Bihar Board Class 10 Hindi Question Paper 2023 PDF (Code 101 Set-A) is available for download here. The total marks for the theory paper are 100. Students reported the paper to be easy to moderate.
Bihar Board Class 10 Hindi Question Paper 2023 (Code 101 Set-A) with Solutions
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स्वरों के उच्चारण में लगनेवाले समय के आधार पर स्वर वर्ण के कितने भेद होते हैं?
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Step 1: स्वर के भेद समय के आधार पर।
स्वर वर्णों का उच्चारण करते समय लगनेवाले समय के आधार पर इन्हें तीन भेदों में बाँटा गया है—ह्रस्व स्वर, दीर्घ स्वर और प्लुत स्वर।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः सही उत्तर है — तीन।
Quick Tip: स्वरों को समय के आधार पर ह्रस्व, दीर्घ और प्लुत में विभाजित किया जाता है।
'च' का उच्चारण स्थान क्या है?
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Step 1: व्यंजन के उच्चारण स्थान।
'च' वर्ग का उच्चारण तालु से होता है, इसलिए यह तालव्य ध्वनि है।
Step 2: निष्कर्ष।
इसलिए 'च' का उच्चारण स्थान तालु है।
Quick Tip: ‘च’, ‘छ’, ‘ज’, ‘झ’, ‘ञ’ सभी तालव्य ध्वनियाँ हैं।
निम्नलिखित में अंतःस्थ व्यंजन कौन है?
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Step 1: अंतःस्थ व्यंजन की परिभाषा।
जो व्यंजन कंठ और तालु के बीच से उच्चरित होते हैं उन्हें अंतःस्थ व्यंजन कहते हैं।
Step 2: उदाहरण।
य, र, ल, व — ये अंतःस्थ व्यंजन हैं।
Step 3: निष्कर्ष।
अतः सही उत्तर ‘य’ है।
Quick Tip: अंतःस्थ व्यंजन चार होते हैं – य, र, ल, व।
‘एकाक्षरिक स्वर’ निम्न में से कौन है?
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Step 1: ह्रस्व स्वर।
ह्रस्व स्वर का उच्चारण एक मात्रा (एक अक्षर) में होता है। इसे एकाक्षरिक स्वर भी कहते हैं।
Step 2: निष्कर्ष।
इसलिए सही उत्तर ह्रस्व स्वर है।
Quick Tip: एक मात्रा में उच्चरित स्वर = ह्रस्व स्वर।
‘मुक्ताक्षर’ की अंतिम ध्वनि क्या होती है?
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Step 1: मुक्ताक्षर की परिभाषा।
जिस अक्षर का अंत स्वर ध्वनि पर होता है, उसे मुक्ताक्षर कहते हैं।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः मुक्ताक्षर की अंतिम ध्वनि स्वर होती है।
Quick Tip: मुक्ताक्षर = स्वर पर समाप्त अक्षर।
‘यद्यपि’ शब्द का संधि-विच्छेद क्या होगा?
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Step 1: संधि का ज्ञान।
‘यद्यपि’ शब्द में यदि + अपि से संधि बनी है।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः संधि-विच्छेद होगा— यदि + अपि।
Quick Tip: संधि-विच्छेद में मूल शब्दों की पहचान करना ज़रूरी है।
निम्नलिखित में से शुद्ध शब्द कौन है?
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Step 1: शुद्ध अशुद्ध शब्द।
भिष्म (गलत, सही = भीष्म), विधी (गलत, सही = विधि), प्रान (गलत, सही = प्राण)।
Step 2: निष्कर्ष।
सही शब्द केवल ‘दृष्टि’ है।
Quick Tip: शब्द शुद्धता पर ध्यान देना जरूरी है।
निम्नलिखित चिह्नों में इकारा उच्चारण चिह्न कौन-सा है?
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Step 1: इकारा चिह्न।
'।' को इकारा (पूर्ण विराम) कहते हैं। यह वाक्य के अंत को दर्शाता है।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः सही उत्तर है — '।'
Quick Tip: '।' को पूर्णविराम अथवा इकारा कहते हैं।
‘ज्ञ’ क्या है?
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Step 1: संयुक्त व्यंजन।
जो व्यंजन दो ध्वनियों के मेल से बने होते हैं उन्हें संयुक्त व्यंजन कहते हैं।
Step 2: उदाहरण।
‘ज्ञ’ = ज् + ञ = संयुक्त व्यंजन।
Step 3: निष्कर्ष।
अतः सही उत्तर है — संयुक्त व्यंजन।
Quick Tip: ‘ज्ञ’, ‘क्ष’, ‘त्र’ आदि संयुक्त व्यंजन हैं।
उस विकारी शब्द को क्या कहते हैं, जिससे किसी विशेष वस्तु, भाव और जीव के नाम का बोध हो?
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Step 1: संज्ञा की परिभाषा।
जिस शब्द से किसी विशेष वस्तु, व्यक्ति, स्थान, जीव या भाव का बोध होता है, उसे संज्ञा कहते हैं।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः सही उत्तर ‘संज्ञा’ है।
Quick Tip: संज्ञा — किसी भी वस्तु, व्यक्ति या स्थान के नाम को कहते हैं।
'आजा' शब्द कौन लिंग है ?
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Step 1: लिंग की पहचान।
'आजा' का अर्थ 'दादा' (पुरुष) होता है, अतः यह पुरुषवाचक शब्द है।
Step 2: निष्कर्ष।
पुरुषवाचक होने से 'आजा' पुल्लिंग है। Quick Tip: जो शब्द पुरुष व्यक्तियों को सूचित करें, वे सामान्यतः पुल्लिंग माने जाते हैं।
'वाण' क्या है ?
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Step 1: तत्सम की परिभाषा।
संस्कृत से बिना परिवर्तन लिए गए शब्द 'तत्सम' कहलाते हैं।
Step 2: अनुप्रयोग।
'वाण' (बाण/अस्त्र) संस्कृत रूप में ही प्रयुक्त है, इसलिए यह तत्सम है। Quick Tip: तत्सम = संस्कृत रूप जस-का-तस; तद्भव = बोलचाल में बदला हुआ रूप।
'श्रीमान' शब्द का स्त्रीलिंग रूप क्या है ?
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Step 1: रूप-परिवर्तन ज्ञान।
'श्रीमान' (सम्मानसूचक, पुल्लिंग) का सर्वमान्य स्त्रीलिंग रूप 'श्रीमती' होता है।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः 'श्रीमती' सही उत्तर है। Quick Tip: सम्मानसूचक संबोधन— श्रीमान (पु.), श्रीमती (स्त्री), श्री (नपुंसक/उपसर्ग) का भेद याद रखें।
'लड़का' का बहुवचन क्या होगा ?
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Step 1: वचन-नियम।
'आ' पर समाप्त पुल्लिंग शब्दों का बहुवचन सामान्यतः 'ए' हो जाता है।
Step 2: निष्कर्ष।
लड़का \(\rightarrow\) लड़के — यही शुद्ध रूप है। Quick Tip: 'लड़का, धनी, छात्र' \(\rightarrow\) 'लड़के, धनी (अपरिवर्तित/संदर्भानुसार), छात्र'— रूप पर ध्यान दें।
संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से वाक्य के अन्य शब्दों के साथ उनका संबंध सूचित हो, उसे क्या कहते हैं ?
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Step 1: परिभाषा।
कारक वह व्याकरणिक संबंध है जिससे कर्ता, कर्म आदि का वाक्य के अन्य पदों से संबंध प्रकट होता है।
Step 2: निष्कर्ष।
इसलिए उत्तर 'कारक' है। Quick Tip: कारक व विभक्ति का संबंध— विभक्तियाँ (में, से, को, का...) अक्सर कारक को प्रकट करती हैं।
'में, पर' — किस कारक की विभक्तियाँ हैं ?
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Step 1: अधिकरण का कार्य।
अधिकरण कारक स्थान/समय का बोध कराता है; इसकी सामान्य विभक्तियाँ 'में, पर' हैं।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः 'में, पर' = अधिकरण कारक की विभक्तियाँ। Quick Tip: स्थान बताए तो अधिकरण— जैसे: किताब मेज \(\textbf{पर}\) है, पानी गिलास \(\textbf{में}\) है।
'हिमालय से गंगा निकलती है।' — किस कारक का उदाहरण है ?
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Step 1: अपादान का अर्थ।
अपादान 'से' विभक्ति द्वारा अलगाव/निष्क्रमण का बोध कराता है— किसी स्थान/वस्तु से निकलना, दूर होना।
Step 2: अनुप्रयोग।
वाक्य में 'हिमालय से गंगा निकलती है'— 'से' अपादान कारक को सूचित करता है। Quick Tip: 'से' (उत्पत्ति/वियोग) दिखाई दे तो प्रायः अपादान कारक होता है।
हिंदी में कितने सर्वनाम हैं ?
