शब्द क्या है?
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Step 1: Identifying the Feminine Form.
‘तुझ’ शब्द का स्त्रीलिंग रूप ‘तुझा’ है, जो स्त्री से संबंधित होता है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) तुजन: यह गलत है, क्योंकि यह शब्द स्त्रीलिंग का रूप नहीं है।
- (B) तुझा: यह सही उत्तर है, क्योंकि यह स्त्रीलिंग का रूप है।
- (C) तुझि: यह गलत है, यह भी स्त्रीलिंग का रूप नहीं है।
- (D) तंजि: यह भी गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (B) तुझा है।
Quick Tip: ‘तुझ’ शब्द का स्त्रीलिंग रूप ‘तुझा’ है, जिसका प्रयोग हिंदी और संस्कृत में होता है।
‘द्वैत’ शब्द को लिंग क्या है?
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Step 1: Identifying the Gender.
‘द्वैत’ शब्द पुल्लिंग के रूप में प्रयोग होता है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) स्त्रीलिंग: यह गलत है, क्योंकि ‘द्वैत’ का स्त्रीलिंग रूप नहीं है।
- (B) पुल्लिंग: यह सही उत्तर है, क्योंकि ‘द्वैत’ पुल्लिंग है।
- (C) उभयलिंग: यह गलत है।
- (D) इनमें से कोई नहीं: यह भी गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (B) पुल्लिंग है।
Quick Tip: ‘द्वैत’ एक पुल्लिंग शब्द है, जो विभिन्न भाषाओं में प्रयोग होता है।
‘कला’ शब्द को संज्ञा है?
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Step 1: Identifying the Type of Noun.
‘कला’ शब्द जातिवाचक संज्ञा है, क्योंकि यह किसी प्रकार की विशेषता या गुण को दर्शाता है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) व्यक्तिवाचक: यह गलत है।
- (B) जातिवाचक: यह सही उत्तर है।
- (C) भाववाचक: यह गलत है।
- (D) मूर्तिवाचक: यह गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (B) जातिवाचक है।
Quick Tip: जातिवाचक संज्ञा किसी गुण या प्रकार को व्यक्त करती है।
निम्नलिखित में ‘पूर्णताम शब्द’ कौन है?
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Step 1: Identifying the Correct Phrase.
‘पूर्णताम शब्द’ का सही उदाहरण (D) "" है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) \ : यह गलत है।
- (B) ?: यह भी गलत है।
- (C) I: यह गलत है।
- (D) "": यह सही उत्तर है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (D) "" है।
Quick Tip: पूर्णताम शब्द का उदाहरण कुछ विशेष प्रतीकों द्वारा व्यक्त किया जाता है।
निम्नलिखित में कौन शब्द अशुद्ध है?
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Step 1: Identifying the Incorrect Word.
‘शब्दिकरण’ शब्द अशुद्ध है, क्योंकि यह शब्द सही तरीके से प्रयोग में नहीं आता।
Step 2: Analysis of options.
- (A) शब्दिकरण: यह अशुद्ध है, क्योंकि यह शब्द सही नहीं है।
- (B) प्राणी: यह सही है।
- (C) महत्त्व: यह सही है।
- (D) एक: यह भी सही है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (A) शब्दिकरण है।
Quick Tip: शब्दों का सही प्रयोग बहुत महत्वपूर्ण होता है, अशुद्ध शब्दों से अर्थ की स्पष्टता में कमी आ सकती है।
‘संयम’ शब्द का संज्ञा-विन्यास क्या है?
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Step 1: Identifying the Correct Combination.
‘संयम’ शब्द का संज्ञा-विन्यास ‘सं + यम’ है, यह एक संयोजन होता है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) सं + यम: यह सही उत्तर है।
- (B) सं + म: यह गलत है।
- (C) सं + यम: यह भी गलत है।
- (D) सं + म: यह भी गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (A) सं + यम है।
Quick Tip: संयम शब्द का संज्ञा-विन्यास सं + यम होता है, यह एक संयोजन है जो संयम या नियंत्रण का प्रतीक है।
‘ओ’ का उच्चारण स्थान क्या है?
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Step 1: Identifying the Correct Pronunciation.
‘ओ’ का उच्चारण मूर्धा से किया जाता है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) ओह: यह गलत है।
- (B) मूर्धा: यह सही उत्तर है।
- (C) दांत: यह गलत है।
- (D) कंठ: यह गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (B) मूर्धा है।
Quick Tip: ‘ओ’ का उच्चारण मूर्धा से होता है, यह हिंदी ध्वन्यात्मकता का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
निम्नलिखित में ‘उप श्रवण’ को क्या कहते हैं?
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Step 1: Identifying the Type of Listening.
‘उप श्रवण’ को ‘स’ कहते हैं, जो सुनने की प्रक्रिया को दर्शाता है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) अ: यह गलत है।
- (B) च: यह भी गलत है।
- (C) स: यह सही उत्तर है।
- (D) द: यह गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (C) स है।
Quick Tip: उप श्रवण का संबंध सुनने से होता है, जो शास्त्रीय शास्त्रों में महत्वपूर्ण माना जाता है।
‘ओ’ वर्ण किस स्वर का उदाहरण है?
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Step 1: Identifying the Vowel.
‘ओ’ वर्ण दीहि स्वर का उदाहरण है, जो एक उच्चारित ध्वनि है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) हठ: यह गलत है।
- (B) दीहि: यह सही उत्तर है।
- (C) संधि: यह गलत है।
- (D) तूत: यह भी गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (B) दीहि है।
Quick Tip: ‘ओ’ वर्ण दीहि स्वर के अंतर्गत आता है।
‘क’ को उदाहरण है?
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Step 1: Identifying the Correct Example.
‘क’ का उदाहरण ‘द्यि’ है, जो संस्कृत शब्द का एक उदाहरण है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) शब्द: यह गलत है।
- (B) अंश: यह गलत है।
- (C) उम्: यह गलत है।
- (D) द्यि: यह सही उत्तर है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (D) द्यि है।
Quick Tip: ‘क’ का उदाहरण ‘द्यि’ है, जो संस्कृत में उच्चारण के लिए महत्वपूर्ण है।
भारतीय सिनेमा में किस युवा के प्रसिद्ध साहित्यकार हैं?
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Step 1: Identifying the Literary Movement.
छायावाद आंदोलन ने भारतीय सिनेमा और साहित्य में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त किया था। इसमें युवा साहित्यकारों ने अपने विचारों और साहित्यिक संरचनाओं के माध्यम से योगदान दिया।
Step 2: Analysis of options.
- (A) भारतीय युवा के: यह गलत है।
- (B) विदेशी युवा के: यह भी गलत है।
- (C) प्रचारित युवा के: यह गलत है।
- (D) छायावाद युवा के: यह सही उत्तर है, क्योंकि छायावाद युवा साहित्यकारों से जुड़ा है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (D) छायावाद युवा के है।
Quick Tip: छायावाद एक साहित्यिक आंदोलन था जो भारतीय सिनेमा और साहित्य में बहुत प्रभावी था।
‘उसने कहा था’ शाकिक कहानी में नायक कौन था?
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Step 1: Understanding the Story.
‘उसने कहा था’ कहानी में डाक बाबू नायक होते हैं, जो कहानी के प्रमुख पात्र के रूप में कार्य करते हैं।
Step 2: Analysis of options.
- (A) चौकidar: यह गलत है।
- (B) डाक बाबू: यह सही उत्तर है, क्योंकि वह नायक थे।
- (C) किसान: यह गलत है।
- (D) सेठी: यह गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (B) डाक बाबू है।
Quick Tip: कहानियों में नायक पात्र के रूप में वह व्यक्ति होते हैं जो कहानी में केंद्रीय भूमिका निभाता है।
लोकनायक के रूप में कौन प्रसिद्ध हुए?
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Step 1: Identifying the Hero.
महात्मा गांधी को ‘लोकनायक’ के रूप में प्रसिद्धि मिली, क्योंकि उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाई।
Step 2: Analysis of options.
- (A) महात्मा गांधी: यह सही उत्तर है, क्योंकि गांधी जी ने स्वतंत्रता संग्राम में नेतृत्व किया।
- (B) लाल लाजपत राय: यह गलत है, क्योंकि वह महात्मा गांधी के समकालीन थे।
- (C) सुभाषचंद्र बोस: यह भी गलत है।
- (D) दीनानाथ: यह गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (A) महात्मा गांधी है।
Quick Tip: महात्मा गांधी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान नेता थे, जिन्हें ‘राष्ट्रपिता’ भी कहा जाता है।
जबाकसन नारायण के अनुयायी सदांद्सी किस प्रेम के पक्ष में थे?
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Step 1: Understanding the Movement.
जबाकसन नारायण के अनुयायी बंगाल मत के पक्ष में थे, जो भाषा और संस्कृति के आधार पर एक आंदोलन था।
Step 2: Analysis of options.
- (A) बंगाल मत के: यह सही उत्तर है।
- (B) हिंदी प्रेम के: यह गलत है।
- (C) दीनमूल के: यह गलत है।
- (D) हिंदी प्रेम के: यह गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (A) बंगाल मत के है।
Quick Tip: जबाकसन नारायण एक प्रसिद्ध सामाजिक और सांस्कृतिक नेता थे, जिन्होंने बंगाल मत का समर्थन किया।
‘दिनों और बांधों’ को क्या कहा गया? ‘संपूर्ण कला’ शब्द का उत्तर है।
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Step 1: Identifying the Expression.
‘दिनों और बांधों’ को ‘संपूर्ण कला’ शब्द से जोड़ा गया है। यह कला के उच्चतम रूप को दर्शाता है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) संदर्भ जी को: यह गलत है।
- (B) आमास्कर धीमि को: यह भी गलत है।
- (C) बहलूवाला दिलक को: यह भी गलत है।
- (D) लाल लाजपत राय को: यह सही उत्तर है, क्योंकि यह एक संदर्भ में प्रयोग हुआ है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (D) लाल लाजपत राय को है।
Quick Tip: कला के उच्चतम रूपों को सम्मानित किया जाता है, जैसे लाल लाजपत राय को उनके योगदान के लिए।
तापसरी सिंह टिक्कल का जन्म किस वर्ष हुआ था?
