The Bihar School Examination Board (BSEB) Class 10 Hindi Question Paper 2026 PDF is available for download here. The Hindi exam was conducted on February 17, 2026, in two shifts — Morning Shift (9:30 AM to 12:45 PM) and Afternoon Shift (2:00 PM to 5:15 PM) — at various examination centres across Bihar.

The Hindi theory examination carried 100 marks. As per the paper structure, the question paper included Section A (Objective-type questions/MCQs), Section B (Very Short Answer questions), Section C (Short Answer questions), and Section D (Long Answer questions).

Bihar Board Class 10 Hindi Question Paper 2026 With Solution PDF

Bihar Board Class 10 Hindi Question Paper 2026  Download Check Solutions
Bihar Board Class 10 Hindi Question Paper 2026

Question 1:

‘द’ का उच्चारण-स्थान है:

  • (A) ओष्ठ
  • (B) तालु
  • (C) दंत
  • (D) कंठ
Correct Answer:
View Solution




चरण 1: उच्चारण-स्थान को समझना।

वर्णों का उच्चारण-स्थान वह स्थान होता है जहाँ से ध्वनि निकलती है। ‘द’ ध्वनि का उच्चारण तालु के पास होता है, इसलिए इसका उच्चारण-स्थान तालु है।



चरण 2: निष्कर्ष।

इसलिए, ‘द’ का उच्चारण-स्थान तालु है, और सही उत्तर है: \[ \boxed{(B) तालु} \] Quick Tip: ‘द’ ध्वनि का उच्चारण तालु से होता है। तालु के पास उच्चारित ध्वनियों में ‘द’, ‘ध’ और ‘त’ जैसी ध्वनियाँ आती हैं।


Question 2:

निम्न में कौन दंतक्ष्य ध्वनि है?

  • (A) अ
  • (B) इ
  • (C) ब
  • (D) व
Correct Answer:
View Solution




चरण 1: दंतक्ष्य ध्वनि को समझना।

दंतक्ष्य ध्वनियाँ वे होती हैं जिन्हें दांतों के सहारे उच्चारित किया जाता है। इनमें 'ब' ध्वनि दंतक्ष्य ध्वनि है।



चरण 2: निष्कर्ष।

इसलिए, ‘ब’ एक दंतक्ष्य ध्वनि है, और सही उत्तर है: \[ \boxed{(C) ब} \] Quick Tip: दंतक्ष्य ध्वनियाँ वे होती हैं जिन्हें दांतों से उच्चारित किया जाता है, जैसे 'ब' और 'भ'।


Question 3:

‘ई’ का उच्चारण-स्थान है:

  • (A) कंठ
  • (B) तालु
  • (C) मूर्धा
  • (D) ओष्ठ
Correct Answer:
View Solution




चरण 1: उच्चारण-स्थान को समझना।

‘ई’ ध्वनि का उच्चारण मूर्धा से होता है। मूर्धा वह स्थान है जहाँ से ध्वनियाँ जीभ के ऊपरी भाग से निकलती हैं।



चरण 2: निष्कर्ष।

इसलिए, ‘ई’ का उच्चारण-स्थान मूर्धा है, और सही उत्तर है: \[ \boxed{(C) मूर्धा} \] Quick Tip: मूर्धा उच्चारण स्थान वह स्थान है जहाँ जीभ का ऊपरी भाग दांतों के पास होता है, जैसे ‘ई’ और ‘र’ जैसी ध्वनियाँ।


Question 4:

छंदशास्त्र में दीर्घ मात्रा को क्या कहते हैं?

  • (A) हल्व
  • (B) लघु
  • (C) पूरित
  • (D) गुरु
Correct Answer:
View Solution




चरण 1: दीर्घ और लघु मात्राओं को समझना।

छंदशास्त्र में, दीर्घ मात्रा वह होती है जिसे दो अल्पविरामों के समान समय में उच्चारित किया जाता है। इसे गुरु कहते हैं।



चरण 2: निष्कर्ष।

इसलिए, छंदशास्त्र में दीर्घ मात्रा को गुरु कहा जाता है, और सही उत्तर है: \[ \boxed{(D) गुरु} \] Quick Tip: छंदशास्त्र में दीर्घ मात्रा (गुरु) वह होती है जिसे सामान्य से अधिक समय तक उच्चारित किया जाता है, जबकि लघु मात्रा (हल्व) वह होती है जिसे कम समय में उच्चारित किया जाता है।


Question 5:

‘हिंदी साहित्य की भूमिका’ किसकी रचना है?

  • (A) हज़ारी प्रसाद द्विवेदी की
  • (B) रामविलास शर्मा की
  • (C) महात्मा गांधी की
  • (D) गुणाकर मुळे की
Correct Answer:
View Solution




चरण 1: हिंदी साहित्य की भूमिका को समझना।

‘हिंदी साहित्य की भूमिका’ हज़ारी प्रसाद द्विवेदी द्वारा लिखित एक प्रसिद्ध काव्य निबंध है, जिसमें उन्होंने हिंदी साहित्य की महत्वता और उद्देश्य को स्पष्ट किया है।



चरण 2: निष्कर्ष।

इसलिए, ‘हिंदी साहित्य की भूमिका’ हज़ारी प्रसाद द्विवेदी की रचना है, और सही उत्तर है: \[ \boxed{(A) हज़ारी प्रसाद द्विवेदी की} \] Quick Tip: ‘हिंदी साहित्य की भूमिका’ एक महत्वपूर्ण निबंध है जिसमें हिंदी साहित्य के विकास और उद्देश्य पर चर्चा की गई है। यह निबंध हज़ारी प्रसाद द्विवेदी द्वारा लिखा गया था।


Question 6:

‘अपरिहाय’ शब्द का अर्थ है

  • (A) मुड़ा का एक प्राचीन प्रकार
  • (B) जिसे छोड़ा न जा सके, अनिवार्य
  • (C) उदारता, भलमनसाहत
  • (D) वर्तमान, उपस्थित
Correct Answer:
View Solution




चरण 1: अपरिहाय शब्द का अर्थ।

‘अपरिहाय’ शब्द का अर्थ होता है "जिसे छोड़ा न जा सके" या "अनिवार्य"। यह शब्द उन चीजों या परिस्थितियों के लिए प्रयोग किया जाता है जिन्हें छोड़ना या हटाना संभव नहीं होता।



चरण 2: निष्कर्ष।

इसलिए, ‘अपरिहाय’ शब्द का अर्थ है: \[ \boxed{(B) जिसे छोड़ा न जा सके, अनिवार्य} \] Quick Tip: ‘अपरिहाय’ शब्द का प्रयोग किसी ऐसी स्थिति या वस्तु के लिए किया जाता है जिसे छोड़ा नहीं जा सकता, अर्थात वह अनिवार्य होती है।