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Step 1: जानकारी।
पाठ्यक्रमानुसार हिंदी में सर्वनामों के 14 प्रकार गिने जाते हैं (पुरुषवाचक, संकेतवाचक, संबंधवाचक, प्रश्नवाचक, अनिश्चयवाचक, निजवाचक, निश्चयवाचक, पारस्परिक, आत्मवाचक, वितरणवाचक, द्योतक, विशेषणात्मक इत्यादि— वर्गीकरण पाठ्यक्रमानुसार भिन्न हो सकता है, पर संख्या 14 स्वीकार्य है)।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः उत्तर 'चौदह' है। Quick Tip: परीक्षा में संख्या-आधारित प्रश्नों के लिए प्रचलित (syllabus-based) मान याद रखें— यहाँ 14।
'मेरा एक कुत्ता है, जो भोपाल से लाया गया है।' — किस सर्वनाम का उदाहरण है ?
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Step 1: परिभाषा।
जो सर्वनाम किसी अन्य पद से संबंध जोड़ता है, उसे संबंधवाचक सर्वनाम कहते हैं।
Step 2: पहचान।
वाक्य में 'जो' संबंध स्थापित कर रहा है— 'कुत्ता' के बारे में अतिरिक्त जानकारी देता है; अतः यह संबंधवाचक है। Quick Tip: 'जो, जैसा, जितना, जहाँ' आदि अक्सर संबंधवाचक सर्वनाम होते हैं।
जो संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताए, उसे क्या कहते हैं ?
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Step 1: परिभाषा।
जो शब्द संज्ञा/सर्वनाम की गुण, संख्या, आकार, अवस्था आदि विशेषताएँ बताए, वह 'विशेषण' है।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः उत्तर 'विशेषण' है। Quick Tip: विशेषण = संज्ञा/सर्वनाम को विशेष (qualified) करने वाला शब्द।
'पचास हाथी' - किस विशेषण का उदाहरण है ?
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Step 1: संख्यावाचक विशेषण की परिभाषा।
जो विशेषण संख्याओं को व्यक्त करें, उन्हें संख्यावाचक विशेषण कहते हैं।
Step 2: अनुप्रयोग।
'पचास हाथी' में 'पचास' संख्या को प्रकट कर रहा है।
Step 3: निष्कर्ष।
अतः यह संख्यावाचक विशेषण है। Quick Tip: संख्यावाचक विशेषण वस्तुओं की गिनती या संख्या प्रकट करते हैं।
'मोहन मुझसे किताब लिखाता है' - किस क्रिया का उदाहरण है ?
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Step 1: प्रेरणार्थक क्रिया।
जब कोई किसी अन्य से कार्य करवाता है तो उसे प्रेरणार्थक क्रिया कहते हैं।
Step 2: उदाहरण।
'मोहन मुझसे किताब लिखाता है' में मोहन स्वयं नहीं लिख रहा, बल्कि लिखवा रहा है।
Step 3: निष्कर्ष।
इसलिए यह प्रेरणार्थक क्रिया है। Quick Tip: 'लिखवाना, खिलवाना, पढ़वाना' आदि प्रेरणार्थक क्रियाएँ हैं।
'सत्यवान एक वर्ष से अधिक जीवित नहीं रहेगा' - किस काल का उदाहरण है ?
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Step 1: काल की पहचान।
भविष्य में होने वाले कार्यों को व्यक्त करने वाला काल भविष्यत्काल कहलाता है।
Step 2: अनुप्रयोग।
वाक्य में 'नहीं रहेगा' भविष्य की स्थिति को प्रकट करता है।
Step 3: निष्कर्ष।
अतः यह भविष्यत्काल है। Quick Tip: 'गा, गे, गी' या 'रहेगा' आदि भविष्य की पहचान कराते हैं।
ऐसे शब्द, जो योगिक तो होते हैं, पर अर्थ के विचार से अपने सामान्य अर्थ को छोड़कर किसी परंपरा से विशेष अर्थ के परिचायक हैं, क्या कहलाते हैं ?
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Step 1: योगरूढ़ शब्द की परिभाषा।
योगरूढ़ शब्द वे हैं जो योगिक होते हुए भी सामान्य अर्थ छोड़कर किसी विशिष्ट अर्थ में प्रयुक्त होते हैं।
Step 2: उदाहरण।
'राजपुत्र' का अर्थ 'राजा का पुत्र' न होकर 'राजकुमार' होता है।
Step 3: निष्कर्ष।
अतः यह योगरूढ़ शब्द कहलाता है। Quick Tip: योगरूढ़ = योगिक रूप + विशिष्ट अर्थ (परंपरा से स्थिर)।
'अजान' शब्द में उपसर्ग क्या है ?
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Step 1: उपसर्ग ज्ञान।
'अ' उपसर्ग का प्रयोग शब्दों के विपरीत अर्थ में किया जाता है।
Step 2: अनुप्रयोग।
'जान' (ज्ञान) में 'अ' उपसर्ग जुड़ने से 'अजान' बनता है।
Step 3: निष्कर्ष।
अतः उपसर्ग 'अ' है। Quick Tip: 'अ' उपसर्ग अक्सर नकारात्मकता या अभाव को दर्शाता है।
बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का जन्म किस परिवार में हुआ था ?
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Step 1: ऐतिहासिक तथ्य।
भीमराव अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को महू (मध्यप्रदेश) में एक दलित परिवार में हुआ।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः सही उत्तर दलित है। Quick Tip: डॉ. अंबेडकर को 'भारतीय संविधान के निर्माता' कहा जाता है।
मैक्समूलर का जन्म आधुनिक जर्मनी के किस नगर में हुआ था ?
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Step 1: तथ्य।
फ्रेडरिक मैक्समूलर का जन्म 1823 में जर्मनी के थुरिंगिया प्रांत के डेसाउ नगर में हुआ था।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः सही उत्तर 'थुरिंगिया' है। Quick Tip: मैक्समूलर संस्कृत अध्ययन और वेदों के अनुवाद के लिए प्रसिद्ध हैं।
भारत किसकी भूमि है ?
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Step 1: सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य।
भारत वैदिक धर्म और ब्राह्मण संस्कृति की भूमि माना जाता है।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः उत्तर है ब्राह्मण या वैदिक धर्म की भूमि। Quick Tip: भारत को 'वैदिक संस्कृति की जन्मभूमि' कहा जाता है।
वाराणसी के पास दारिस नामक सोने के सिक्कों से भरा घड़ा किसे मिला था ?
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Step 1: ऐतिहासिक तथ्य।
ईस्ट इंडिया कंपनी के अधिकारी रॉबर्ट क्लाइव को वाराणसी के पास दारिस नामक सोने के सिक्कों से भरा घड़ा प्राप्त हुआ था।
Step 2: निष्कर्ष।
सही उत्तर है रॉबर्ट क्लाइव। Quick Tip: रॉबर्ट क्लाइव को 'क्लाइव ऑफ इंडिया' कहा जाता है।
'प्रल्त मानव' का अर्थ क्या है ?
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Step 1: शब्दार्थ।
'प्रल्त मानव' से तात्पर्य प्राचीन समय में रहने वाले मनुष्य से है।
Step 2: निष्कर्ष।
इसलिए सही उत्तर 'प्राचीन मानव' है। Quick Tip: 'प्रल्त' शब्द = पुराना/प्राचीन।
लेखक हज़ारी प्रसाद द्विवेदी ने दयनीय जीव किसे कहा है ?
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Step 1: संदर्भ-समझ।
हज़ारी प्रसाद द्विवेदी ने निबंधों में अल्पज्ञता (कम ज्ञान) के दुष्परिणाम बताए और ऐसे व्यक्ति को दयनीय कहा जो परिवार में मार्गदर्शन का दायित्व लेकर भी अल्पज्ञान रखता हो।
Step 2: निष्कर्ष।
विकल्पों में ‘अल्पज्ञ भाई’ इसी आशय से मेल खाता है, अतः यही सही है।
Quick Tip: लेखकीय प्रश्नों में ‘मुख्य विचार’ और ‘किसे/क्यों’ पर संकेत ढूँढें— वही सही विकल्प तक पहुँचाता है।
किस शासक ने ऐसा सिक्का चलाया जिसपर नागरी लिपि में 'रामसीय' शब्द अंकित है ?
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Step 1: ऐतिहासिक तथ्य।
अकबर ने धार्मिक सहिष्णुता के प्रतीक रूप में विभिन्न भाषिक-धार्मिक रूपों के सिक्के ढलवाए, जिनमें देवनागरी ‘राम-सीया’ अंकित रूप भी मिलता है।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः उत्तर अकबर है।
Quick Tip: अकबर = सौहार्द/सहिष्णुता; नीतियों और सिक्कों में विविधता— स्मरण रखें।
चन्द्रगुप्त (द्वितीय) विक्रमादित्य का व्यक्तिगतरूप नाम क्या था ?