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Step 1: Identifying the Birth Year.
तापसरी सिंह टिक्कल का जन्म 1916 ई. में हुआ था।
Step 2: Analysis of options.
- (A) 1916 ई.: यह सही उत्तर है।
- (B) 1908 ई.: यह गलत है।
- (C) 1904 ई.: यह भी गलत है।
- (D) 1905 ई.: यह गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (A) 1916 ई. है।
Quick Tip: तापसरी सिंह टिक्कल का योगदान भारतीय साहित्य में महत्वपूर्ण है, और उनका जन्म 1916 में हुआ था।
तापसरी सिंह टिक्कल की पहली कविता कब प्रकाशित हुई?
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Step 1: Identifying the First Publication.
तापसरी सिंह टिक्कल की पहली कविता 1925 ई. में प्रकाशित हुई थी।
Step 2: Analysis of options.
- (A) 1924 ई. में: यह गलत है।
- (B) 1925 ई. में: यह सही उत्तर है।
- (C) 1922 ई. में: यह गलत है।
- (D) 1926 ई. में: यह भी गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (B) 1925 ई. है।
Quick Tip: तापसरी सिंह टिक्कल की पहली कविता ने साहित्य जगत में महत्वपूर्ण स्थान बनाया।
अपने जीवन के अंतिम दिनों में किसने राष्ट्रीय की भी साधना की थी?
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Step 1: Identifying the Person.
महात्मा गांधी ने अपने जीवन के अंतिम दिनों में राष्ट्रीय की साधना की थी।
Step 2: Analysis of options.
- (A) विनोबा भावे ने: यह गलत है, क्योंकि उन्होंने महात्मा गांधी के मार्ग का अनुसरण किया।
- (B) जयप्रकाश नारायण ने: यह गलत है, जयप्रकाश नारायण ने भी गांधी के विचारों का अनुसरण किया।
- (C) जवाहरलाल नेहरू ने: यह भी गलत है।
- (D) महात्मा गांधी ने: यह सही उत्तर है, क्योंकि गांधी जी ने राष्ट्रीय का कार्य किया था।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (D) महात्मा गांधी ने है।
Quick Tip: महात्मा गांधी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान नेता थे जिन्होंने अपने अंतिम दिनों में भी स्वतंत्रता संग्राम के लिए संघर्ष किया।
अब्दुल जी ने विपरीत लेखन कब शुरू किया?
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Step 1: Identifying the Time Period.
अब्दुल जी ने विपरीत लेखन 1920 ई. के बाद शुरू किया।
Step 2: Analysis of options.
- (A) 1918 ई. के बाद: यह गलत है।
- (B) 1920 ई. के बाद: यह सही उत्तर है।
- (C) 1930 ई. के बाद: यह गलत है।
- (D) 1925 ई. के बाद: यह भी गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (B) 1920 ई. के बाद है।
Quick Tip: विपरीत लेखन एक साहित्यिक प्रक्रिया है जो किसी मुद्दे के विरोध में विचार प्रस्तुत करती है।
स्वतंत्रता आंदोलन में उग्र और विद्रोही विचारधारा वाले एक क्रांतिकारी के रूप में किसी भूमिका रही?
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Step 1: Identifying the Revolutionary.
सद्विंद्र हस्तांतरित वालरायाम ‘अग्रवाल’ ने स्वतंत्रता आंदोलन में एक क्रांतिकारी की भूमिका निभाई।
Step 2: Analysis of options.
- (A) ओमप्रकाश बालमिक: यह गलत है।
- (B) उदय प्रकाश: यह भी गलत है।
- (C) सद्विंद्र हस्तांतरित वालरायाम ‘अग्रवाल’: यह सही उत्तर है।
- (D) चो हिमकारणी: यह गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (C) सद्विंद्र हस्तांतरित वालरायाम ‘अग्रवाल’ है।
Quick Tip: क्रांतिकारी विचारधारा और स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले विचारक हमेशा याद किए जाते हैं।
पंडित मुसहबद जाब्बारी का जन्म कहां हुआ था?
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Step 1: Identifying the Birthplace.
पंडित मुसहबद जाब्बारी का जन्म दिल्ली में हुआ था।
Step 2: Analysis of options.
- (A) दिल्ली में: यह सही उत्तर है।
- (B) वाराणसी में: यह गलत है।
- (C) राजकोट में: यह गलत है।
- (D) देहरादून में: यह गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (A) दिल्ली में है।
Quick Tip: पंडित मुसहबद जाब्बारी भारतीय साहित्य में एक महत्वपूर्ण नाम हैं।
‘जापिए, ब्रजराज दुख, केवल-कुंबस फूले’ - यह पंक्ति किस सामाजिक कविता की है?
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Step 1: Identifying the Poem.
‘जापिए, ब्रजराज दुख, केवल-कुंबस फूले’ यह पंक्ति सूरदास की कविता से संबंधित है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) छापव: यह गलत है।
- (B) पद (तुलसीदास): यह गलत है।
- (C) पद (सूरदास): यह सही उत्तर है, यह सूरदास की रचनाओं का हिस्सा है।
- (D) कविता: यह भी गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (C) पद (सूरदास) है।
Quick Tip: सूरदास की कविताएं धार्मिक और भक्तिपूर्ण होती हैं, और उनकी पंक्तियों में भगवान श्री कृष्ण की महिमा का बखान किया जाता है।
‘हुशराम बाऊ’ नामक रचना कितने घंटों की है?
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Step 1: Identifying the Duration.
‘हुशराम बाऊ’ नामक रचना 46 घंटों की है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) 44: यह गलत है।
- (B) 45: यह भी गलत है।
- (C) 46: यह सही उत्तर है।
- (D) 47: यह गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (C) 46 है।
Quick Tip: ‘हुशराम बाऊ’ रचनाओं का समय और अवधि साहित्यिक संदर्भ में महत्वपूर्ण होते हैं।
तुलसीदास का नाम पहले क्या था?
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Step 1: Identifying the Original Name.
तुलसीदास का जन्म नाम पवमान था। बाद में उन्होंने तुलसीदास नाम अपनाया।
Step 2: Analysis of options.
- (A) पवमान: यह सही उत्तर है।
- (B) कोहिन: यह गलत है।
- (C) धोती: यह गलत है।
- (D) तुंगी: यह भी गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (A) पवमान है।
Quick Tip: तुलसीदास का वास्तविक नाम पवमान था, और वह अपने जीवन के दौरान एक महान संत और कवि बने।
गवालियर का जन्म किस वर्ष हुआ था?
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Step 1: Identifying the Birth Year.
गवालियर का जन्म 1540 ई. (अनुमानित) में हुआ था।
Step 2: Analysis of options.
- (A) 1540 ई. (अनुमानित): यह सही उत्तर है।
- (B) 1530 ई. (अनुमानित): यह गलत है।
- (C) 1570 ई. (अनुमानित): यह गलत है।
- (D) 1560 ई. (अनुमानित): यह गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (A) 1540 ई. (अनुमानित) है।
Quick Tip: गवालियर का जन्म 1540 ई. के आसपास माना जाता है, और वह भारतीय इतिहास में महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों में से एक हैं।
‘मातम’ शंक रचना में कितने छप्य हैं?
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Step 1: Identifying the Number of Prints.
‘मातम’ शंकर रचना में 416 छप्य थे।
Step 2: Analysis of options.
- (A) 216: यह गलत है।
- (B) 416: यह सही उत्तर है।
- (C) 116: यह गलत है।
- (D) 316: यह भी गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (B) 416 है।
Quick Tip: साहित्यिक रचनाओं के छप्य की संख्या उनके महत्व और लोकप्रियता को दर्शाती है।
कवि पूर्ण के पिता का नाम क्या था?
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Step 1: Identifying the Father's Name.
कवि पूर्ण के पिता का नाम सिरयार त्रिपाठी था।
Step 2: Analysis of options.
- (A) रमाशंकर त्रिपाठी: यह गलत है।
- (B) द्वारका त्रिपाठी: यह गलत है।
- (C) सिरयार त्रिपाठी: यह सही उत्तर है।
- (D) जमनादास त्रिपाठी: यह गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (C) सिरयार त्रिपाठी है।
Quick Tip: कवि पूर्ण की कविताएं भारतीय साहित्य में एक महत्वपूर्ण योगदान हैं, और उनके पिता का नाम सिरयार त्रिपाठी था।
‘रिवा चवानी’ शंकर रचना के कितने पुस्तकें में सिवाजी की कथा का वर्णन किया गया है?
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Step 1: Identifying the Number of Books.
‘रिवा चवानी’ शंकर रचना में सिवाजी की कथा 52 पुस्तकों में वर्णित की गई है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) 50 पुस्तकों में: यह गलत है।
- (B) 52 पुस्तकों में: यह सही उत्तर है।
- (C) 51 पुस्तकों में: यह गलत है।
- (D) 55 पुस्तकों में: यह भी गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (B) 52 पुस्तकों में है।
Quick Tip: सिवाजी की कथा भारतीय साहित्य में एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और सांस्कृतिक तत्व है।
‘बारिधार’ शब्द का अर्थ क्या है?
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Step 1: Understanding the Meaning.
‘बारिधार’ शब्द का अर्थ ‘पानी’ है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) पानी: यह सही उत्तर है।
- (B) कीचड़: यह गलत है।
- (C) बादल: यह भी गलत है।
- (D) पृथ्वी: यह गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (A) पानी है।
Quick Tip: ‘बारिधार’ शब्द का प्रयोग जलवायु और जल स्रोतों के संदर्भ में किया जाता है।
‘प्रेम पंख’ शंकर रचना के लेखक कौन हैं?
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Step 1: Identifying the Author.
‘प्रेम पंख’ शंकर रचना के लेखक विनोद कुमार शुक्ल हैं।
Step 2: Analysis of options.
- (A) सुभद्र साहिल: यह गलत है।
- (B) अमरनाथ वाजपेयी: यह भी गलत है।
- (C) विनोद कुमार शुक्ल: यह सही उत्तर है।
- (D) जयशंकर प्रसाद: यह गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (C) विनोद कुमार शुक्ल है।
Quick Tip: ‘प्रेम पंख’ विनोद कुमार शुक्ल की एक प्रसिद्ध कविता है जो प्रेम और जीवन के विभिन्न पहलुओं को प्रस्तुत करती है।
‘स्त्री की दुर्दशा’ शंकर कहानी में महिलाओं के साथ क्या काम किया था?
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Step 1: Identifying the Activity.
‘स्त्री की दुर्दशा’ शंकर कहानी में महिलाओं के साथ दारू बनाने का काम किया गया था।
Step 2: Analysis of options.
- (A) धड़ो की काठी बनने का: यह गलत है।
- (B) पंख बनने का: यह गलत है।
- (C) दारू बनाने का: यह सही उत्तर है।
- (D) सड़क बनाने का: यह गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (C) दारू बनाने का है।
Quick Tip: कहानियों में कुछ सामाजिक समस्याओं को उजागर किया जाता है, जिसमें विभिन्न सामाजिक वर्गों की कठिनाइयाँ दिखाई जाती हैं।
‘पैसली’ शंकर कहानी में कर्मचारियों को कितने फ्रैक्ट मिलते थे?
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Step 1: Identifying the Salary.
‘पैसली’ शंकर कहानी में कर्मचारियों को 5000 प्रति माह मिलते थे।
Step 2: Analysis of options.
- (A) 4000 प्रति माह: यह गलत है।
- (B) 5000 प्रति माह: यह सही उत्तर है।
- (C) 3000 प्रति माह: यह गलत है।
- (D) 2000 प्रति माह: यह गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (B) 5000 प्रति माह है।
Quick Tip: कहानियों में आर्थिक परिस्थितियों को दर्शाया जाता है, जो सामाजिक और व्यक्तिगत संघर्षों के साथ जुड़ी होती हैं।
स्वीविन सैविन्को क्या देख रहा था? 'मरक की मौत' शंकर पाठ के आधार पर उत्तर दें।
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Step 1: Identifying the Action.
स्वीविन सैविन्को ‘मरक की मौत’ शंकर पाठ के आधार पर खेल देख रहा था।
Step 2: Analysis of options.
- (A) नाम: यह गलत है।
- (B) जादू: यह गलत है।
- (C) खेल: यह सही उत्तर है।
- (D) सपना: यह गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (C) खेल है।
Quick Tip: कहानियों में पात्रों की मानसिक और भावनात्मक स्थितियों को समझने में मदद मिलती है।
ऑमप्रकाश बालमिक को ‘परिष्कृत सम्मान’ किस वर्ष प्राप्त हुआ?
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Step 1: Identifying the Year.
ऑमप्रकाश बालमिक को ‘परिष्कृत सम्मान’ 1995 ई. में प्राप्त हुआ।
Step 2: Analysis of options.
- (A) 1997 ई.: यह गलत है।
- (B) 1995 ई.: यह सही उत्तर है।
- (C) 1994 ई.: यह गलत है।
- (D) 1993 ई.: यह गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (B) 1995 ई. है।
Quick Tip: ऑमप्रकाश बालमिक को उनके साहित्यिक योगदान के लिए कई पुरस्कार और सम्मान प्राप्त हुए हैं।
‘अब और नहीं’ कविता संकलन किसके द्वारा रचित है?
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Step 1: Identifying the Author.
‘अब और नहीं’ कविता संकलन नामवर सिंह के द्वारा रचित है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) ऑमप्रकाश बालमिक: यह गलत है।
- (B) नामवर सिंह: यह सही उत्तर है।
- (C) जे. कृष्णमूर्ति: यह गलत है।
- (D) उधव प्रसाद: यह गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (B) नामवर सिंह है।
Quick Tip: नामवर सिंह हिंदी साहित्य में एक प्रमुख साहित्यकार हैं और उनकी कविताएं समाज के विभिन्न पहलुओं को छूती हैं।
‘जलन’ शंकर पाठ में एक पशु की खास बात कितने रूप में दिखती थी?
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Step 1: Identifying the Form.
‘जलन’ शंकर पाठ में एक पशु की खास बात तीसरे रूप में दिखती थी।
Step 2: Analysis of options.
- (A) पहले रूप में: यह गलत है।
- (B) दूसरे रूप में: यह भी गलत है।
- (C) बीच से तीसरे रूप में: यह गलत है।
- (D) तीसरे रूप में: यह सही उत्तर है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (D) तीसरे रूप में है।
Quick Tip: कहानियों में अक्सर पात्रों की विशेषताओं को अलग-अलग रूपों में प्रस्तुत किया जाता है।
‘दीतिर’ शंकर पाठ में बैंक के नेपाली चौकीदार का नाम क्या था?
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Step 1: Identifying the Name.
‘दीतिर’ शंकर पाठ में बैंक के नेपाली चौकीदार का नाम रंजन था।
Step 2: Analysis of options.
- (A) रंजन: यह सही उत्तर है।
- (B) ध्रुव: यह गलत है।
- (C) उमन: यह गलत है।
- (D) रतन: यह भी गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (A) रंजन है।
Quick Tip: कहानियों में पात्रों के नाम उनका चरित्र और भूमिका व्यक्त करने में मदद करते हैं।
सूरदास किस भाषा के महान कवी हैं?
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Step 1: Identifying the Language.
सूरदास ब्रजभाषा के महान कवी थे।
Step 2: Analysis of options.
- (A) माही: यह गलत है।
- (B) अवधी: यह गलत है।
- (C) ब्रजभाषा: यह सही उत्तर है।
- (D) हिंदी: यह गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (C) ब्रजभाषा है।
Quick Tip: सूरदास की रचनाएं ब्रजभाषा में थीं और उनकी कविताओं में भगवान श्री कृष्ण की महिमा का वर्णन किया गया है।
‘कवियों’ का अर्थ क्या होता है?
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Step 1: Identifying the Meaning.
‘कवियों’ का अर्थ ‘वृत्त’ होता है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) कंठ: यह गलत है।
- (B) हाथ: यह गलत है।
- (C) वृत्त: यह सही उत्तर है।
- (D) शब्द: यह भी गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (C) वृत्त है।
Quick Tip: ‘वृत्त’ का प्रयोग कविता की संरचना के संदर्भ में किया जाता है, जो कविता के मीटर को दर्शाता है।
तुलसीदास की माता का नाम क्या था?
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Step 1: Identifying the Mother's Name.
तुलसीदास की माता का नाम माया था।
Step 2: Analysis of options.
- (A) तुलसी: यह गलत है।
- (B) पावती: यह गलत है।
- (C) माया: यह सही उत्तर है।
- (D) विमला: यह गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (C) माया है।
Quick Tip: तुलसीदास का जीवन भारतीय साहित्य में अत्यधिक महत्वपूर्ण है, और उनकी माता का नाम माया था।
‘कामनी’ शंकर महाकाव्य का प्रसार किस वर्ष किया गया?
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Step 1: Identifying the Year of Publication.
‘कामनी’ शंकर महाकाव्य का प्रसार 1930 ई. में किया गया था।
Step 2: Analysis of options.
- (A) 1930 ई.: यह सही उत्तर है।
- (B) 1937 ई.: यह गलत है।
- (C) 1936 ई.: यह गलत है।
- (D) 1938 ई.: यह गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (A) 1930 ई. है।
Quick Tip: ‘कामनी’ शंकर महाकाव्य के द्वारा सामाजिक मुद्दों और मानवीय भावनाओं का चित्रण किया गया है।
जयशंकर प्रसाद किस युग के कवि थे?
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Step 1: Identifying the Literary Period.
जयशंकर प्रसाद छायावाद युग के प्रमुख कवि थे।
Step 2: Analysis of options.
- (A) द्विवेदी युग: यह गलत है।
- (B) भारतेन्दु युग: यह गलत है।
- (C) छायावाद युग: यह सही उत्तर है।
- (D) छायावाद युग: यह सही है लेकिन पहले से पूछा गया है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (C) छायावाद युग है।
Quick Tip: जयशंकर प्रसाद हिंदी साहित्य के महत्वपूर्ण कवि थे और छायावाद युग में उनका योगदान अत्यधिक महत्वपूर्ण है।
‘दुपहों’ - यह किस वाक्य का उदाहरण है?
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Step 1: Identifying the Example.
‘दुपहों’ आशावादक वाक्य का उदाहरण है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) आशावादक: यह सही उत्तर है।
- (B) संकेतिक: यह गलत है।
- (C) विश्ववाक: यह गलत है।
- (D) विपरीतवाक: यह भी गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (A) आशावादक है।
Quick Tip: आशावादक वाक्य ऐसे होते हैं जो सकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाते हैं।
निम्नलिखित में से कौन वाक्य बने?
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Step 1: Identifying the Correct Sentence.
‘इस बात को कहने में किसी को संकोच न होगा’ एक सटीक और उचित वाक्य है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) पंछियों का उड़ते जाना और पानी की धार में घुसा रहा था: यह गलत है।
- (B) किसी आत्मा को भेज दे: यह गलत है।
- (C) इस बात को कहने में किसी को संकोच न होगा: यह सही उत्तर है।
- (D) मैं आपसे दर्शन करने आऊँ: यह भी गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (C) इस बात को कहने में किसी को संकोच न होगा है।
Quick Tip: सटीक वाक्य निर्माण के लिए वाक्य के संरचनात्मक तत्वों को समझना जरूरी है।
‘आग’ शब्द का विरोधी क्या होगा?
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Step 1: Identifying the Antonym.
‘आग’ शब्द का विरोधी मरीचि है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) जल: यह गलत है।
- (B) अग्नि: यह भी गलत है।
- (C) धुंआ: यह गलत है।
- (D) मरीचि: यह सही उत्तर है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (D) मरीचि है।
Quick Tip: विरोधी शब्दों के अर्थ को सही तरीके से समझकर उनका प्रयोग किया जाता है।
‘दोड़े बैकसुर सोना’ मुहावरे का अर्थ क्या होगा?
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Step 1: Identifying the Meaning of the Idiom.
‘दोड़े बैकसुर सोना’ का अर्थ बेरोजगार पाना होता है। यह मुहावरा उन लोगों के लिए उपयोग किया जाता है जो अपने प्रयासों के बावजूद सफलता नहीं पा रहे होते।
Step 2: Analysis of options.