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Step 1: मुद्राएँ और अभिलेख।
चन्द्रगुप्त द्वितीय की मुद्राओं पर ‘देव’ रूप मिलता है; ‘विक्रमादित्य’ उपाधि है, निजी नाम में ‘देव’ उपसर्ग/रूप प्रचलित रहा।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः ‘देव’ सही विकल्प है।
Quick Tip: उपाधि और निजी नाम अलग हो सकते हैं— सिक्कों/लेखों की पाठ्यपुस्तक-स्मृति पर भरोसा रखें।
कर्नाटक प्रदेश का श्रवणबेलगोला स्थान किसका प्रसिद्ध तीर्थस्थल है ?
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Step 1: तथ्य।
श्रवणबेलगोला जैन धर्म का प्रमुख तीर्थ है जहाँ गोम्मटेश्वर (बाहुबली) की भव्य मूर्ति है।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः ‘जैनों का’ सही है।
Quick Tip: श्रवणबेलगोला \(\rightarrow\) जैन, बाहुबली; परीक्षा में बार-बार पूछा जाता है।
'बहादुर' शीर्षक पाठ में किसकी कहानी है ?
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Step 1: पाठ का सार।
कहानी में ‘बहादुर’ नाम से पुकारा जाने वाला चौकीदार केंद्र में है— उसके व्यवहार, साहस और घटनाएँ वर्णित हैं।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः यह चौकीदार की कहानी है।
Quick Tip: शीर्षक-आधारित प्रश्नों में पात्र-केन्द्र (protagonist) पहचानें— वही उत्तर होता है।
बहादुर से मार खाकर भैंस भागी-भागी किसके पास चली आई ?
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Step 1: प्रसंग।
कथानक में भैंस चोट लगने पर सुरक्षित शरण के लिए लेखक के पास आ जाती है— यह लेखक-भैँस के विश्वास संबंध को दिखाता है।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः उत्तर ‘लेखक के पास’ है।
Quick Tip: कथ्य में ‘कौन-सा पात्र किसके पास गया’— ऐसी सूचनाएँ fact-based होती हैं; पाठ का क्रम याद रखें।
'बड़े भाई' किस लेखक की रचना है ?
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Step 1: साहित्यिक जानकारी।
‘बड़े भाई’ शीर्षक संस्मरणात्मक/निबंधात्मक रचना रामविलास शर्मा के संकलनों में मिलती है; ‘बड़े भाई साहब’ अलग रचना (प्रेमचन्द) है।
Step 2: निष्कर्ष।
दिए गए विकल्पों में सही— रामविलास शर्मा।
Quick Tip: समान शीर्षक वाली रचनाओं में लेखक न गड़बड़ाएँ— ‘बड़े भाई’ \(\neq\) ‘बड़े भाई साहब’।
दक्षिण भारत के मंगल 'नागरस्वरम्' की तरह शहनाई, किसकी मंगलध्वनि का समरूप है ?
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Step 1: संगीतिक संकेत।
नागरस्वरम्/शहनाई का प्रयोग मंगली अवसरों, प्रभाती (सुबह) की मंगलध्वनि से जोड़ा जाता है।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः ‘प्रभाती’ समरूप है।
Quick Tip: ‘प्रभात/मंगल’— शहनाई/नागरस्वरम् के साथ सुबह की शुभध्वनि का सूत्र पकड़ें।
"मरते दम तक न शहनाई छूटेगी न काशी" — यह कथन किसका है ?
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Step 1: तथ्य।
उस्ताद बिस्मिल्ला ख़ाँ ने काशी और शहनाई को अपने जीवन का अविभाज्य अंग माना— यह कथन उन्हीं से जुड़ा है।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः (1) सही है।
Quick Tip: ‘काशी + शहनाई’ सुनते ही उस्ताद बिस्मिल्ला ख़ाँ— यह जोड़ी स्मरण रखें।
'नसीहत' शब्द का अर्थ क्या है ?
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Step 1: शब्दार्थ।
‘नसीहत’ का अर्थ उपदेश/सलाह/शिक्षा होता है— किसी को सुधार हेतु कही गई बात।
Step 2: निष्कर्ष।
इसलिए ‘शिक्षा’ सही है।
Quick Tip: उर्दू-उत्पत्ति वाले अनेक शब्द हिंदी में समान अर्थ से प्रयुक्त— ‘नसीहत’ = सलाह/शिक्षा।
गाँधीजी को 'महात्मा' की उपाधि किसने दी थी ?
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Step 1: ऐतिहासिक तथ्य।
रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने गाँधीजी के प्रति सम्मान और उनके नेतृत्व को देखते हुए उन्हें 'महात्मा' कहा था।
Step 2: निष्कर्ष।
इसलिए सही उत्तर है— रवीन्द्रनाथ ठाकुर।
Quick Tip: 'महात्मा' उपाधि = रवीन्द्रनाथ ठाकुर द्वारा दी गई— इसे याद रखें।
'मैं चाहता हूँ कि सब देशों की संस्कृतियों की हवा मेरे घर के चारों ओर अधिक-से-अधिक स्वतंत्रता के साथ बहती रहे।' यह किसने कहा है ?
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Step 1: कथन का आशय।
गाँधीजी चाहते थे कि सभी संस्कृतियों का आदान-प्रदान स्वतंत्रता के साथ हो लेकिन अपनी नींव पर दृढ़ रहना चाहिए।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः यह कथन गाँधीजी का है।
Quick Tip: गाँधीजी के उद्धरण अक्सर "सभी संस्कृतियों के आदान-प्रदान" और "सत्य-अहिंसा" से जुड़े होते हैं।
'श्रम विभाजन और जाति प्रथा' शीर्षक पाठ के लेखक का नाम क्या है ?
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Step 1: लेखक पहचान।
'श्रम विभाजन और जाति प्रथा' अंबेडकर द्वारा लिखा गया पाठ है जो जाति व्यवस्था की आलोचना करता है।
Step 2: निष्कर्ष।
सही उत्तर है— अंबेडकर।
Quick Tip: सामाजिक न्याय और जाति प्रथा पर आलोचना = डॉ. अंबेडकर।
'विश्व के दाँत' शीर्षक पाठ किस कहानी संग्रह से लिया गया है ?
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Step 1: तथ्य।
'विश्व के दाँत' नामक कहानी संग्रह का प्रमुख हिस्सा है।
Step 2: निष्कर्ष।
इसलिए सही उत्तर (2) है।
Quick Tip: कहानी संग्रह का नाम अक्सर शीर्षक कहानी से मेल खाता है।
'बहादुर' शीर्षक पाठ के लेखक के बड़े लड़के का नाम क्या था ?
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Step 1: पाठ की जानकारी।
'बहादुर' पाठ में लेखक के बड़े बेटे का नाम किशोर था।
Step 2: निष्कर्ष।
इसलिए सही उत्तर 'किशोर' है।
Quick Tip: चरित्र-आधारित प्रश्न = कहानी के विवरण को याद रखें।
निम्नलिखित में से कौन हिन्दी आलोचना के महत्वपूर्ण हस्ताक्षर थे ?
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Step 1: तथ्य।
रामविलास शर्मा हिन्दी आलोचना के प्रमुख आलोचक माने जाते हैं।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः सही उत्तर है— रामविलास शर्मा।
Quick Tip: हिन्दी आलोचना = रामविलास शर्मा का योगदान विशेष है।
'मेघदूत' का जर्मन पद्यानुवाद किसने किया ?
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Step 1: तथ्य।
संस्कृत काव्य 'मेघदूत' का पद्यानुवाद जर्मन भाषा में मैक्समूलर ने किया।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः उत्तर है— मैक्समूलर।
Quick Tip: विदेशी विद्वानों द्वारा संस्कृत ग्रंथों के अनुवाद स्मरण रखें।
हजारी प्रसाद द्विवेदी का जन्म किस वर्ष हुआ था ?
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Step 1: तथ्य।
प्रसिद्ध निबंधकार हजारी प्रसाद द्विवेदी का जन्म 1906 में हुआ था।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः सही उत्तर— 1906।
Quick Tip: लेखक-जीवनी आधारित प्रश्नों में वर्ष अवश्य याद रखें।
नाकूनों का बढ़ना मनुष्य की किस वृद्धि का परिणाम है ?
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Step 1: वैज्ञानिक तथ्य।
नाखून शरीर की भौतिक (पार्थिव) वृद्धि का परिणाम हैं।
Step 2: निष्कर्ष।
इसलिए सही उत्तर है— पार्थिव वृद्धि।
Quick Tip: शरीर से जुड़े प्रश्नों में वैज्ञानिक आधार देखें।
धारा नगरी का कौन शासक अपने विद्यानुराग के लिए इतिहास में प्रसिद्ध है ?
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Step 1: तथ्य।
धारा नगरी (मध्यप्रदेश) का परमार शासक भोज विद्यानुराग और साहित्य-प्रेम के लिए प्रसिद्ध था।
Step 2: निष्कर्ष।
इसलिए सही उत्तर— भोज।
Quick Tip: धारा नगरी = राजा भोज; इसे सदैव जोड़े।
'गायक' शब्द में प्रत्यय क्या है ?
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Step 1: शब्द विश्लेषण।
'गायक' = 'गाय' + 'यक' प्रत्यय।
Step 2: निष्कर्ष।
इस प्रकार 'गायक' शब्द में प्रत्यय 'यक' है।
Quick Tip: शब्द में प्रत्यय खोजते समय मूल धातु या शब्द अलग करें— जो अंत में जुड़ता है वही प्रत्यय कहलाता है।
'तालु' शब्द का विशेषण क्या होगा ?
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Step 1: रूपान्तरण।
'तालु' (संज्ञा) से विशेषण बनाने पर 'तालीय' रूप बनता है।
Step 2: निष्कर्ष।
इसलिए सही उत्तर 'तालीय' है।
Quick Tip: संज्ञा से विशेषण रूप बनाने पर 'ईय' जोड़कर रूप बदलता है।
संधि में किनका योग होता है ?
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Step 1: परिभाषा।
संधि का अर्थ है— दो वर्णों का मेल।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः संधि में दो वर्णों का योग होता है।
Quick Tip: संधि = वर्णों का मेल; समास = शब्दों का मेल।
जिसमें पूर्वपद की प्रधानता हो और समास पद अव्यय हो जाए, उसे कौन समास कहते हैं ?
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Step 1: परिभाषा।
अव्ययीभाव समास में पहला पद प्रधान होता है और पूरा पद अव्यय बन जाता है।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः सही उत्तर 'अव्ययीभाव समास' है।
Quick Tip: ‘यथा सम्भव’, ‘उपर्युक्त’ जैसे शब्द अव्ययीभाव समास के उदाहरण हैं।
'रोगग्रस्त' कौन समास है ?
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Step 1: विश्लेषण।
'रोगग्रस्त' = रोग से ग्रस्त। यहाँ 'रोग' कारक और 'ग्रस्त' मुख्य पद है।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः यह तत्पुरुष समास है।
Quick Tip: तत्पुरुष समास में पहला पद कारक संबंध दर्शाता है।
'वह बाजार की ओर आया होगा।' - किस पदबंध का उदाहरण है ?
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Step 1: विश्लेषण।
'की ओर' दिशा सूचक है, जो क्रियाविशेषण की तरह प्रयोग हुआ है।
Step 2: निष्कर्ष।
इसलिए यह क्रियाविशेषण-पदबंध है।
Quick Tip: क्रियाविशेषण पदबंध = दिशा, समय या रीति बताने वाले पदबंध।
जिस वाक्य में एक साधारण वाक्य के अतिरिक्त उसके अधीन कोई दूसरा अंगवाक्य हो, उसे क्या कहते हैं ?
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Step 1: परिभाषा।
मिश्र वाक्य में एक मुख्य वाक्य और एक या अधिक आश्रित वाक्य होते हैं।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः सही उत्तर मिश्र वाक्य है।
Quick Tip: मिश्र वाक्य = मुख्य + आश्रित वाक्य; संयुक्त वाक्य = दो स्वतंत्र वाक्य।
'कछुए ने खरगोश को हरा दिया।' किस वाक्य का उदाहरण है ?
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Step 1: विश्लेषण।
वाक्य में एक ही कर्ता, एक ही क्रिया और एक ही विचार है।
Step 2: निष्कर्ष।
इसलिए यह सरल वाक्य है।
Quick Tip: सरल वाक्य = एक ही विचार; संयुक्त = दो स्वतंत्र विचार; मिश्र = मुख्य+आश्रित।
निम्नलिखित में से शुद्ध वाक्य कौन है ?
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Step 1: जाँच।
विकल्प (1), (2), (4) में व्याकरणिक अशुद्धि है।
Step 2: निष्कर्ष।
सही वाक्य— मकड़ी जाला बुन रही है।
Quick Tip: शुद्ध वाक्य = व्याकरण और अर्थ दोनों दृष्टियों से सही होना चाहिए।
'गणेश' शब्द का पर्यायवाची क्या है ?
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Step 1: तथ्य।
'गणेश' का प्रसिद्ध पर्याय 'एकदंत' है।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः सही उत्तर— एकदंत।
Quick Tip: गणेश के पर्याय: विघ्नहर्ता, विनायक, एकदंत आदि।
'अंतर्मुखी' शब्द का विलोम क्या है ?
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Step 1: शब्दार्थ।
‘अंतर्मुखी’ का अर्थ है– जो भीतर की ओर मुख रखता है, यानी आत्ममंथन करने वाला।
Step 2: विलोम।
इसका विलोम है ‘बहिर्मुखी’ अर्थात बाहर की ओर उन्मुख व्यक्ति।
Quick Tip: अंतर्मुखी = भीतरमुखी, बहिर्मुखी = बाहरमुखी। यह एक सामान्य विलोम युग्म है।
'जिसे ईश्वर में विश्वास है' - के लिए एक शब्द क्या है ?
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Step 1: परिभाषा।
आस्तिक वह व्यक्ति है जो ईश्वर के अस्तित्व में विश्वास रखता है।
Step 2: विकल्प विश्लेषण।
नास्तिक = जो ईश्वर में विश्वास नहीं करता। इसलिए सही उत्तर है ‘आस्तिक’।
Quick Tip: आस्तिक और नास्तिक हमेशा विपरीतार्थक शब्द के रूप में पढ़ाए जाते हैं।
'उगल देना' मुहावरे का अर्थ क्या है ?
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Step 1: मुहावरे का अर्थ।
‘उगल देना’ का अर्थ होता है— किसी छिपी हुई बात को खोल देना।
Step 2: निष्कर्ष।
इसलिए सही उत्तर है ‘गुप्त बात प्रकट करना’।
Quick Tip: मुहावरे शब्दों के स्थायी समूह होते हैं, जो विशेष अर्थ व्यक्त करते हैं।
'आकाश' शब्द का पर्यायवाची क्या है ?
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Step 1: अर्थ।
‘आकाश’ का पर्याय ‘गगन’ है।
Step 2: अन्य विकल्प।
अनल = अग्नि, निकेतन = घर, शैर = शेर। अतः केवल ‘गगन’ सही है।
Quick Tip: आकाश के सामान्य पर्यायवाची हैं— गगन, नभ, व्योम।
'आगामी' शब्द का विलोम क्या है ?
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Step 1: अर्थ।
‘आगामी’ = जो आने वाला है।
Step 2: विलोम।
‘विगत’ = जो बीत चुका है। इसलिए विलोम है ‘विगत’।
Quick Tip: आगामी ↔ विगत एक सामान्य विलोम युग्म है।
'बिना पलक गिराए' - के लिए एक शब्द क्या है ?
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Step 1: परिभाषा।
‘अपलक’ = बिना पलक झपकाए देखना।
Step 2: निष्कर्ष।
इसलिए सही उत्तर है ‘अपलक’।
Quick Tip: अपलक का प्रयोग साहित्य में बहुत सामान्य है— ‘अपलक नैनों से निहारना’।
'चिराग तले अंधेरा' लोकोक्ति का अर्थ क्या है ?
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Step 1: लोकोक्ति का अर्थ।
‘चिराग तले अंधेरा’ का आशय है— पास की कमी अक्सर नहीं दिखती।
Step 2: निष्कर्ष।
इसलिए सही उत्तर है ‘अपनी बुराई नहीं दिखती’।
Quick Tip: लोकोक्तियाँ सामाजिक अनुभवों और लोकबुद्धि की उपज होती हैं।
'त्रिपाद' कौन समास है ?
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Step 1: समास का प्रकार।
‘त्रिपाद’ = तीन + पाद, संख्यावाचक + पद।
Step 2: निष्कर्ष।
यह द्विगु समास है।
Quick Tip: संख्यावाचक + संज्ञा = द्विगु समास।
'लोगों ने चोर को मारा' - किस कारक का उदाहरण है ?
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Step 1: कारक की पहचान।
‘चोर को’ = क्रिया का सीधा प्रभाव पाने वाला।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः यह ‘कर्म कारक’ है।
Quick Tip: ‘को’ विभक्ति का प्रयोग प्रायः कर्म कारक में होता है।
'पयोधर' शब्द का संधि-विच्छेद क्या होगा ?