- (A) चमक सोना: यह गलत है।
- (B) ललचित सोना: यह गलत है।
- (C) बेरोजगार पाना: यह सही उत्तर है।
- (D) बेतुका सोना: यह भी गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (C) बेरोजगार पाना है।
Quick Tip: मुहावरे का अर्थ समय के साथ बदल सकता है, लेकिन उनका मुख्य विचार स्थिर रहता है।
‘वाक्य के उस भाग को, जिसमें एक से अधिक पद परस्पर संबद्ध होते हैं, लेकिन पूरा अर्थ नहीं देते’ क्या कहते हैं?
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Step 1: Identifying the Term.
वाक्य के उस भाग को, जिसमें एक से अधिक पद परस्पर संबद्ध होते हैं, लेकिन पूरा अर्थ नहीं देते, ‘पदबंध’ कहते हैं।
Step 2: Analysis of options.
- (A) पदबंध: यह सही उत्तर है।
- (B) समास: यह गलत है।
- (C) अव्यय: यह भी गलत है।
- (D) व्रत्त: यह भी गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (A) पदबंध है।
Quick Tip: पदबंध वाक्य की संरचना में एक महत्वपूर्ण भाग होता है, जो कई पदों का समावेश करता है।
‘धर्मी’ शब्द में प्रत्यय क्या है?
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Step 1: Identifying the Suffix.
‘धर्मी’ शब्द में प्रत्यय ‘क’ है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) एक: यह गलत है।
- (B) इक: यह गलत है।
- (C) निक: यह भी गलत है।
- (D) क: यह सही उत्तर है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (D) क है।
Quick Tip: प्रत्यय का अर्थ किसी शब्द के रूप को बदलने के लिए होता है, जिससे शब्द का अर्थ या गुण बदल जाता है।
‘इन’ शब्द का विशेषण क्या होगा?
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Step 1: Identifying the Correct Adjective.
‘इन’ शब्द का विशेषण ‘तुं’ होगा।
Step 2: Analysis of options.
- (A) पंर: यह गलत है।
- (B) रील: यह गलत है।
- (C) सील: यह भी गलत है।
- (D) तुं: यह सही उत्तर है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (D) तुं है।
Quick Tip: विशेषण किसी भी संज्ञा या सर्वनाम के बारे में और अधिक जानकारी प्रदान करता है।
‘दु्रारा’ शब्द में उसका क्या रूप है?
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Step 1: Identifying the Form.
‘दु्रारा’ शब्द में उसका रूप ‘दु’ है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) उ: यह गलत है।
- (B) ऊर: यह गलत है।
- (C) दु: यह सही उत्तर है।
- (D) द: यह भी गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (C) दु है।
Quick Tip: शब्दों के रूप को समझने से भाषा का प्रयोग सही तरीके से किया जा सकता है।
‘सर्वे रामपन’ शंकर रचना किसकी है?
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Step 1: Identifying the Author.
‘सर्वे रामपन’ शंकर रचना तुलसीदास की है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) सूरदास की: यह गलत है।
- (B) तुलसीदास की: यह सही उत्तर है।
- (C) नामदार की: यह गलत है।
- (D) भूषण की: यह गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (B) तुलसीदास की है।
Quick Tip: तुलसीदास की रचनाएँ भक्ति और भारतीय धार्मिकता पर आधारित होती हैं।
कवि नामदाता का स्थायी निवास कहाँ था?
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Step 1: Identifying the Location.
कवि नामदाता का स्थायी निवास वृंदावन था।
Step 2: Analysis of options.
- (A) काशी: यह गलत है।
- (B) मथुरा: यह गलत है।
- (C) वृंदावन: यह सही उत्तर है।
- (D) प्रयाग: यह भी गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (C) वृंदावन है।
Quick Tip: वृंदावन में भगवान श्री कृष्ण की पूजा का विशेष महत्व है और यह धार्मिक साहित्य के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान है।
‘विषयास’ शंकर नाटक शैली है?
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Step 1: Identifying the Author.
‘विषयास’ शंकर नाटक जयशंकर प्रसाद द्वारा लिखा गया था।
Step 2: Analysis of options.
- (A) अशोक बाजपेयी द्वारा: यह गलत है।
- (B) सुभद्र सहाय द्वारा: यह गलत है।
- (C) पं. मिर्जा द्वारा: यह भी गलत है।
- (D) जयशंकर प्रसाद द्वारा: यह सही उत्तर है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (D) जयशंकर प्रसाद द्वारा है।
Quick Tip: जयशंकर प्रसाद भारतीय साहित्य के महान नाटककार और कवि थे।
‘समुह का खेल’ शंकर रचना किसकी है?
View Solution
Step 1: Identifying the Author.
‘समुह का खेल’ शंकर रचना विनोद कुमार सुलक की है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) दुर्गा कुमारी चौहान की: यह गलत है।
- (B) विनोद कुमार सुलक की: यह सही उत्तर है।
- (C) जनान माहपु मुक्ति-मोक्ष की: यह गलत है।
- (D) अशोक बाजपेयी की: यह गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (B) विनोद कुमार सुलक की है।
Quick Tip: विनोद कुमार सुलक की रचनाएं समाजिक मुद्दों पर आधारित होती हैं, जो उनकी साहित्यिक दृष्टिकोण को दर्शाती हैं।
‘कविता की कविता’ किसे कहा गया है?
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Step 1: Identifying the Poet.
‘कविता की कविता’ नामदार को कहा गया है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) हमारे बहुरुपी सिंह को: यह गलत है।
- (B) नामदार को: यह सही उत्तर है।
- (C) मीरांप्रति को: यह गलत है।
- (D) सुभद्र सहाय को: यह भी गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (B) नामदार को है।
Quick Tip: ‘कविता की कविता’ से तात्पर्य उस कविता से है जो कविता की गहराई और संदेश को व्यक्त करती है।
गजानन माधव मुक्तिबोध का जन्म किस वर्ष हुआ था?
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Step 1: Identifying the Birth Year.
गजानन माधव मुक्तिबोध का जन्म 1916 ई. में हुआ था।
Step 2: Analysis of options.
- (A) 1917 ई.: यह गलत है।
- (B) 1921 ई.: यह गलत है।
- (C) 1915 ई.: यह गलत है।
- (D) 1916 ई.: यह सही उत्तर है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (D) 1916 ई. है।
Quick Tip: गजानन माधव मुक्तिबोध भारतीय साहित्य के महत्वपूर्ण कवि थे, जिन्होंने कविता और गद्य में आधुनिकता की नींव रखी।
‘वे और नहीं होंगे जो मारे जाएंगे’ शंकर निबंध किसकी रचना है?
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Step 1: Identifying the Author.
‘वे और नहीं होंगे जो मारे जाएंगे’ शंकर निबंध गजानन माधव मुक्तिबोध की रचना है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) मुक्तिबोध: यह सही उत्तर है।
- (B) पुनर्न: यह गलत है।
- (C) सुखवीर साहब: यह गलत है।
- (D) जयशंकर प्रसाद: यह गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (A) मुक्तिबोध है।
Quick Tip: गजानन माधव मुक्तिबोध के निबंध और कविताएं उनके विचारों और समाज की सच्चाइयों को व्यक्त करती हैं।
‘अधिमान’ शंकर कविता में ‘दस्ताना’ करने है?
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Step 1: Identifying the Character.
‘अधिमान’ शंकर कविता में ‘दस्ताना’ गरीब लड़के द्वारा किया जाता है।
Step 2: Analysis of options.
- (A) सीमिक: यह गलत है।
- (B) गरीब लड़का: यह सही उत्तर है।
- (C) शिक्षक: यह गलत है।
- (D) चौकीदार: यह गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (B) गरीब लड़का है।
Quick Tip: कविताओं में पात्रों और उनके कार्यों को दर्शाने से समाज की विभिन्न स्थितियों और मुद्दों पर प्रकाश डाला जाता है।
निम्नलिखित में से कौन कवि इंद्रियगति कृषि विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर रहे थे?
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Step 1: Identifying the Professor.
विनीत कुमार जुल्लन कृषि विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर रहे थे।
Step 2: Analysis of options.
- (A) विनीत कुमार जुल्लन: यह सही उत्तर है।
- (B) सुखवीर साहब: यह गलत है।
- (C) अशोक बाजपेयी: यह भी गलत है।
- (D) जयशंकर प्रसाद: यह गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (A) विनीत कुमार जुल्लन है।
Quick Tip: कवियों और साहित्यकारों का योगदान केवल साहित्य तक सीमित नहीं होता, वे अन्य क्षेत्रों में भी काम करते हैं।
कवि ‘पुनर्न’ को ‘भूषण’ की उपाधि किस राजा के द्वारा दी गई थी?
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Step 1: Identifying the King.
कवि ‘पुनर्न’ को ‘भूषण’ की उपाधि राजा शिव सिंह के द्वारा दी गई थी।
Step 2: Analysis of options.
- (A) राजा शिव सिंह द्वारा: यह सही उत्तर है।
- (B) राजा कृष्णदेव के द्वारा: यह गलत है।
- (C) राजा किमानसिंह द्वारा: यह गलत है।
- (D) राजा शिव सिंह द्वारा: यह भी गलत है।
Step 3: Conclusion.
सही उत्तर (A) राजा शिव सिंह द्वारा है।
Quick Tip: कवि ‘पुनर्न’ को ‘भूषण’ की उपाधि उनके साहित्यिक योगदान के लिए दी गई थी।
निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर निबंध लिखें:
(i) जनसंख्या वृद्धि की समस्याView Solution
Step 1: Introduction to the Topic.
जनसंख्या वृद्धि एक वैश्विक समस्या बन चुकी है, जो न केवल विकासशील देशों, बल्कि विकसित देशों को भी प्रभावित कर रही है। यह समस्या समाज के हर पहलू को प्रभावित करती है, जैसे संसाधनों की कमी, शिक्षा, स्वास्थ्य, और पर्यावरण।
Step 2: Causes of Population Growth.
जनसंख्या वृद्धि के कई कारण हैं, जैसे मृत्यु दर में कमी, जीवन की बेहतर गुणवत्ता, अधिक जन्म दर, और स्वास्थ्य सुविधाओं का सुधार। लोग अधिक समय तक जीवित रहते हैं, जिससे जनसंख्या में वृद्धि होती है।
Step 3: Effects of Population Growth.