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Step 1: संधि की पहचान।
‘पयोधर’ = पयः (दूध/जल) + धर (धारण करने वाला)।
Step 2: निष्कर्ष।
इसलिए इसका संधि-विच्छेद है ‘पयः + धर’।
Quick Tip: संधि-विच्छेद में मूल रूप पहचानना जरूरी है— यहाँ ‘पयः’ का ‘ः’ बना रहता है।
गुरु नानक की रचनाओं का संग्रह किसने किया ?
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Step 1: तथ्य।
गुरु नानक की वाणियाँ आदि ग्रंथ में संग्रहीत की गई थीं।
Step 2: संग्रहकर्ता।
इनका संग्रह गुरु अर्जुनदेव जी ने किया था।
Quick Tip: सिख धर्म के पाँचवें गुरु अर्जुनदेव ने 'आदि ग्रंथ' का संपादन किया।
"इन मुसलमान हरिजनन पै, कोटिन हिन्दू वारिये !" - यह किस कवि का कथन है?
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Step 1: काव्य सन्दर्भ।
रसखान मुस्लिम कवि थे जिन्होंने कृष्ण भक्ति को अपनाया।
Step 2: पंक्ति।
यह पंक्ति उनकी रचनाओं में मिलती है, जिसमें वे मुसलमान भक्तों को श्रेष्ठ मानते हैं।
Quick Tip: रसखान का जीवन भक्ति आंदोलन की गंगा-जमुनी संस्कृति का उदाहरण है।
'प्रेम अगिनि श्री राधिका' शीर्षक कविता में कवि ने माली-मारिन किसे कहा है ?
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Step 1: अर्थ।
इस कविता में प्रेम की उपमा बाग-बगीचे से दी गई है।
Step 2: माली-मारिन।
राधा और कृष्ण को माली-मारिन कहा गया है।
Quick Tip: साहित्य में उपमा और रूपक के माध्यम से गूढ़ भाव प्रस्तुत किए जाते हैं।
'स्वदेशी' शीर्षक कविता किससे संकलित है ?
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Step 1: तथ्य।
स्वदेशी कविता राष्ट्रप्रेम और भारतीयता का भाव लिए हुए है।
Step 2: संकलन।
यह कविता ‘जीर्ण जनपद’ से संकलित है।
Quick Tip: 'स्वदेशी' कविता राष्ट्रीय चेतना की भावना से ओत-प्रोत है।
'युगपथ' किस कवि की रचना है ?
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Step 1: तथ्य।
'युगपथ' सुमित्रानंदन पंत की रचना है।
Step 2: महत्व।
इसमें आधुनिक जीवन की समस्याओं और आदर्शों का चित्रण है।
Quick Tip: सुमित्रानंदन पंत छायावाद के प्रमुख कवियों में से हैं।
ग्रामीण जीवन का यथार्थवादी चित्रण 'प्रेमचन्द' रचित किस काव्य में है ?
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Step 1: विषयवस्तु।
‘जीर्ण जनपद’ में ग्रामीण जीवन की वास्तविकता दिखाई गई है।
Step 2: विशेषता।
किसानों के दुःख-दर्द और उनकी समस्याओं का यथार्थ चित्रण है।
Quick Tip: प्रेमचन्द ने यथार्थवादी लेखन से हिंदी साहित्य को नई दिशा दी।
मीर मुशीं ने किस कवि का वध किया था ?
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Step 1: इतिहास।
घनानंद कवि का वध मीर मुशीं ने किया था।
Step 2: कारण।
राजनीतिक परिस्थितियों और दरबारी जीवन से संबंधित घटना थी।
Quick Tip: घनानंद रीतिकाल के कवि थे, जिन्होंने श्रृंगार रस में काव्य लिखा।
"तीस कोटि सन्तान नग्न तन" - यह पंक्ति किस शीर्षक कविता की है ?
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Step 1: संदर्भ।
यह पंक्ति गणतंत्र के जन्म कविता से ली गई है।
Step 2: भाव।
कवि ने भारत की गरीबी और दीनता का चित्रण किया है।
Quick Tip: गणतंत्र का जन्म कविता राष्ट्रवादी भावना से परिपूर्ण है।
निम्न में से कौन कविता भारत में जनतंत्र के उदय का जयघोष है ?
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Step 1: तथ्य।
‘गणतंत्र का जन्म’ कविता स्वतंत्र भारत में गणराज्य के उद्घोष पर आधारित है।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः यह कविता जनतंत्र के उदय का जयघोष है।
Quick Tip: स्वतंत्रता के बाद गणतंत्र की स्थापना भारतीय साहित्य में महत्वपूर्ण विषय रहा।
'एक बूंद सहसा उछली' किसकी रचना है ?
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Step 1: तथ्य।
‘एक बूंद सहसा उछली’ अज्ञेय की रचना है।
Step 2: विशेषता।
इस कविता में जीवन के क्षणभंगुर सौंदर्य का चित्रण है।
Quick Tip: अज्ञेय प्रयोगवाद और नयी कविता के प्रमुख कवि माने जाते हैं।
गुरु नानक ने किस धर्म का प्रवर्तन किया ?
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Step 1: तथ्य।
गुरु नानक देव जी सिख धर्म के प्रवर्तक माने जाते हैं।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः सही उत्तर ‘सिख धर्म’ है।
Quick Tip: आदि गुरू नानक \(\rightarrow\) सिख धर्म की नींव; पंच प्यारे/गुरु परम्परा बाद में स्थापित हुई।
कवि घनानंद का वध किसके सैनिकों ने किया ?
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Step 1: ऐतिहासिक संदर्भ।
दिल्ली पर नादिरशाह के आक्रमण (1739) के समय उपजे उपद्रव में घनानंद के मारे जाने का उल्लेख मिलता है।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः सही उत्तर— नादिरशाह के सैनिक।
Quick Tip: घनानंद रीतिकाल के कवि थे— उनके जीवन-सम्बन्धी प्रश्न अक्सर नादिरशाह से जोड़े जाते हैं।
सम्प्रदायमुक्त कृष्णभक्त कवि कौन थे ?
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Step 1: पहचान।
रसखान मुस्लिम होकर भी कृष्णभक्ति में लीन रहे— इसलिए ‘सम्प्रदायमुक्त’ कृष्णभक्त कहे जाते हैं।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः सही उत्तर रसखान है।
Quick Tip: ‘रसखान’ = गंगा-जमनी संस्कृति का प्रतीक; कृष्ण-भक्ति की निर्बन्ध धारा।
'मेरे बिना तुम प्रभु' शीर्षक कविता किसके द्वारा भाषांतरित की गई ?
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Step 1: तथ्य।
यह कविता विदेशी काव्य का हिंदी रूपान्तरण है— जिसका अनुवाद कुँवर नारायण ने किया माना जाता है।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः विकल्प (4) सही है।
Quick Tip: कुँवर नारायण ने यूरोपीय कवियों (विशेषकर रिल्के) के उत्कृष्ट अनुवाद भी किए हैं।
तुर्की के महाकवि नाज़िम हिकमत की कविताओं के अनुवाद किस कवि ने 'पहली पुस्तिका' के रूप में किया ?
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Step 1: जानकारी।
हिन्दी में नाज़िम हिकमत के लोकप्रिय अनुवादों का श्रेय वीरेन डंगवाल को भी जाता है— ‘पहली पुस्तिका’ रूप में संकलन ज्ञात है।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः उत्तर वीरेन डंगवाल।
Quick Tip: आधुनिक हिंदी में अनेक विदेशी कवियों के अनुवाद— डंगवाल, कुँवर नारायण, नैपाल्य आदि से जुड़ते हैं।
कवयित्री अनामिका के पिता का नाम क्या था ?
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Step 1: तथ्य।
अनामिका (समकालीन प्रमुख कवयित्री) के पिता का नाम ‘श्यामनंदन किशोर’ उल्लिखित मिलता है।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः विकल्प (3) सही है।
Quick Tip: जीवनी-आधारित प्रश्नों में परिवार/जन्म-स्थान/पुरस्कार— तीनों पर ध्यान रखें।
"पंक्ति से उतर जाता है उसका 'खुद' "— किस कविता की पंक्ति है ?
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Step 1: आशय।
‘हमारी नींद’ कविता में व्यक्ति की जड़ता/समरूपता से ‘स्व’ के लुप्त होने की चिन्ता व्यक्त हुई है।
Step 2: निष्कर्ष।
दिए गए विकल्पों में यह पंक्ति ‘हमारी नींद’ से मेल खाती है।
Quick Tip: पंक्ति-आधारित प्रश्नों में कविता का मुख्य बिम्ब/भाव पकड़ें— वही सही पहचान देता है।
किसके बिना प्राणी को मुक्ति नहीं मिलती ?