जनसंख्या वृद्धि का प्रभाव प्राकृतिक संसाधनों पर पड़ता है। बढ़ती जनसंख्या से जल, बिजली, और कच्चे माल की मांग बढ़ जाती है। इसके अलावा, बेरोजगारी, खाद्य सुरक्षा और शहरीकरण जैसी समस्याएँ भी उत्पन्न होती हैं।
Step 4: Solutions to Control Population Growth.
जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए, सरकारों को जनसंपर्क अभियानों के माध्यम से लोगों को परिवार नियोजन के महत्व के बारे में जागरूक करना चाहिए। इसके अलावा, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करना, महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा, और रोजगार के अवसर बढ़ाने से भी जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित किया जा सकता है।
Step 5: Conclusion.
जनसंख्या वृद्धि की समस्या को समाधान करने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। यह समय की मांग है कि हम इस समस्या पर गंभीरता से विचार करें और इसके समाधान के लिए कार्य करें।
Quick Tip: जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए परिवार नियोजन और शिक्षा पर जोर देना महत्वपूर्ण है।
निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर निबंध लिखें:
(ii) पर्यावरणView Solution
Step 1: Introduction to the Topic.
पर्यावरण हमारे चारों ओर का वह प्राकृतिक वातावरण है, जो जीव-जंतुओं, वनस्पतियों और जल स्रोतों के रूप में मौजूद है। इसके संरक्षण का महत्व समय के साथ बढ़ता जा रहा है, क्योंकि पर्यावरणीय असंतुलन और प्रदूषण ने पृथ्वी पर संकट उत्पन्न कर दिया है।
Step 2: Importance of Environment.
पर्यावरण का महत्व यह है कि यह जीवन के लिए आवश्यक संसाधन प्रदान करता है, जैसे हवा, जल, और भूमि। इसके बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। इसके साथ ही यह हमारे लिए प्राकृतिक संसाधनों का भंडार भी है।
Step 3: Environmental Issues.
आजकल, हमारे पर्यावरण के सामने कई समस्याएं हैं, जैसे जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई, प्रदूषण, और जैव विविधता का नुकसान। ये समस्याएँ हमारे जीवन को प्रभावित करती हैं और भविष्य में और बड़ी चुनौतियाँ उत्पन्न कर सकती हैं।
Step 4: Solutions for Environmental Protection.
पर्यावरण को बचाने के लिए हमें वृक्षारोपण, कचरा प्रबंधन, जल संरक्षण, और हरित ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना चाहिए। इसके अलावा, प्रत्येक व्यक्ति को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है।
Step 5: Conclusion.
पर्यावरण की रक्षा हम सभी की जिम्मेदारी है, और हमें इसे बचाने के लिए सामूहिक प्रयास करने चाहिए। अगर हम इस दिशा में काम करें, तो हम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ और सुंदर पर्यावरण छोड़ सकते हैं।
Quick Tip: पर्यावरण संरक्षण के लिए छोटे-छोटे कदम जैसे पानी बचाना, कचरा कम करना और वृक्षारोपण करना मददगार हो सकते हैं।
निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर निबंध लिखें:
(iii) समय का महत्वView Solution
Step 1: Introduction to the Topic.
समय सबसे मूल्यवान संसाधन है, जो कभी लौट कर नहीं आता। इसे सही समय पर सही कार्य करने के लिए उपयोग करना चाहिए। समय का सही उपयोग हमें जीवन में सफलता की ओर मार्गदर्शन करता है।
Step 2: Importance of Time.
समय का महत्व इस बात में है कि यह हमें कार्य करने का अवसर देता है। जो लोग समय का सही उपयोग करते हैं, वे अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं। समय का सही प्रबंधन जीवन को व्यवस्थित और बेहतर बनाता है।
Step 3: Time Management.
समय प्रबंधन एक कला है, जिसमें हम अपनी प्राथमिकताओं को तय करते हुए समय का उपयोग करते हैं। समय का प्रबंधन करने से हम अधिक काम कर सकते हैं और अपनी जीवनशैली को बेहतर बना सकते हैं।
Step 4: Conclusion.
समय का सही उपयोग करना सबसे महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह एक ऐसा संसाधन है, जिसे हम वापस नहीं पा सकते। हमें इसे समझदारी से उपयोग करना चाहिए।
Quick Tip: समय को प्रबंधित करने के लिए प्राथमिकताएँ तय करें और समय सारणी बनाएं। इससे आपके कार्यों में स्पष्टता आएगी।
निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर निबंध लिखें:
(iv) स्वतंत्रता दिवसView Solution
Step 1: Introduction to the Topic.
स्वतंत्रता दिवस भारत के राष्ट्रीय पर्वों में से एक है। यह दिन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान संघर्षों को याद करने और स्वतंत्रता के महत्व को समझने का दिन है। यह हर साल 15 अगस्त को मनाया जाता है।
Step 2: Historical Background.
15 अगस्त 1947 को भारत को ब्रिटिश साम्राज्य से स्वतंत्रता प्राप्त हुई। यह दिन भारतीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ है, जिसने देश को एक नई दिशा दी।
Step 3: Celebrations of Independence Day.
स्वतंत्रता दिवस को पूरे भारत में धूमधाम से मनाया जाता है। दिल्ली के लाल किले पर प्रधानमंत्री झंडा फहराते हैं और देशवासियों को संबोधित करते हैं। यह दिन सभी भारतीयों के लिए गर्व और गौरव का प्रतीक है।
Step 4: Conclusion.
स्वतंत्रता दिवस हमें हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की याद दिलाता है और उनके संघर्षों को सलाम करता है। हमें इस दिन का महत्व समझना चाहिए और अपने देश की स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए प्रयास करना चाहिए।
Quick Tip: स्वतंत्रता दिवस पर हम स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान को याद करें और देश की सेवा करने का संकल्प लें।
निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर निबंध लिखें:
(v) खेल का महत्वView Solution
Step 1: Introduction to the Topic.
खेल हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। यह न केवल शारीरिक विकास के लिए महत्वपूर्ण होते हैं, बल्कि मानसिक स्थिति को भी सशक्त बनाते हैं। खेल से जीवन में अनुशासन, टीम वर्क और कड़ी मेहनत जैसी विशेषताएँ आती हैं।
Step 2: Importance of Sports.
खेलों के माध्यम से हम अपनी शारीरिक स्थिति को बेहतर बना सकते हैं, इसके अलावा यह मनोरंजन और मानसिक तनाव को कम करने में भी मददगार होते हैं। इसके साथ ही यह जीवन में अनुशासन और समर्पण की भावना को भी जागरूक करते हैं।
Step 3: Social Impact of Sports.
खेल समाज के लोगों को एक साथ लाते हैं। यह टीम वर्क, सहयोग और एक दूसरे से सिखने की प्रक्रिया को प्रोत्साहित करते हैं। इसके अलावा, यह शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य में भी महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करते हैं।
Step 4: Conclusion.
खेल जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुका है, और हमें खेलों को बढ़ावा देना चाहिए ताकि हर व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रह सके।
Quick Tip: खेलों को नियमित रूप से खेलने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है।
निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर निबंध लिखें:
(vi) बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओView Solution
Step 1: Introduction to the Topic.
‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान भारत सरकार द्वारा चलाया गया एक महत्वपूर्ण सामाजिक अभियान है। इसका उद्देश्य बालिकाओं के अधिकारों को सुरक्षित करना और उन्हें शिक्षा के अवसर प्रदान करना है।
Step 2: Importance of the Campaign.
यह अभियान भारत में महिला शशक्तिकरण और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया। यह बालिका भ्रूण हत्या को रोकने और बेटी की शिक्षा को प्रोत्साहित करने का एक प्रभावी उपाय है।
Step 3: Objectives of the Campaign.
‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान का मुख्य उद्देश्य लड़कियों के खिलाफ भेदभाव को समाप्त करना और उन्हें समान अवसर देना है। इसके तहत बेटियों को शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएँ, और सामाजिक सम्मान देने पर जोर दिया गया है।
Step 4: Conclusion.
इस अभियान के माध्यम से हम भारत में बेटियों की स्थिति में सुधार कर सकते हैं। इसे सभी को अपना समर्थन देना चाहिए ताकि हर लड़की को समान अवसर मिले और वह अपने सपनों को साकार कर सके।
Quick Tip: इस अभियान को सफलता से लागू करने के लिए हमें समाज के हर वर्ग से समर्थन की आवश्यकता है।
निम्नलिखित में से किसी दो शब्दों की संज्ञा व्याख्या करें:
(i) ‘यह भी हमारी तरह गरीब आदमी है!’View Solution
Step 1: Identifying the Words.
इस वाक्य में 'गरीब' और 'आदमी' दो महत्वपूर्ण शब्द हैं। इन दोनों का अलग-अलग अर्थ है।
Step 2: Meaning of ‘गरीब’.
‘गरीब’ शब्द एक विशेषण है, जो किसी व्यक्ति या परिवार की आर्थिक स्थिति को व्यक्त करता है। गरीब व्यक्ति वह है जिसके पास आवश्यक संसाधनों की कमी होती है, जैसे पर्याप्त धन, भोजन, आवास, और अन्य बुनियादी आवश्यकताएँ।
Step 3: Meaning of ‘आदमी’.
‘आदमी’ शब्द एक संज्ञा है, जो पुरुष जाति को संदर्भित करता है। यह मानव जाति के लिए प्रयुक्त होता है, विशेष रूप से पुरुषों के लिए।
Step 4: Conclusion.
यह वाक्य 'गरीब आदमी' के सामाजिक स्थिति और आर्थिक स्थिति को व्यक्त करता है।
Quick Tip: संज्ञाओं और विशेषणों का उपयोग व्यक्ति की पहचान और उसकी स्थिति को व्यक्त करने के लिए किया जाता है।
निम्नलिखित में से किसी दो शब्दों की संज्ञा व्याख्या करें:
(ii) ‘कितने क्रूर समाज में रहे हैं हम, जहाँ धर्म का कोई मोल नहीं बल्कि निर्बलता को बढ़ावा देने का पढ़ांव ही था यह सब!’View Solution
Step 1: Identifying the Words.
इस वाक्य में 'धर्म' और 'निर्बलता' दो महत्वपूर्ण शब्द हैं। इन दोनों का अर्थ समाजिक और नैतिक दृष्टिकोण से किया जाता है।
Step 2: Meaning of ‘धर्म’.
‘धर्म’ शब्द भारतीय संस्कृति और समाज में व्यक्ति के कर्तव्यों, नैतिकता, और धार्मिक जीवन के सिद्धांतों का प्रतिनिधित्व करता है। यह जीवन के सर्वोत्तम उद्देश्यों और नैतिक मार्गदर्शन के लिए एक आधार है।
Step 3: Meaning of ‘निर्बलता’.
‘निर्बलता’ शब्द का मतलब है कमजोरी या शक्तिहीनता। यह शारीरिक, मानसिक, या सामाजिक रूप से किसी व्यक्ति की कमजोरी को व्यक्त करता है, जिसे समाज में नकारात्मक रूप से देखा जाता है।
Step 4: Conclusion.
यह वाक्य एक ऐसे समाज की आलोचना करता है जो धर्म की सही परिभाषा को नहीं समझता और निर्बलता को बढ़ावा देता है।
Quick Tip: धर्म का पालन न केवल व्यक्ति की नैतिक स्थिति को मजबूत करता है, बल्कि समाज के उत्थान के लिए भी आवश्यक है।
निम्नलिखित में से किसी दो शब्दों की संज्ञा व्याख्या करें:
(iii) ‘बहुत काली सिल झया से ताल केसस से कि जैसे खुल गई हो।’View Solution
Step 1: Identifying the Words.
‘सिल’ और ‘झया’ शब्दों का अर्थ विस्तार से समझा जा सकता है।
Step 2: Meaning of ‘सिल’.
‘सिल’ शब्द का अर्थ है गहरी दरार या फटी हुई जगह। यह किसी कठोर या अभेद्य सतह में बनने वाली दरार को दर्शाता है।
Step 3: Meaning of ‘झया’.
‘झया’ शब्द का अर्थ होता है भय या तनाव, जो व्यक्ति के मानसिक स्थिति में दिखता है। इसे स्थिति की भयंकरता को व्यक्त करने के लिए प्रयोग किया जाता है।
Step 4: Conclusion.
यह वाक्य किसी कठिन समय या दबाव को व्यक्त करता है जब व्यक्ति किसी संकट से गुजरता है।
Quick Tip: किसी कठिन परिस्थिति को व्यक्त करते समय 'सिल' और 'झया' जैसे शब्दों का प्रयोग किया जा सकता है।
निम्नलिखित में से किसी दो शब्दों की संज्ञा व्याख्या करें:
(iv) ‘दूर से पश्चिम से आते हैंमैंने-देखे नर्ककाल
सिंहासन पर बैठा, उनके
तुम्हे कौन लगता है।’
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Step 1: Identifying the Words.
इस वाक्य में 'सिंहासन' और 'नर्ककाल' दो महत्वपूर्ण शब्द हैं, जो विशेष रूप से साहित्यिक संदर्भ में प्रयुक्त होते हैं।
Step 2: Meaning of ‘सिंहासन’.
‘सिंहासन’ शब्द का अर्थ है एक उच्च सम्मानजनक स्थान या सिंहासन, जो शाही अधिकार और शक्ति का प्रतीक होता है। यह राजाओं और शासकों के लिए प्रयुक्त होता है, जिनके पास अत्यधिक शक्ति और सम्मान होता है।
Step 3: Meaning of ‘नर्ककाल’.
‘नर्ककाल’ शब्द का अर्थ है दुखद और भयावह समय। इसे किसी कष्टपूर्ण या दुष्ट समय के रूप में समझा जा सकता है, जिसे कोई भी व्यक्ति नहीं चाहता। यह अक्सर किसी कठिन स्थिति या गहरे संकट को व्यक्त करने के लिए उपयोग किया जाता है।
Step 4: Conclusion.
यह वाक्य राजसी और कष्टप्रद परिस्थितियों के बीच एक विरोधाभास को व्यक्त करता है, जहां सिंहासन पर बैठा व्यक्ति नर्ककाल का सामना कर रहा है।
Quick Tip: ‘सिंहासन’ और ‘नर्ककाल’ जैसे शब्द समाज के शाही और कष्टकारी पहलुओं को व्यक्त करने के लिए प्रयुक्त होते हैं।
अपने प्रधानाचार्य के पास एक आवेदन पत्र लिखें, जिसमें विद्यालय के पुस्तकालय के लिए हिंदी व्याकरण की पुस्तकें मंगवाने का अनुरोध किया गया हो।
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आवेदन पत्र
प्रिय प्रधानाचार्य,
सादर प्रणाम।
मैं कक्षा [कक्षा का नाम] का एक विद्यार्थी आपके विद्यालय में पढ़ाई कर रहा हूँ। मैं आपको सूचित करना चाहता हूँ कि हमारे विद्यालय के पुस्तकालय में हिंदी व्याकरण की पुस्तकें बहुत कम हैं और छात्रों को पढ़ाई में कठिनाई हो रही है। हमारे पाठ्यक्रम में हिंदी व्याकरण का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है, और पुस्तकें न होने के कारण हम अपनी पढ़ाई में कठिनाई महसूस कर रहे हैं।
अतः मैं आपसे निवेदन करता हूँ कि कृपया विद्यालय पुस्तकालय में हिंदी व्याकरण की अधिक पुस्तकें मंगवाने की कृपा करें, ताकि हम अपनी पढ़ाई में कोई रुकावट न महसूस करें। मैं आपके उत्तर का इंतजार करूंगा।
धन्यवाद।
आपका विद्यार्थी,
आपका नाम
कक्षा का नाम
विद्यालय का नाम
Quick Tip: आवेदन पत्र लिखते समय विनम्र और स्पष्ट भाषा का प्रयोग करें।
अपने बड़ी हलचल के व्यवसायिक कार्यक्रम में शान्ति होने के लिए अपने मित्र के पास एक पत्र लिखें।
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पत्र
प्रिय मित्र,
सादर प्रणाम।
मैं आशा करता हूँ कि तुम अच्छे स्वास्थ्य में रहोगे। आजकल मुझे अपने व्यवसायिक कार्यक्रम के बारे में कुछ बातें साझा करनी हैं। हमारे कार्यक्रम में बहुत अधिक हलचल और शोर-शराबा हो रहा है, जिससे शांति की आवश्यकता महसूस हो रही है। मुझे यह बहुत खलता है, क्योंकि एक अच्छा और प्रभावशाली कार्यक्रम शांति और अनुशासन में ही हो सकता है।
मुझे लगता है कि अगर हम थोड़ी शांति और समर्पण के साथ काम करेंगे तो इस कार्यक्रम की सफलता को और बढ़ाया जा सकता है। इसलिए मैं तुमसे यह निवेदन करता हूँ कि शांति बनाए रखने के लिए हम दोनों एकजुट होकर शांतिपूर्वक कार्य करें और कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की बेतहाशा हलचल को रोकें।
आशा है कि तुम मेरी बात समझ सकोगे और इसे लागू करोगे। जल्द ही तुम्हारा उत्तर मिलने की प्रतीक्षा करूंगा।
धन्यवाद।
तुम्हारा मित्र,
तुम्हारा नाम
तुम्हारा पता
तुम्हारी कक्षा/समूह
Quick Tip: पत्र लिखते समय अपने मित्र से संवाद स्पष्ट और समझदारी से करना चाहिए।
निम्नलिखित प्रश्नों में से किसी पाँच के उत्तर दें:
(i) ‘आर्ट ऑफ़ कम्युनिकेशन’ क्या है?View Solution
Step 1: Definition of 'Art of Communication'.
‘आर्ट ऑफ़ कम्युनिकेशन’ का अर्थ है संवाद कला। यह किसी विचार, सूचना, या भावना को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक प्रभावी तरीके से पहुँचाने की प्रक्रिया है। इसे सही समय, सही माध्यम और सही तरीके से किया जाता है। यह व्यक्तिगत, पेशेवर और सामाजिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
Step 2: Types of Communication.
कम्युनिकेशन का कई प्रकार होते हैं, जैसे:
- वर्बल कम्युनिकेशन: मौखिक या लिखित रूप में संवाद।
- नॉन-वर्बल कम्युनिकेशन: चेहरे के हाव-भाव, इशारे, शरीर की भाषा।
- ऑनलाइन कम्युनिकेशन: डिजिटल माध्यमों द्वारा संदेशों का आदान-प्रदान।
Step 3: Importance of Communication.
संचार (कम्युनिकेशन) से व्यक्ति की सोच और कार्य क्षमता को बेहतर बनाया जा सकता है। यह व्यावसायिक सफलता, रिश्तों की मजबूती और सामाजिक समृद्धि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
Step 4: Conclusion.
‘आर्ट ऑफ़ कम्युनिकेशन’ का सही तरीके से अभ्यास करने से हम अपने विचारों को प्रभावी रूप से दूसरों तक पहुँचा सकते हैं और अच्छे संबंधों की स्थापना कर सकते हैं।
Quick Tip: संचार का सही तरीका चुनने से हम अपने संदेश को स्पष्ट और प्रभावी ढंग से संप्रेषित कर सकते हैं।
(ii) दिक्कत जी का निधन कहाँ और किन परिस्थितियों में हुआ था?
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Step 1: दिक्कत जी का जीवन परिचय.
दिक्कत जी भारतीय समाज के एक प्रमुख व्यक्तित्व थे, जिनका योगदान समाजिक कार्यों में था। उनका निधन एक महत्वपूर्ण घटना थी, जो समाज में व्यापक रूप से चर्चित हुई।
Step 2: निधन की परिस्थितियाँ.
दिक्कत जी का निधन उस समय हुआ था जब वे समाज सेवा के कार्यों में पूरी तरह से संलग्न थे। वे अपने जीवन के अंतिम समय में कुछ व्यक्तिगत संघर्षों का सामना कर रहे थे, जो उनके निधन का कारण बने।
Step 3: निष्कर्ष.