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Step 1: धार्मिक मत।
भारतीय परम्पराओं में ‘गुरु-ज्ञान/दीक्षा’ को मोक्ष-मार्ग का प्रमुख साधन माना गया है।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः उत्तर— गुरु ज्ञान के बिना मुक्ति नहीं।
Quick Tip: 'गुरु बिन ज्ञान न उपजे'— लोकपंक्ति भी इसी मान्यता को पुष्ट करती है।
घनानंद किस धारा के कवि हैं ?
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Step 1: वर्गीकरण संकेत।
पाठ्यक्रमीय वर्गीकरण में घनानंद को रीतिकाल की परम्परा से हटकर स्वतंत्र भावाभिव्यक्ति के कारण ‘रीतिमुक्त’ कवि के रूप में भी रेखांकित किया जाता है।
Step 2: निष्कर्ष।
दिए गए विकल्पों में (2) सर्वाधिक उपयुक्त है।
Quick Tip: रीतिकाल/रीतिमुक्त— दोनों सन्दर्भों में घनानंद का स्मरण रहता है; विकल्पों के अनुसार निकटतम चुनें।
कवि बद्रीनारायण चौधरी 'प्रेमघन' का जन्म किस वर्ष हुआ था ?
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Step 1: जीवनी-तथ्य।
'प्रेमघन' नाम से प्रसिद्ध बद्रीनारायण चौधरी का जन्म उन्नीसवीं शताब्दी के मध्य में माना जाता है; मानक उत्तर 1857 ई॰ दिया जाता है।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः (2) सही है।
Quick Tip: तिथियाँ/वर्ष— याद रखने हेतु दशक-सूत्र बनाइए (जैसे 1857 = स्वातंत्र्य-विद्रोह का वर्ष)।
मंगम्मा को किसके साथ विवाद था ?
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Step 1: प्रसंग।
कथानक में मंगम्मा का तकरार घर-आँगन की सीमा और व्यवहार को लेकर पड़ोस से दिखाया गया है।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः विवाद ‘पड़ोसी के साथ’ था।
Quick Tip: चरित्र-संबंधी प्रश्नों में “किससे/क्यों” जैसी युग्म-सूचनाएँ याद रखें।
सातकोड़ी होता किस भाषा के प्रमुख कथाकार हैं ?
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Step 1: लेखक-भाषा पहचान।
सातकोड़ी होता (Satakodi Hota) उड़ीसा से सम्बद्ध रचनाकार माने जाते हैं।
Step 2: निष्कर्ष।
इसलिए उनकी भाषा ‘उड़िया’ है।
Quick Tip: लेखकों को क्षेत्र/भाषा से जोड़कर याद करें— पहचान तुरंत हो जाती है।
'दहकते विश्वास' शीर्षक कहानी में, तूफ़ान में किसका घर टूट गया था ?
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Step 1: घटना-स्मरण।
कहानी में तूफ़ानी रात के बाद लक्ष्मी के घर के उजड़ जाने का वर्णन है।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः सही उत्तर ‘लक्ष्मी का’ है।
Quick Tip: कथा-प्रश्नों में “किसके साथ क्या हुआ” जैसी तथ्य-सूचनाएँ सीधे पूछी जाती हैं।
किसे महसूस हुआ कि पृथ्वी और आकाश के बीच घुटन भरी हुई है ?
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Step 1: उक्ति-चिन्ह।
यह अनुभूति कथा की नायिका ‘पुष्पा’ के मनोभाव को प्रकट करती है।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः उत्तर ‘पुष्पा’ है।
Quick Tip: पंक्ति/अनुभूति आधारित प्रश्न— नायक/नायिका के नाम से जोड़कर याद करें।
बिज्जू की पत्नी का नाम क्या था ?
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Step 1: पात्र-सूचना।
कथा में बिज्जू की पत्नी का नाम ‘भँवरी/भवरी’ दिया गया है।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः सही विकल्प (3) है।
Quick Tip: नाम-आधारित प्रश्नों में वर्तनी पर भी ध्यान दें— ‘भँवरी’/‘भवरी’ जैसे रूप मिलते हैं।
'नगर' शीर्षक पाठ में अमरराज को कितना नंबर कमरा दिखलाने के लिए कहा गया ?
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Step 1: कथाविवरण।
होटल/आवास के प्रसंग में अमरराज से ‘50 नंबर’ कमरे का उल्लेख किया गया है।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः सही उत्तर— 50 नंबर।
Quick Tip: संख्या/तिथि जैसे सूक्ष्म तथ्य— पाठ पढ़ते समय अलग नोट करें।
पहले दिन पापापति को क्या था ?
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Step 1: प्रसंग।
कथा-आरम्भ में पापापति का स्वास्थ्य-दोष ‘खाँसी’ बताया गया है।
Step 2: निष्कर्ष।
इसलिए विकल्प (1) सही है।
Quick Tip: चरित्र-स्वास्थ्य/स्वभाव जैसी शुरुआती सूचनाएँ सीधे पूछ ली जाती हैं।
'माँ' शीर्षक कहानी में किसने अपने बड़े पुत्र को घर आने के लिए पत्र लिखवाया ?
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Step 1: कथा-सूत्र।
माँ की इच्छा पर छोटे पुत्र ने बड़े भाई को लौट आने हेतु पत्र लिखवाया।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः उत्तर ‘छोटे पुत्र ने’ है।
Quick Tip: परिवार-केंद्रित कथाओं में “किसने किसके लिए क्या किया”— यही अक्सर पूछा जाता है।
'खून की सुगंध' किनकी प्रसिद्ध कहानी है ?
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Step 1: स्मरण।
‘खून की सुगंध’ शीर्षक कहानी का लेखकीय उल्लेख साँवर दयाल से जोड़ा जाता है।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः सही विकल्प (4) है।
Quick Tip: शीर्षक-लेखक युग्मों की छोटी सूची बनाकर अभ्यास करें— परीक्षा में बहुत उपयोगी होता है।
कटक शहर को बाढ़ की चपेट से बचाने के लिए किसने पत्थर का बाँध बँधवाया था ?
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Step 1: ऐतिहासिक तथ्य।
ओड़िशा की ऐतिहासिक परंपरा में कटक (कटका) की रक्षा हेतु पत्थर के बाँध/तटबंध का श्रेय ययाति केशरी को दिया जाता है।
Step 2: निष्कर्ष।
अतः उत्तर— महाराज ययाति केशरी।
Quick Tip: कटक, पुरी, कोणार्क— ओड़िशा के इतिहास-प्रश्नों में शासकों के कार्यों को जोड़कर याद करें।
(क) निबंध विषय: शिक्षक दिवस
संकेत-बिन्दु:
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भूमिका:
भारत एक ऐसा देश है जहाँ गुरुओं और शिक्षकों को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। कहा गया है – “गुरु गोविन्द दोऊ खड़े, काके लागू पाय। बलिहारी गुरु आपनो, गोविन्द दियो बताय।” शिक्षक दिवस प्रतिवर्ष 5 सितम्बर को मनाया जाता है। यह दिन भारत के द्वितीय राष्ट्रपति एवं महान शिक्षक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है।
आयोजन:
इस दिन विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। छात्र-छात्राएँ अपने शिक्षकों को सम्मानित करते हैं और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते हैं। कहीं-कहीं छात्र उस दिन शिक्षक बनकर विद्यालय का संचालन करते हैं। इस प्रकार यह दिन शिक्षक और छात्र के बीच के विशेष संबंध को प्रकट करता है।
महत्ता:
शिक्षक दिवस हमें यह याद दिलाता है कि शिक्षक केवल ज्ञान देने वाले ही नहीं, बल्कि हमारे चरित्र-निर्माता, मार्गदर्शक और प्रेरक भी हैं। उनका योगदान हमारे जीवन में अमूल्य है। शिक्षा से ही व्यक्ति का बौद्धिक, नैतिक और सामाजिक विकास संभव है। यदि शिक्षक न हों तो समाज अज्ञान के अंधकार में भटक जाएगा।
उपसंहार:
अतः शिक्षक दिवस हमारे जीवन में शिक्षकों की महत्ता को स्मरण करने का अवसर है। हमें अपने शिक्षकों का सदैव सम्मान करना चाहिए और उनके बताए मार्ग पर चलकर अच्छे नागरिक बनने का प्रयास करना चाहिए। शिक्षक राष्ट्र की रीढ़ हैं, इसलिए उनका आदर करना हम सबका कर्तव्य है।
Final Answer: शिक्षक दिवस का उत्सव समाज में गुरु-शिष्य परंपरा की गरिमा को बनाए रखता है और हमें यह संदेश देता है कि “गुरु बिना ज्ञान नहीं, और ज्ञान बिना जीवन नहीं।”
(ख) निबंध विषय: विद्यार्थी जीवन
संकेत-बिन्दु:
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परिचय:
विद्यार्थी जीवन मनुष्य के समूचे व्यक्तित्व का आधार-काल है। इसी समय में अनुशासन, परिश्रम, समय-प्रबंधन और चरित्र जैसे मूल्यों की नींव पड़ती है। विद्यार्थी जितना सजग और लक्ष्य-सचेत होगा, आगे का जीवन उतना ही सफल और संतुलित बनेगा।
विद्यालय में प्रवेश:
विद्यालय में प्रवेश के साथ ही घर की सीमित दुनिया से बाहर एक नई दुनिया का आरम्भ होता है। प्रार्थना-सभा, कक्षाएँ, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएँ और खेल का मैदान—सब मिलकर सीखने का समग्र वातावरण बनाते हैं। नियमपूर्वक यूनिफॉर्म पहनना, समय पर पहुँचना और गृहकार्य करना विद्यार्थी को जिम्मेदार बनाता है।
सहपाठी:
सहपाठी विद्यार्थी-जीवन की ऊर्जा होते हैं। आपसी सहयोग, समूह-अध्ययन, वाद-विवाद, खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियाँ मित्रता को गहरा करती हैं। सहपाठियों के साथ स्वस्थ प्रतिस्पर्धा लक्ष्य-प्राप्ति में प्रेरक बनती है और असफलता का बोझ भी साझा हो जाता है।
अध्यापकों के प्रति कृतज्ञता:
अध्यापक केवल पाठ नहीं पढ़ाते, वे जीवन जीने की कला भी सिखाते हैं—कभी सख्ती से, कभी स्नेह से। वे हमारी कमियाँ पहचानकर सुधार का मार्ग दिखाते हैं, पुस्तकालय का सही उपयोग कराना, विषय चुनने में मार्गदर्शन देना और परीक्षा-भय दूर करना उनकी सतत सेवा है। उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट करना केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जीवनभर निभाया जाने वाला दायित्व है।
उपंसहार:
विद्यार्थी जीवन अवसर और दायित्व—दोनों का समन्वय है। यदि हम समय का सम्मान करें, मेहनत को आदत बनाएं और गुरुजन तथा सहपाठियों के साथ सौहार्द रखें, तो यही काल भविष्य की सफलता का पक्का आधार बन जाता है।
Final Answer:
विद्यार्थी जीवन में अनुशासन, परिश्रम, मित्रता और गुरु-श्रद्धा—ये चार स्तंभ जितने मजबूत होंगे, उतना ही उज्ज्वल भविष्य निर्मित होगा।
(ग) निबंध विषय: मेरा गाँव
संकेत-बिन्दु:
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गाँव का परिचय:
मेरा गाँव एक छोटा किन्तु सुंदर गाँव है। यह प्राकृतिक वातावरण में बसा हुआ है। चारों ओर खेत-खलिहान, तालाब और वृक्ष इसकी शोभा बढ़ाते हैं। यहाँ का वातावरण शुद्ध और शांत है, जो मन को सुकून देता है।
गाँव के लोग:
गाँव के लोग सरल, ईमानदार और परिश्रमी होते हैं। वे कृषि और पशुपालन करके जीवन यापन करते हैं। यहाँ लोग एक-दूसरे के सुख-दुःख में साथ देते हैं और मिलजुलकर रहते हैं। पारस्परिक सहयोग की भावना गाँववासियों का मुख्य गुण है।
गाँव की सुंदरता:
गाँव की प्राकृतिक छटा मनमोहक होती है। सुबह सूर्योदय का दृश्य और शाम को डूबते सूरज की आभा अद्भुत लगती है। हरियाली से भरे खेत और कल-कल बहते जल स्रोत गाँव की सुंदरता को और बढ़ाते हैं। यहाँ का वातावरण स्वास्थ्यवर्धक और हृदय को प्रसन्न करने वाला है।
गाँव की पाठशाला:
मेरे गाँव में एक प्राथमिक विद्यालय है, जहाँ बच्चे पढ़ाई करते हैं। विद्यालय में शिक्षक बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कार भी देते हैं। विद्यालय के प्रांगण में वृक्ष लगे हुए हैं और खेल-कूद की भी सुविधा है। यह विद्यालय गाँव के बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने में सहायक है।
Final Answer:
मेरा गाँव सादगी, परिश्रम और भाईचारे का प्रतीक है। यहाँ के लोग मिलजुलकर जीवन बिताते हैं और प्रकृति की गोद में पलते हैं। सचमुच गाँव ही भारतीय संस्कृति और परंपरा का सच्चा दर्पण है।
(ङ) निबंध विषय: होली
संकेत-बिन्दु:
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प्रारम्भ:
भारत त्योहारों का देश है। यहाँ हर त्योहार सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। होली भारतीय संस्कृति का एक प्रमुख और लोकप्रिय त्योहार है। इसे रंगों का त्योहार भी कहा जाता है।
पौराणिकता:
होली का संबंध प्राचीन पौराणिक कथाओं से है। कहा जाता है कि भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए भगवान विष्णु ने होलिका का दहन किया। यह बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। इस दिन होलिका दहन करके लोग यह संदेश देते हैं कि बुराई कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः अच्छाई की ही विजय होती है।
उल्लास की अभिव्यक्ति:
होली के दिन लोग एक-दूसरे को रंग और गुलाल लगाते हैं। ढोल-नगाड़ों और गीत-संगीत से वातावरण आनंदमय हो उठता है। बच्चे, बूढ़े और युवा सभी इसमें भाग लेते हैं। मिठाइयाँ बाँटी जाती हैं और लोग आपसी मेल-जोल और प्रेमभावना को प्रकट करते हैं।
साहित्य में वर्णन:
होली का वर्णन हिन्दी साहित्य में बड़े ही रोचक रूप में मिलता है। भक्तिकाल के कवि सूरदास, कबीर और रीतिकाल के कवि बिहारी, केशव, पद्माकर आदि ने होली के प्रसंगों का सुंदर चित्रण किया है। विशेषकर ब्रज क्षेत्र की होली विश्वविख्यात है।
उपसंहार:
होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह भाईचारे और प्रेम का संदेश देने वाला पर्व है। यह हमें भेदभाव भूलकर एकता और समानता का पाठ पढ़ाता है।
Final Answer:
होली का त्योहार आनंद, सौहार्द और प्रेम की भावना का प्रतीक है। यह हमें यह सिखाता है कि जीवन में हर्ष और मेलजोल बनाए रखना ही सच्ची खुशी है।
अपने प्रधानाध्यापक के पास एक आवेदन पत्र लिखिए, जिसमें छात्रों के लिए समुचित शौचालय उपलब्ध कराने का निवेदन किया गया हो।
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आवेदन पत्र
सेवा में,
प्रधानाध्यापक महोदय,
राजकीय उच्च विद्यालय, [आपका नगर]।
दिनांक: [तारीख]
विषय: छात्रों के लिए समुचित शौचालय उपलब्ध कराने हेतु आवेदन।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि हमारे विद्यालय में छात्र-छात्राओं की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, किन्तु शौचालय की उचित सुविधा नहीं है। वर्तमान शौचालय अपर्याप्त एवं जीर्ण-शीर्ण हो चुके हैं, जिसके कारण छात्रों को अत्यधिक कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
अतः आपसे निवेदन है कि विद्यालय में छात्रों के लिए समुचित एवं स्वच्छ शौचालय की व्यवस्था कराने की कृपा करें। आपके इस कार्य से विद्यार्थियों को अत्यधिक लाभ होगा।
सधन्यवाद,
आपका आज्ञाकारी छात्र,
{आपका नाम}
कक्षा – [ ]
छात्रावास में रहने के लिए पिता-पुत्र के बीच का संवाद लिखिए।
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संवाद लेखन
पुत्र: पिताजी, मैं चाहता हूँ कि अब छात्रावास में रहकर पढ़ाई करूँ। वहाँ पढ़ाई का अच्छा वातावरण है।
पिता: बेटा, छात्रावास में पढ़ाई तो अच्छी होगी, पर घर से दूर रहकर तुम्हें कठिनाई तो होगी।
पुत्र: जी पिताजी, कठिनाई तो होगी, पर मैं आत्मनिर्भर बनना चाहता हूँ। वहाँ अनुशासन और समय का पालन सिखाया जाता है।
पिता: यह अच्छी बात है। पर घर की देखभाल और माँ की चिंता तुम्हें खलेगी।
पुत्र: मैं छुट्टियों में घर आता रहूँगा। आप निश्चिंत रहें। मेरी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने का यही उचित उपाय है।
पिता: ठीक है बेटा, यदि तुम्हारी यही इच्छा है तो मैं तुम्हें छात्रावास में भेजने को तैयार हूँ।
पुत्र: धन्यवाद पिताजी, मैं आपके विश्वास पर खरा उतरूँगा।
Final Answer:
इस प्रकार पिता और पुत्र के बीच का यह संवाद छात्रावास में रहने के लाभ और कठिनाइयों को स्पष्ट करता है।
(a) काशू और मदन के बीच झगड़े का कारण क्या था? इस प्रसंग के द्वारा लेखक क्या दिखाना चाहते हैं? 'विष के दाँत' शीर्षक पाठ के आधार पर उत्तर दें।
View Solution
काशू और मदन के बीच झगड़े का कारण आपसी ईर्ष्या और गलतफहमी थी। काशू अपने अधिकारों को लेकर संवेदनशील था, जबकि मदन ने उसकी बातों को महत्वहीन समझा। इस झगड़े के माध्यम से लेखक यह दर्शाना चाहते हैं कि ईर्ष्या और अहंकार संबंधों को बिगाड़ते हैं और समाज में कलह फैलाते हैं।
Final Answer:
काशू और मदन का झगड़ा ईर्ष्या व अहंकार का परिणाम था, जिसके द्वारा लेखक पारस्परिक विश्वास की महत्ता समझाना चाहते हैं।
(b) लेखक भीमराव अंबेडकर आज के उद्योगों में गरीबी और उत्पीड़न से भी बड़ी समस्या किसे मानते हैं और क्यों?