दिक्कत जी का निधन एक शोक की घड़ी था, और उनकी मौत से समाज को एक बड़ा नुकसान हुआ।
Quick Tip: दिक्कत जी का जीवन समाज सेवा और संघर्ष का प्रतीक था। उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।
(iii) नदी की परिचिता कब से आँधि हुई?
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Step 1: नदी की परिचिता का महत्व.
नदी की परिचिता प्राकृतिक स्रोत का एक प्रमुख हिस्सा है। यह समाज और जीवन के विविध पहलुओं से जुड़ा हुआ है। यह सवाल नदी के जीवन और उसकी स्थिति पर प्रकाश डालता है।
Step 2: आँधि की शुरूआत.
नदी के अस्तित्व को लेकर उत्पन्न होने वाली कठिनाइयों और आंधियों की परिस्थिति जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक प्रभाव डालती हैं।
Step 3: निष्कर्ष.
नदी की परिचिता समय-समय पर प्रकृति के बदलाव से प्रभावित होती रही है।
Quick Tip: नदी की परिचिता और उसके पर्यावरणीय परिवर्तनों को समझना समाज के लिए महत्वपूर्ण है।
(iv) विद्यार्थियों को राजनीति में भाग क्यों लेना चाहिए? 'एक लोटा और एक पंख' सशक्त पाठ के आधार पर लिखें।
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Step 1: राजनीति में विद्यार्थियों का भागीदारी.
राजनीति समाज के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को इसमें भाग लेना चाहिए ताकि वे समाज की विभिन्न समस्याओं को समझ सकें और समाधान में योगदान कर सकें।
Step 2: 'एक लोटा और एक पंख' का विश्लेषण.
इस पाठ में विद्यार्थियों के सामर्थ्य को जागरूक किया गया है कि वे समाज के बदलाव में भागीदार बनें। यह पाठ प्रेरित करता है कि एक पंख और एक लोटा जैसे साधारण संसाधन से बड़े कार्य किए जा सकते हैं।
Step 3: निष्कर्ष.
विद्यार्थियों को राजनीति में भाग लेना चाहिए ताकि वे समाज की उन्नति में योगदान कर सकें और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकें।
Quick Tip: राजनीतिक जागरूकता और भागीदारी विद्यार्थियों को समाज के प्रति जिम्मेदार बनाती है।
(v) 'धन्यवाद' शब्द का क्या अर्थ है?
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Step 1: 'धन्यवाद' का अर्थ.
'धन्यवाद' एक संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ होता है 'धन्य होना' या 'कृतज्ञता व्यक्त करना'। यह शब्द किसी के द्वारा किए गए अच्छे कार्यों का आभार व्यक्त करने के लिए प्रयोग किया जाता है।
Step 2: उपयोग.
यह शब्द समाज में धन्यवाद की भावना को प्रकट करने के लिए प्रचलित है, जैसे किसी को किसी सेवा या मदद के लिए धन्यवाद देना।
Step 3: निष्कर्ष.
'धन्यवाद' शब्द का अर्थ कृतज्ञता व्यक्त करना और आभार प्रकट करना है।
Quick Tip: 'धन्यवाद' शब्द का उपयोग धन्यवाद देने और आभार व्यक्त करने के लिए किया जाता है।
(vi) चातकी किसके लिए तड़पती है? कवि कविता के आधार पर उत्तर दें।
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Step 1: चातकी का प्रतीकात्मक अर्थ.
चातकी एक ऐसा पक्षी है जो बारिश के पानी के लिए तड़पता है, इसे प्रेम और तीव्र इच्छा का प्रतीक माना जाता है। कवि चातकी के माध्यम से कुछ औरी गहरी भावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है।
Step 2: कविता का आधार.
कवि ने चातकी के तड़पने का प्रतीक इस उद्देश्य से दिया है कि यह उन लोगों की स्थिति को दर्शाता है जो किसी विशिष्ट चीज़ के लिए गहरे प्रेम और उम्मीद से जूझ रहे होते हैं।
Step 3: निष्कर्ष.
चातकी का प्रतीक कुछ और पाने की तीव्र इच्छा और संघर्ष को दर्शाता है, जो उसे अन्य पक्षियों से अलग बनाता है।
Quick Tip: चातकी का तड़पना प्रतीक है, किसी विशेष चीज़ या विचार के लिए तीव्र प्रेम और उसके प्रति लालसा।
(vii) कवि मुक्ति में के अनुसार बांधी हुई मुक्ति का क्या अर्थ है?
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Step 1: मुक्ति का स्वरूप.
कवि ने मुक्ति को एक रूप में बाँधकर पेश किया है, जो किसी व्यक्ति या समाज की आत्ममुक्ति की ओर इशारा करता है। यह मुक्ति केवल भौतिक रूप से नहीं, बल्कि मानसिक और आत्मिक स्तर पर भी हो सकती है।
Step 2: मुक्ति का संदर्भ.
कवि के अनुसार, मुक्ति केवल शारीरिक रूप से स्वतंत्रता नहीं है, बल्कि यह विचारों और आत्मा की स्वतंत्रता भी है। यह बंधन से मुक्ति की प्रक्रिया है जो व्यक्ति को अधिक स्वतंत्र और जागरूक बनाती है।
Step 3: निष्कर्ष.
'बांधी हुई मुक्ति' का अर्थ है कि मुक्त होने की प्रक्रिया धीरे-धीरे और सचेत रूप से होती है, और यह एक अंदरूनी संघर्ष है।
Quick Tip: मुक्ति का अर्थ केवल शारीरिक स्वतंत्रता से नहीं, बल्कि मानसिक और आत्मिक स्वतंत्रता से भी है।
(viii) हरसाना कौन है? उसकी क्या पहचान है?
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Step 1: हरसाना का परिचय.
हरसाना एक प्राचीन ऐतिहासिक और साहित्यिक व्यक्ति हो सकता है, जिनका वर्णन किसी विशेष संदर्भ में किया गया हो। यह नाम किसी कथा या पात्र से जुड़ा हुआ हो सकता है।
Step 2: पहचान और योगदान.
हरसाना की पहचान उनके कार्यों, व्यक्तित्व और समाज में योगदान से होती है। यह व्यक्तित्व संघर्षों और समय की परिस्थितियों से जुड़ा हो सकता है।
Step 3: निष्कर्ष.
हरसाना एक ऐसी हस्ती हो सकती है जिनका साहित्य और समाज में विशेष योगदान है, और उनकी पहचान समय के साथ महत्वपूर्ण हो गई है।
Quick Tip: हरसाना के संदर्भ में साहित्य और समाज का योगदान समझना आवश्यक है।
(ix) उसब कौन और क्यों मना रहे हैं? 'दार-ज़ीन' शंतिक कविता के अनुसार लिखें।
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Step 1: 'दार-ज़ीन' शंतिक कविता का परिचय.
'दार-ज़ीन' शंतिक कविता में जीवन और शांति के महत्व को दर्शाया गया है। कविता में शांति की स्थापना और संघर्ष के बारे में विचार किया गया है।
Step 2: 'उसब' का संदर्भ.
कविता में 'उसब' का तात्पर्य उन लोगों से है जो शांति और संघर्ष के महत्व को समझने के बाद उसे अपनाते हैं। वे अपने जीवन में शांति को लेकर प्रतिबद्ध होते हैं।
Step 3: निष्कर्ष.
कविता का संदेश यह है कि हर व्यक्ति को शांति का संदेश अपनाना चाहिए और संघर्षों से ऊपर उठकर जीवन को शांति से जीना चाहिए।
Quick Tip: 'दार-ज़ीन' शंतिक कविता शांति और संघर्ष का प्रतीक है, जिसमें जीवन को शांति से जीने का संदेश दिया गया है।
(x) पुत्र के लिए माँ क्या-क्या करती है? 'पुत्र-निवियोग' शंतिक कविता के आधार पर लिखें।
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Step 1: 'पुत्र-निवियोग' शंतिक कविता का परिचय.
'पुत्र-निवियोग' शंतिक कविता में एक माँ की भावनाओं और संघर्षों को दिखाया गया है। यह कविता एक माँ की अपनी संतान के प्रति गहरी भावना और उससे जुड़ी जिम्मेदारियों को चित्रित करती है।
Step 2: माँ का त्याग.
कविता के अनुसार, माँ अपने पुत्र के लिए हर संभव त्याग करती है। वह उसे जीवन में सफलता की ओर मार्गदर्शन देती है और अपने प्रेम और समर्थन से उसे जीवन के संघर्षों से लड़ने की शक्ति देती है।
Step 3: निष्कर्ष.
'पुत्र-निवियोग' कविता में माँ के अपार प्रेम और त्याग का चित्रण किया गया है, जो हर पुत्र के लिए अनमोल होता है।
Quick Tip: कविता में माँ का त्याग और प्रेम उसे परिवार और समाज के लिए अद्वितीय बनाता है।
(i)मनुष्य की बातचीत का उस समय तरीका क्या हो सकता है? इसके द्वारा वह कैसे अपने लिए सर्वोत्तम नवीन संसार की रचना कर सकता है?
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Step 1: बातचीत के तरीके का महत्व.
मनुष्य की बातचीत का तरीका उसके विचारों, संस्कारों और मानसिकता को दर्शाता है। बातचीत का तरीका किसी भी समाज में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, क्योंकि यह समाज के विचारधारा और संस्कृति को प्रभावित करता है।
Step 2: अच्छे संवाद के प्रभाव.
अगर मनुष्य अपनी बातचीत को सकारात्मक, संयमित और विचारशील बनाए रखे, तो वह अपने आसपास के लोगों पर अच्छा प्रभाव डाल सकता है और इससे समाज में बदलाव आ सकता है।
Step 3: नवीन संसार की रचना.
मनुष्य यदि सही तरीके से संवाद करता है, तो वह समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। यह नए विचारों, नई पहल और एक बेहतर समाज की ओर अग्रसर होने का मार्ग खोलता है।
Step 4: निष्कर्ष.
बातचीत का सही तरीका मनुष्य को अपने लिए एक बेहतर और सकारात्मक संसार बनाने में मदद करता है।
Quick Tip: सकारात्मक और विचारशील संवाद समाज में परिवर्तन और सुधार ला सकता है।
(ii) 'लहना सिंह का दार्मिक दृष्टिकोण और उसकी बुद्धि दोनों ही अत्यंत हैं।' इस कथन की पुष्टि करें।
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Step 1: लहना सिंह का दार्मिक दृष्टिकोण.
लहना सिंह एक गहरे धार्मिक व्यक्ति थे, जिनका जीवन सत्य और नैतिकता की खोज में समर्पित था। उनका दार्मिक दृष्टिकोण जीवन के हर पहलू में परमात्मा के अस्तित्व और उसकी महिमा को स्वीकार करता था।
Step 2: लहना सिंह की बुद्धि.
लहना सिंह की बुद्धि केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक और वैचारिक थी। उनकी बुद्धि में विचारशीलता और दूरदर्शिता थी, जिसने उन्हें अपने समय की सामाजिक और धार्मिक जटिलताओं को समझने में मदद दी।
Step 3: निष्कर्ष.
लहना सिंह का दार्मिक दृष्टिकोण और उनकी बुद्धि दोनों ही अत्यंत थी क्योंकि वे अपने धार्मिक विश्वासों के साथ-साथ सामाजिक बदलाव के लिए भी सक्रिय थे।
Quick Tip: लहना सिंह की धार्मिक दृष्टि और बुद्धि उनके जीवन के संघर्षों और परिपक्वता को दर्शाती है।
(iii) अर्थनीति की कलनवा क्यों की गई होगी, और आज इसकी क्या सार्थकता है?
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Step 1: अर्थनीति की कलनवा.
अर्थनीति की कलनवा का तात्पर्य आर्थिक योजनाओं और नीतियों के प्रभावी ढंग से निर्माण से है। यह प्रक्रिया समाज और राष्ट्र की समृद्धि के लिए आवश्यक होती है, ताकि विकास को गति दी जा सके।
Step 2: आज इसकी सार्थकता.
आज अर्थनीति की कलनवा का महत्व और भी बढ़ गया है क्योंकि आधुनिक समय में देशों को अपनी आर्थिक नीतियों और योजनाओं के माध्यम से वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करना पड़ता है। अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और सामाजिक असमानताओं को कम करने के लिए यह आवश्यक है।
Step 3: निष्कर्ष.
अर्थनीति की कलनवा आज भी समाज और राष्ट्र के लिए अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि इसके माध्यम से ही हम बेहतर आर्थिक विकास और संतुलित समाज की स्थापना कर सकते हैं।
Quick Tip: अर्थनीति की कलनवा का उद्देश्य आर्थिक नीतियों के माध्यम से समाज और राष्ट्र के विकास को सुनिश्चित करना है।
(iv) यह कविता क्या है? इसकी क्या विशेषताएँ हैं? 'दार-ज़ीन' शंतिक कविता के आधार पर लिखें।
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Step 1: 'दार-ज़ीन' शंतिक कविता का परिचय.
'दार-ज़ीन' शंतिक कविता एक गहरी विचारशीलता और शांति की आवश्यकता को दर्शाती है। इसमें जीवन के संघर्षों और उन पर विजय प्राप्त करने के तरीके पर चर्चा की जाती है।
Step 2: कविता की विशेषताएँ.
इस कविता की विशेषता यह है कि यह शांति और संघर्ष की मूल बातें प्रस्तुत करती है, जो हमें अपने जीवन के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए मार्गदर्शन देती हैं। कविता में प्रतीकों और भावनाओं के माध्यम से जीवन की वास्तविकता को प्रस्तुत किया गया है।
Step 3: निष्कर्ष.
'दार-ज़ीन' शंतिक कविता जीवन के संघर्षों को शांतिपूर्वक और विचारशील तरीके से समझाने का प्रयास करती है।
Quick Tip: शांति की कविताएँ जीवन की कठिनाइयों को समझने और उन्हें पार करने का मार्ग दिखाती हैं।
(v) 'जन-जन का चेहरा एक' शंतिक कविता का भावार्थ लिखें।
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Step 1: 'जन-जन का चेहरा एक' कविता का परिचय.
यह कविता समाज की एकता और समता का प्रतीक है, जिसमें सभी व्यक्तियों को एक समान रूप में देखा गया है। कवि ने इसमें समाज की धारा और उसके लोगों के चेहरों के माध्यम से समाज के एकत्व की महत्वपूर्ण बात को प्रस्तुत किया है।
Step 2: कविता का भावार्थ.
कविता में कवि यह बताता है कि सभी लोग चाहे वे किसी भी धर्म, जाति या समाज से हों, उनके चेहरे में एक समानता है। यह समानता मानवता और भाईचारे की भावना का प्रतीक है।
Step 3: निष्कर्ष.
'जन-जन का चेहरा एक' कविता समाज में समानता और एकता का संदेश देती है, जो समाज के सभी व्यक्तियों को जोड़ने का काम करती है।
Quick Tip: कविता समाज की एकता और समानता का संदेश देती है, जो हमें विभाजन और भेदभाव से ऊपर उठने के लिए प्रेरित करती है।
(vi) तुलसीदास रचित प्रथम पद का भावार्थ अपने शब्दों में लिखिए।
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Step 1: तुलसीदास रचित प्रथम पद का परिचय.
तुलसीदास जी का प्रथम पद रामभक्ति का मार्गदर्शन करने वाला एक अद्भुत काव्य है। यह पद राम के प्रति भक्ति और श्रद्धा का आदर्श प्रस्तुत करता है।
Step 2: पद का भावार्थ.
इस पद में तुलसीदास जी ने भगवान राम की महिमा का वर्णन किया है और उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में सर्वोच्च स्थान दिया है। यह पद हमें भगवान राम के चरणों में समर्पण और भक्ति का मार्ग दिखाता है।
Step 3: निष्कर्ष.
तुलसीदास रचित प्रथम पद में भगवान राम की महिमा को समर्पित किया गया है, जो भक्तों को भक्ति के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता है।
Quick Tip: रामभक्ति में समर्पण और श्रद्धा की शक्ति को समझने के लिए तुलसीदास रचित काव्य को पढ़ना अत्यंत लाभकारी है।
(i) क्रोध शांति भंग करने वाला मानसिक विकार है। एक क्रोध दूसरे में भी क्रोध का ही संचार करता है। इसके प्रति क्रोध प्रदर्शन होता है, वह तल्ख़ अपमान का अनुभव करता है और इस पर उसकी तोड़ी भी चढ़ जाती है। यह विचार करने वाले बहुत थोड़े लोग होते हैं कि हम पर जो क्रोध प्रकट किया जा रहा है, वह जीवन है या अहंकार। इसे ही धर्म, नीति और शिक्षा की नीतियों में क्रोध के विषय का उद्देश्य पाया जाता है। संत लोग तो गलतियों के दमन से दूर रहते हैं।
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Step 1: क्रोध का मानसिक विकार के रूप में विवेचन.
क्रोध एक मानसिक विकार है जो मनुष्य के मानसिक संतुलन को असंतुलित करता है। जब कोई व्यक्ति क्रोधित होता है, तो वह अपने विचारों और कार्यों में हताशा और अशांति को महसूस करता है। यह न केवल खुद के लिए, बल्कि दूसरों के लिए भी नकारात्मक प्रभाव उत्पन्न करता है।
Step 2: क्रोध का प्रभाव.
जब एक व्यक्ति क्रोधित होता है, तो उसका क्रोध अन्य लोगों में भी फैल जाता है। क्रोध की प्रतिक्रिया केवल भावनाओं का संचार नहीं होती, बल्कि वह समाज में एक दुष्चक्र का कारण बनती है। इससे व्यक्ति के व्यवहार में तल्ख़पन और असंवेदनशीलता भी बढ़ती है।
Step 3: निष्कर्ष.
क्रोध का प्रभाव समाज में हानि और अशांति लाता है। इसके मुकाबले, संत लोग अपने मानसिक शांति को बनाए रखते हैं और किसी भी नकारात्मक भावना को अपने ऊपर हावी नहीं होने देते।
Quick Tip: क्रोध और अन्य नकारात्मक भावनाओं का सही तरीके से नियंत्रण जीवन में मानसिक शांति और संतुलन बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।
(ii) मनुष्य सुख की खोज में आकांक्षी हो रहा है। इसी की प्रतिक्रिया उसके जीवन का सबसे मुख्य उद्देश्य है। दुख से बहुत अधिक यह प्रमाणित करता है कि इस जीवन में ही नहीं आने वाले जीवन के लिए भी ऐसी व्यवस्था करना चाहता है कि वहां भी वह सुख का उपयोग कर सके। जनम और कर्म, मोह और निर्वाण, सब उसकी आकांक्षाओं की रचनाएं हैं। पुत्र प्राप्ति के लिए हमें जीवन को निराश और संसार को अंतिम कहे।
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Step 1: सुख की खोज और मानव आकांक्षाएँ.
मनुष्य जीवन में सुख की तलाश में निरंतर लगा रहता है। वह अपनी आंतरिक इच्छाओं, भौतिक सुखों और मानसिक संतुष्टि की प्राप्ति के लिए संघर्ष करता है। यह आंतरिक खोज उसकी जीवन यात्रा को दिशा देती है और उसे एक उद्देश्य प्रदान करती है।
Step 2: दुख का महत्व और जीवन में उसका प्रभाव.
दुख जीवन का अनिवार्य हिस्सा है और यह मनुष्य को जीवन के वास्तविक अर्थ को समझने का अवसर प्रदान करता है। दुख की प्रतिक्रिया ही सुख की उत्पत्ति करती है। जब हम दुख का सामना करते हैं, तो हम उसे पार करने के उपाय ढूंढते हैं और यही प्रक्रिया हमें जीवन में वास्तविक सुख की ओर मार्गदर्शन करती है।
Step 3: निष्कर्ष.
मनुष्य जीवन के सभी पहलुओं में सुख और संतुष्टि की तलाश करता है। हालांकि, सुख के पीछे की यात्रा, उसकी कठिनाइयों और संघर्षों के बीच से गुजरती है, जो उसे जीवन के अंतिम उद्देश्य और संतुलन की ओर ले जाती है।
Quick Tip: सुख और दुख का संतुलन जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा है, और यह हमें मानसिक विकास और संतोष की ओर ले जाता है।





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