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भीमराव अंबेडकर के अनुसार उद्योगों में सबसे बड़ी समस्या अशिक्षा और सामाजिक असमानता है। उनका मानना था कि यदि श्रमिक शिक्षित और जागरूक न हों तो वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष नहीं कर पाएंगे। गरीबी और उत्पीड़न तो इसके परिणाम हैं, जबकि मूल कारण अशिक्षा और असमानता है।
Final Answer:
डॉ. अंबेडकर ने अशिक्षा व असमानता को उद्योगों की सबसे बड़ी समस्या बताया है, क्योंकि यही शोषण का मुख्य कारण है।
(c) वेदांतियों का भी वेदांती किसे कहा गया है और किसने कहा है?
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‘वेदांतियों का भी वेदांती’ स्वामी विवेकानंद को कहा गया है। यह उपाधि उन्हें रामकृष्ण परमहंस के अनुयायियों तथा विद्वानों ने दी थी, क्योंकि उन्होंने वेदांत के सिद्धांतों को पूरे विश्व में फैलाया और व्यावहारिक रूप से उसे जीवन में अपनाने पर बल दिया।
Final Answer:
स्वामी विवेकानंद को ‘वेदांतियों का भी वेदांती’ कहा गया है।
(d) भारत को पहचान सकनेवाली दृष्टि की आवश्यकता किनके लिए वांछनीय है और क्यों? 'भारत से हम क्या सीखें' शीर्षक पाठ के आधार पर लिखें।
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भारत को पहचान सकनेवाली दृष्टि की आवश्यकता नई पीढ़ी और समाज के सभी वर्गों के लिए है। इसका कारण यह है कि भारत विविधताओं में एकता, सहिष्णुता और आध्यात्मिकता का संदेश देता है। यदि हम अपनी पहचान और संस्कृति को समझेंगे तो आधुनिकता में भी अपने मूल्यों को सुरक्षित रख पाएंगे।
Final Answer:
भारत की पहचान समझने वाली दृष्टि नई पीढ़ी और समाज के लिए आवश्यक है, क्योंकि यही हमें संस्कृति और मूल्यों से जोड़े रखती है।
(e) 'हृरिसस' से कवि का अभिप्राय क्या है? पठित कविता के अनुसार लिखें।
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‘हृरिसस’ से कवि का अभिप्राय हृदय की गहराइयों से निकली हुई वे भावनाएँ हैं जो जीवन की सच्चाई और अनुभव को व्यक्त करती हैं। कवि ने इसे मनुष्य के भीतर छिपी संवेदनाओं की स्वाभाविक अभिव्यक्ति कहा है।
Final Answer:
कवि के अनुसार ‘हृरिसस’ हृदय की गहन भावनाओं की सच्ची और स्वाभाविक अभिव्यक्ति है।
(f) कवि कहाँ अपने आँसुओं को पहुँचाना चाहता है और क्यों? लिखें।
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कवि अपने आँसुओं को ईश्वर के चरणों तक पहुँचाना चाहता है। वह ऐसा इसलिए चाहता है क्योंकि आँसू उसके हृदय के दुख और पीड़ा का प्रतीक हैं और उन्हें ईश्वर को अर्पित करने से उसे आत्मिक शांति मिलती है।
Final Answer:
कवि अपने आँसुओं को ईश्वर तक पहुँचाना चाहता है ताकि वह अपनी पीड़ा से मुक्ति पाकर शांति प्राप्त कर सके।
(g) कवि प्रेमचंद नगर बाजार और अर्थव्यवस्था पर क्या टिप्पणी करते हैं? लिखें।
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प्रेमचंद नगर बाजार और अर्थव्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए कहते हैं कि वहाँ व्यापार में ईमानदारी का अभाव है। स्वार्थ और लालच के कारण लोग एक-दूसरे को धोखा देते हैं। इस प्रकार की व्यवस्था समाज में अन्याय और असमानता को जन्म देती है।
Final Answer:
प्रेमचंद के अनुसार नगर बाजार की अर्थव्यवस्था स्वार्थ और छल पर आधारित है।
(h) कवि सुमित्रानंदन पंत की दृष्टि में आज भारतमाता का तप-संयम क्यों सफल है? लिखें।
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सुमित्रानंदन पंत के अनुसार भारतमाता का तप-संयम आज इसलिए सफल है क्योंकि भारत ने स्वतंत्रता प्राप्त कर अपनी पहचान और संस्कृति को पुनः स्थापित किया है। यह त्याग, धैर्य और संघर्ष का परिणाम है।
Final Answer:
भारतमाता का तप-संयम सफल है क्योंकि स्वतंत्रता के साथ ही उसकी साधना और संघर्ष ने फल दिया है।
(i) लक्ष्मी कौन थी और उसका घर कहाँ था? 'ढहते विश्वास' शीर्षक कहानी के अनुसार लिखें।
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लक्ष्मी कहानी ‘ढहते विश्वास’ की पात्र थी। वह एक साधारण ग्रामीण महिला थी और उसका घर गाँव में था, जो तूफान आने पर टूट गया था। यह घटना उसके जीवन के संघर्ष और दुःख को व्यक्त करती है।
Final Answer:
लक्ष्मी गाँव की महिला थी और उसका घर तूफान में ढह गया था।
(j) माँ मंगु की श्रेणी में क्यों मिल गई? कहानी कला की दृष्टि से कहानी का अंत कैसा है? लिखें।
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माँ मंगु की श्रेणी में इसलिए मिल गई क्योंकि उसने अपने जीवन को समाज और परिवार के लिए समर्पित कर दिया था। कहानी कला की दृष्टि से इसका अंत यथार्थवादी और संवेदनशील है, जो पाठक को भावनात्मक रूप से स्पर्श करता है।
Final Answer:
माँ का मंगु की श्रेणी में मिलना त्याग और समर्पण का प्रतीक है और कहानी का अंत यथार्थवादी व प्रभावशाली है।
निम्नलिखित प्रश्नों में से किसी एक प्रश्न का उत्तर लिखिए। (शब्द सीमा लगभग 100):
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(a) आशय स्पष्ट करें:
यह पंक्ति स्वतंत्रता और मानवता के मूल्यों को प्रकट करती है। कवि कहना चाहता है कि उसका धर्म किसी प्रकार की कैद या बंधन में नहीं है। धर्म का अर्थ मनुष्य की आत्मा की स्वतंत्रता, समानता और न्याय से है, न कि संकीर्णता या कारावास से।
(b) व्याख्या करें:
इन पंक्तियों में कवि ने सौंदर्य और प्राकृतिक प्रेम को अभिव्यक्त किया है। यहाँ हंस का प्रतीक प्रयोग कर कवि ने जीवन की स्वतंत्रता और सौंदर्य का चित्रण किया है। हंस की तरह वह दिनभर जल में तैरना चाहता है, जहाँ चारों ओर घास की हरियाली और गंध भरी हो। इसमें जीवन की सहजता और प्राकृतिक आकर्षण की अभिव्यक्ति है।
Final Answer:
(a) कवि धर्म को स्वतंत्रता और न्याय से जोड़ते हैं, न कि कैदखाने से।
(b) कवि ने प्राकृतिक सौंदर्य और स्वतंत्र जीवन की अभिलाषा को हंस के माध्यम से प्रकट किया है।





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